बुरुगुपूडीविधान सभा चुनाव का परिणाम, 2004
चित्तूरी रविन्द्र (INC) ने 2004 के विधान सभा चुनाव में 47.2% वोट पाकर बुरुगुपूडी सीट जीती और अन्नपुर्णा पेंदुर्थी (TDP) को 1,459 वोटों से हराया।
1978 के चुनाव से पहले सीटों की सीमाएँ नए सिरे से तय की गईं। 1972 में भी सीट नंबर 39 का नाम बुरुगुपूडी था, तब सीमाएँ पुरानी थीं। 2004 के बाद सीटों की सीमाएँ नए सिरे से तय की गईं। 2009 से सीट नंबर 39 संगारेड्डी है। इस इलाक़े के पहले के परिणामों के लिए सीट का इतिहास देखें।
विजेता
बुरुगुपूडी का फ़ैसला सिर्फ़ 1.3% के बेहद मामूली अंतर से हुआ — विजेता और दूसरे नंबर पर रहे उम्मीदवार के बीच 1,459 से भी कम वोटों का फ़ासला था।
सीट का इतिहास
सभी उम्मीदवार
6 उम्मीदवार| # | उम्मीदवार | पार्टी | मिले वोट · %मतों का हिस्सा |
|---|---|---|---|
| 1 | चित्तूरी रविन्द्र Congress-TRS-Left combine (AP 2004) (UPA गठबंधन) | Congress-TRS-Left combine (AP 2004) (UPA गठबंधन) | 53,50647.2% |
| 2 | अन्नपुर्णा पेंदुर्थी | 52,04745.9% | |
| 3 | मर्रे समुद्रम निर्दलीय | निर्दलीय | 3,6713.2% |
| 4 | चिंतापल्ली चंद्रम | 2,0061.8% | |
| 5 | नागरत्नम पल्ला निर्दलीय | निर्दलीय | 1,2341.1% |
| 6 | कोरपु अच्चमांबा निर्दलीय | निर्दलीय | 9620.8% |
ज़मानत ज़ब्त: उम्मीदवार को कुल वैध वोटों के छठे हिस्से से कम वोट मिले, इसलिए जन प्रतिनिधित्व अधिनियम 1951 की धारा 158 के तहत उसकी ज़मानत राशि ज़ब्त हो जाती है।
परिणाम पूरे हैं; इस सीट के चुनावी हलफ़नामों की जानकारी अभी उपलब्ध नहीं है।
नज़दीकी मुक़ाबला, दो से तीन दलों का मुक़ाबला।
यह सीट कितनी पक्की है?
जीत का अंतर, कुल वोटों के प्रतिशत में
कितने लोगों ने वोट डाला?
पंजीकृत मतदाताओं में से
मुक़ाबले में असल में कितने दल थे?
INC, TDP और एक निर्दलीय को 96% वोट मिले।
मुक़ाबले में दलों की प्रभावी संख्या 2.30 दलों की प्रभावी संख्या — यह हर दल को उसके मतों के हिस्से के हिसाब से गिनती है।
सदन में किसके पास कितनी सीटें?
वोट किस तरह बँटे?
यह सीट नंबर 2009 से दोबारा इस्तेमाल हुआ है। हमारे पास मौजूद ज़िले के आँकड़े इस सीट को 2009 से लड़ी गई सीट मानते हैं, इसलिए पहले के चुनावों के लिए ये नहीं दिखाए जाते।
राज्य के आँकड़े पूछें
RBI 2024-25ये आँकड़े पूरे राज्य के हैं, इस सीट के नहीं।
बुरुगुपूडी से कौन जीता, 1978–2004
INC ने यह सीट TDP से छीन ली, जिसने इसे 1999 में जीता था; INC ने यहाँ पिछली बार 1989 में जीत दर्ज की थी। 1978 से अब तक यहाँ के किसी भी चुनाव में यह सबसे कड़ा मुक़ाबला था। मतदान प्रतिशत 1999 के 71.6% से बढ़कर 78.2% हो गया।
- 1978पदमा राजू वर्रे (INC(I)), जीत का अंतर 3.6%
- 1983पेंदुर्थी सांबशिव राव (TDP), जीत का अंतर 41.6%
- 1985सांबशिव राव पेंदुर्ति (TDP), जीत का अंतर 36.8%
- 1989अप्पण्णा दोरा बडिरेड्डी (INC), जीत का अंतर 10.2%
- 1994वेंकट रामकृष्ण कोरपु (TDP), जीत का अंतर 18.1%
- 1999अच्चमांबा कोरपु (TDP), जीत का अंतर 1.8%
- 2004चित्तूरी रविन्द्र (INC), जीत का अंतर 1.3%