कोव्वूरविधान सभा चुनाव का परिणाम, 2004
एंड्याला वेंकट कृष्ण राव (कृष्ण बाबू) (TDP) ने 2004 के विधान सभा चुनाव में 48.3% वोट पाकर कोव्वूर सीट जीती और एस. राव (INC) को 1,331 वोटों से हराया।
1978 के चुनाव से पहले सीटों की सीमाएँ नए सिरे से तय की गईं। 1972 में भी सीट नंबर 72 का नाम कोव्वूर था, तब सीमाएँ पुरानी थीं। 2004 के बाद सीटों की सीमाएँ नए सिरे से तय की गईं। 2009 से सीट नंबर 72 कोडंगल है। इस इलाक़े के पहले के परिणामों के लिए सीट का इतिहास देखें।
विजेता
कोव्वूर का फ़ैसला सिर्फ़ 1.0% के बेहद मामूली अंतर से हुआ — विजेता और दूसरे नंबर पर रहे उम्मीदवार के बीच 1,331 से भी कम वोटों का फ़ासला था।
सीट का इतिहास
सभी उम्मीदवार
7 उम्मीदवार| # | उम्मीदवार | पार्टी | मिले वोट · %मतों का हिस्सा |
|---|---|---|---|
| 1 | एंड्याला वेंकट कृष्ण राव (कृष्ण बाबू) NDA | NDA | 65,32948.3% |
| 2 | एस. राव UPA | UPA | 63,99847.3% |
| 3 | अल्ली वेंकट रमणय्या | 2,8222.1% | |
| 4 | वेंकटेश्वरा राव निर्दलीय | निर्दलीय | 1,0100.8% |
| 5 | ओविंदा राव कोर्नी निर्दलीय | निर्दलीय | 8950.7% |
| 6 | ईराजु गेलम निर्दलीय | निर्दलीय | 7580.6% |
| 7 | विष्णु मूर्ति निर्दलीय | निर्दलीय | 5660.4% |
ज़मानत ज़ब्त: उम्मीदवार को कुल वैध वोटों के छठे हिस्से से कम वोट मिले, इसलिए जन प्रतिनिधित्व अधिनियम 1951 की धारा 158 के तहत उसकी ज़मानत राशि ज़ब्त हो जाती है।
परिणाम पूरे हैं; इस सीट के चुनावी हलफ़नामों की जानकारी अभी उपलब्ध नहीं है।
नज़दीकी मुक़ाबला, असल में दो दलों का मुक़ाबला।
यह सीट कितनी पक्की है?
जीत का अंतर, कुल वोटों के प्रतिशत में
कितने लोगों ने वोट डाला?
पंजीकृत मतदाताओं में से
मुक़ाबले में असल में कितने दल थे?
TDP और INC को 96% वोट मिले।
मुक़ाबले में दलों की प्रभावी संख्या 2.19 दलों की प्रभावी संख्या — यह हर दल को उसके मतों के हिस्से के हिसाब से गिनती है।
सदन में किसके पास कितनी सीटें?
वोट किस तरह बँटे?
यह सीट नंबर 2009 से दोबारा इस्तेमाल हुआ है। हमारे पास मौजूद ज़िले के आँकड़े इस सीट को 2009 से लड़ी गई सीट मानते हैं, इसलिए पहले के चुनावों के लिए ये नहीं दिखाए जाते।
राज्य के आँकड़े पूछें
RBI 2024-25ये आँकड़े पूरे राज्य के हैं, इस सीट के नहीं।
कोव्वूर से कौन जीता, 1978–2004
TDP ने यह सीट INC से छीन ली, जिसने इसे 1999 में जीता था; TDP ने यहाँ पिछली बार 1994 में जीत दर्ज की थी। 1978 से अब तक यहाँ के किसी भी चुनाव में यह सबसे कड़ा मुक़ाबला था। मतदान प्रतिशत 1999 के 74.2% से बढ़कर 79.5% हो गया।
- 1978मुन्शी अब्दुल अजीज (INC(I)), जीत का अंतर 1.9%
- 1983पेंड्याला वेंकट कृष्ण राव (TDP), जीत का अंतर 66.1%
- 1985पेंड्याला वेंकट कृष्ण राव (TDP), जीत का अंतर 35.5%
- 1989पेंड्याला वेंकट कृष्णराव (TDP), जीत का अंतर 6.4%
- 1994पेंड्याला वेंकट कृष्ण राव (TDP), जीत का अंतर 13.5%
- 1999जी. एस. राव (INC), जीत का अंतर 5.2%
- 2004एंड्याला वेंकट कृष्ण राव (कृष्ण बाबू) (TDP), जीत का अंतर 1.0%