टिंगखांगविधान सभा चुनाव का परिणाम, 1996
अतुवा मुण्डा (INC) ने 1996 के विधान सभा चुनाव में 44.9% वोट पाकर टिंगखांग सीट जीती और अनूप फुकन (AGP) को 1,957 वोटों से हराया।
1978 के चुनाव से पहले सीटों की सीमाएँ नए सिरे से तय की गईं। 1972 में सीट नंबर 119 टेंगाखात थी। 2021 के बाद सीटों की सीमाएँ नए सिरे से तय की गईं। 2026 से सीट नंबर 119 सोनाई है। इस इलाक़े के पहले के परिणामों के लिए सीट का इतिहास देखें।
विजेता
नज़दीकी मुक़ाबला। अतुवा मुण्डा 3.0% के अंतर से जीते।
सीट का इतिहास
सभी उम्मीदवार
10 उम्मीदवार| # | उम्मीदवार | पार्टी | मिले वोट · %मतों का हिस्सा |
|---|---|---|---|
| 1 | अतुवा मुण्डा | 28,91044.9% | |
| 2 | अनूप फुकन संयुक्त मोर्चा | संयुक्त मोर्चा | 26,95341.8% |
| 3 | उमेश कछारी निर्दलीय | निर्दलीय | 2,7964.3% |
| 4 | करेन मुरारी CPI(ML)(L) | CPI(ML)(L) | 2,0093.1% |
| 5 | तेवफिल कुल्लू URMCA | URMCA | 1,1641.8% |
| 6 | तिलेश्वर चांगमाई | 9291.4% | |
| 7 | देबारु तस्सा AIIC(T) | AIIC(T) | 6851.1% |
| 8 | ब्रजेन निर्मोलिया संयुक्त मोर्चा | संयुक्त मोर्चा | 6070.9% |
| 9 | भुबन गोगोई संयुक्त मोर्चा | संयुक्त मोर्चा | 2760.4% |
| 10 | रोमा चौडांग निर्दलीय | निर्दलीय | 1220.2% |
ज़मानत ज़ब्त: उम्मीदवार को कुल वैध वोटों के छठे हिस्से से कम वोट मिले, इसलिए जन प्रतिनिधित्व अधिनियम 1951 की धारा 158 के तहत उसकी ज़मानत राशि ज़ब्त हो जाती है।
परिणाम पूरे हैं; इस सीट के चुनावी हलफ़नामों की जानकारी अभी उपलब्ध नहीं है।
नज़दीकी मुक़ाबला, दो से तीन दलों का मुक़ाबला।
यह सीट कितनी पक्की है?
जीत का अंतर, कुल वोटों के प्रतिशत में
कितने लोगों ने वोट डाला?
पंजीकृत मतदाताओं में से
मुक़ाबले में असल में कितने दल थे?
INC, AGP और एक निर्दलीय को 91% वोट मिले।
मुक़ाबले में दलों की प्रभावी संख्या 2.63 दलों की प्रभावी संख्या — यह हर दल को उसके मतों के हिस्से के हिसाब से गिनती है।
सदन में किसके पास कितनी सीटें?
वोट किस तरह बँटे?
यह सीट नंबर 2026 से दोबारा इस्तेमाल हुआ है। हमारे पास मौजूद ज़िले के आँकड़े इस सीट को 2026 से लड़ी गई सीट मानते हैं, इसलिए पहले के चुनावों के लिए ये नहीं दिखाए जाते।
राज्य के आँकड़े पूछें
RBI 2024-25ये आँकड़े पूरे राज्य के हैं, इस सीट के नहीं।
टिंगखांग से कौन जीता, 1978–2021
INC ने 1991 में जीती यह सीट फिर से अपने पास रखी। उसे मिले वोटों का प्रतिशत 47.4% से घटकर 44.9% रह गया। 1978 से अब तक यहाँ के किसी भी चुनाव में यह सबसे कड़ा मुक़ाबला था। मतदान प्रतिशत 1991 के 62.0% से बढ़कर 70.9% हो गया। इसके बाद 2001 के चुनाव में भी INC ने यह सीट अपने पास रखी।
- 1978भद्रेश्बर गोगोई (JNP), जीत का अंतर 8.7%
- 1985अतुल चन्द्र कोच (IND), जीत का अंतर 10.6%
- 1991पृथिबी माझी (INC), जीत का अंतर 30.5%
- 1996अतुवा मुण्डा (INC), जीत का अंतर 3.0%
- 2001एतुवा मुण्डा (INC), जीत का अंतर 0.6%
- 2006अनूप फुकन (AGP), जीत का अंतर 5.6%
- 2011अतुवा मुण्डा (INC), जीत का अंतर 18.2%
- 2016बिमल बोरा (BJP), जीत का अंतर 17.6%
- 2021बिमल बोरा (BJP), जीत का अंतर 23.9%