बद्वेलविधान सभा चुनाव का परिणाम, 2004
हिन्ना गोविंदा रेड्डी देवसानी (INC) ने 2004 के विधान सभा चुनाव में 51.5% वोट पाकर बद्वेल सीट जीती और ओनिरेड्डी विजयम्मा (TDP) को 5,281 वोटों से हराया।
1978 के चुनाव से पहले सीटों की सीमाएँ नए सिरे से तय की गईं। 1972 में भी सीट नंबर 155 का नाम बद्वेल था, तब सीमाएँ पुरानी थीं। 2004 के बाद सीटों की सीमाएँ नए सिरे से तय की गईं। 2009 से सीट नंबर 155 प्रथिपाडु है। इस इलाक़े के पहले के परिणामों के लिए सीट का इतिहास देखें।
विजेता
नज़दीकी मुक़ाबला। हिन्ना गोविंदा रेड्डी देवसानी 4.8% के अंतर से जीते।
सीट का इतिहास
सभी उम्मीदवार
6 उम्मीदवार| # | उम्मीदवार | पार्टी | मिले वोट · %मतों का हिस्सा |
|---|---|---|---|
| 1 | हिन्ना गोविंदा रेड्डी देवसानी Congress-TRS-Left combine (AP 2004) (UPA गठबंधन) | Congress-TRS-Left combine (AP 2004) (UPA गठबंधन) | 57,02351.5% |
| 2 | ओनिरेड्डी विजयम्मा | 51,74246.7% | |
| 3 | एड्डा वीरा रेड्डी सुरा NTRTDP(LP) | NTRTDP(LP) | 8030.7% |
| 4 | ईस्वनाथा रेड्डी नल्लेरु निर्दलीय | निर्दलीय | 5150.5% |
| 5 | अंगा बाला गुरिवी रेड्डी निर्दलीय | निर्दलीय | 4180.4% |
| 6 | उरा वीरा शेखर रेड्डी UPA | UPA | 2550.2% |
ज़मानत ज़ब्त: उम्मीदवार को कुल वैध वोटों के छठे हिस्से से कम वोट मिले, इसलिए जन प्रतिनिधित्व अधिनियम 1951 की धारा 158 के तहत उसकी ज़मानत राशि ज़ब्त हो जाती है।
परिणाम पूरे हैं; इस सीट के चुनावी हलफ़नामों की जानकारी अभी उपलब्ध नहीं है।
नज़दीकी मुक़ाबला, असल में दो दलों का मुक़ाबला।
यह सीट कितनी पक्की है?
जीत का अंतर, कुल वोटों के प्रतिशत में
कितने लोगों ने वोट डाला?
पंजीकृत मतदाताओं में से
मुक़ाबले में असल में कितने दल थे?
INC और TDP को 98% वोट मिले।
मुक़ाबले में दलों की प्रभावी संख्या 2.07 दलों की प्रभावी संख्या — यह हर दल को उसके मतों के हिस्से के हिसाब से गिनती है।
सदन में किसके पास कितनी सीटें?
वोट किस तरह बँटे?
यह सीट नंबर 2009 से दोबारा इस्तेमाल हुआ है। हमारे पास मौजूद ज़िले के आँकड़े इस सीट को 2009 से लड़ी गई सीट मानते हैं, इसलिए पहले के चुनावों के लिए ये नहीं दिखाए जाते।
राज्य के आँकड़े पूछें
RBI 2024-25ये आँकड़े पूरे राज्य के हैं, इस सीट के नहीं।
बद्वेल से कौन जीता, 1978–2004
INC ने यह सीट TDP से छीन ली, जिसने इसे 1999 में जीता था; INC ने यहाँ पिछली बार 1989 में जीत दर्ज की थी। 1978 से अब तक यहाँ के किसी भी चुनाव में यह सबसे कड़ा मुक़ाबला था। मतदान प्रतिशत लगभग 1999 जितना ही रहा: 72.2%।
- 1978वड्डमणि शिवरामकृष्ण राव (JNP), जीत का अंतर 12.7%
- 1983वीरारेड्डी बिजीवेमुला (ICJ), जीत का अंतर 5.5%
- 1985वीरारेड्डी बिजीवेमुला (TDP), जीत का अंतर 10.1%
- 1989शिवरामकृष्ण राव वड्डेमानु (INC), जीत का अंतर 8.8%
- 1994वीरा रेड्डी बिजीवेमुला (TDP), जीत का अंतर 24.6%
- 1999वीरा रेड्डी बिजीवेमुला (TDP), जीत का अंतर 10.4%
- 2004हिन्ना गोविंदा रेड्डी देवसानी (INC), जीत का अंतर 4.8%