आंदोलविधान सभा चुनाव का परिणाम, 2004
दामोदर राजनरसिम्हा (INC) ने 2004 के विधान सभा चुनाव में 58.1% वोट पाकर आंदोल सीट जीती और बाबू मोहन (TDP) को 24,846 वोटों से हराया।
1978 के चुनाव से पहले सीटों की सीमाएँ नए सिरे से तय की गईं। 1972 में सीट नंबर 229 कामारेड्डी थी। 2004 के बाद सीटों की सीमाएँ नए सिरे से तय की गईं। 2009 से सीट नंबर 229 कोंडापी है। इस इलाक़े के पहले के परिणामों के लिए सीट का इतिहास देखें।
विजेता
सुरक्षित अंतर से जीत — दामोदर राजनरसिम्हा 21.3% से जीते।
सीट का इतिहास
सभी उम्मीदवार
6 उम्मीदवार| # | उम्मीदवार | पार्टी | मिले वोट · %मतों का हिस्सा |
|---|---|---|---|
| 1 | दामोदर राजनरसिम्हा Congress-TRS-Left combine (AP 2004) (UPA गठबंधन) | Congress-TRS-Left combine (AP 2004) (UPA गठबंधन) | 67,70358.1% |
| 2 | बाबू मोहन | 42,85736.8% | |
| 3 | ओट्टिगरी वेंकटेशम | 2,2061.9% | |
| 4 | अन्ने भारती निर्दलीय | निर्दलीय | 1,9571.7% |
| 5 | अंगम महेश्वर निर्दलीय | निर्दलीय | 1,0260.9% |
| 6 | अचमोल्ला माणिक्यम निर्दलीय | निर्दलीय | 7230.6% |
ज़मानत ज़ब्त: उम्मीदवार को कुल वैध वोटों के छठे हिस्से से कम वोट मिले, इसलिए जन प्रतिनिधित्व अधिनियम 1951 की धारा 158 के तहत उसकी ज़मानत राशि ज़ब्त हो जाती है।
परिणाम पूरे हैं; इस सीट के चुनावी हलफ़नामों की जानकारी अभी उपलब्ध नहीं है।
सुरक्षित अंतर, असल में दो दलों का मुक़ाबला।
यह सीट कितनी पक्की है?
जीत का अंतर, कुल वोटों के प्रतिशत में
कितने लोगों ने वोट डाला?
पंजीकृत मतदाताओं में से
मुक़ाबले में असल में कितने दल थे?
INC और TDP को 95% वोट मिले।
मुक़ाबले में दलों की प्रभावी संख्या 2.11 दलों की प्रभावी संख्या — यह हर दल को उसके मतों के हिस्से के हिसाब से गिनती है।
सदन में किसके पास कितनी सीटें?
वोट किस तरह बँटे?
यह सीट नंबर 2009 से दोबारा इस्तेमाल हुआ है। हमारे पास मौजूद ज़िले के आँकड़े इस सीट को 2009 से लड़ी गई सीट मानते हैं, इसलिए पहले के चुनावों के लिए ये नहीं दिखाए जाते।
राज्य के आँकड़े पूछें
RBI 2024-25ये आँकड़े पूरे राज्य के हैं, इस सीट के नहीं।
आंदोल से कौन जीता, 1978–2004
INC ने यह सीट TDP से छीन ली, जिसने इसे 1999 में जीता था; INC ने यहाँ पिछली बार 1989 में जीत दर्ज की थी। मतदान प्रतिशत 1999 के 73.5% से बढ़कर 78.9% हो गया।