सिंगनमलाविधान सभा चुनाव का परिणाम, 1985
के. जयराम (TDP) ने 1985 के विधान सभा चुनाव में 60.9% वोट पाकर सिंगनमला सीट जीती और पी. समंतकमणि (INC) को 14,212 वोटों से हराया।
1978 के चुनाव से पहले सीटों की सीमाएँ नए सिरे से तय की गईं। 1972 में सीट नंबर 171 सिंगनमला थी। 2004 के बाद सीटों की सीमाएँ नए सिरे से तय की गईं। 2009 से सीट नंबर 171 जग्गमपेटा है। इस इलाक़े के पहले के परिणामों के लिए सीट का इतिहास देखें।
विजेता
सुरक्षित अंतर से जीत — के. जयराम 25.3% से जीते।
सीट का इतिहास
सभी उम्मीदवार
5 उम्मीदवार| # | उम्मीदवार | पार्टी | मिले वोट · %मतों का हिस्सा |
|---|---|---|---|
| 1 | के. जयराम Telugu Desam Party | Telugu Desam Party | 34,20260.9% |
| 2 | पी. समंतकमणि | 19,99035.6% | |
| 3 | कैलासम आनंदा राव निर्दलीय | निर्दलीय | 1,4292.5% |
| 4 | मल्लेपुला येर्रिस्वामी निर्दलीय | निर्दलीय | 3740.7% |
| 5 | आसादी नागनहुषणम निर्दलीय | निर्दलीय | 1310.2% |
ज़मानत ज़ब्त: उम्मीदवार को कुल वैध वोटों के छठे हिस्से से कम वोट मिले, इसलिए जन प्रतिनिधित्व अधिनियम 1951 की धारा 158 के तहत उसकी ज़मानत राशि ज़ब्त हो जाती है।
परिणाम पूरे हैं; इस सीट के चुनावी हलफ़नामों की जानकारी अभी उपलब्ध नहीं है।
सुरक्षित अंतर, असल में दो दलों का मुक़ाबला।
यह सीट कितनी पक्की है?
जीत का अंतर, कुल वोटों के प्रतिशत में
कितने लोगों ने वोट डाला?
पंजीकृत मतदाताओं में से
मुक़ाबले में असल में कितने दल थे?
TDP और INC को 97% वोट मिले।
मुक़ाबले में दलों की प्रभावी संख्या 2.00 दलों की प्रभावी संख्या — यह हर दल को उसके मतों के हिस्से के हिसाब से गिनती है।
सदन में किसके पास कितनी सीटें?
वोट किस तरह बँटे?
यह सीट नंबर 2009 से दोबारा इस्तेमाल हुआ है। हमारे पास मौजूद ज़िले के आँकड़े इस सीट को 2009 से लड़ी गई सीट मानते हैं, इसलिए पहले के चुनावों के लिए ये नहीं दिखाए जाते।
राज्य के आँकड़े पूछें
RBI 2024-25ये आँकड़े पूरे राज्य के हैं, इस सीट के नहीं।
सिंगनमला से कौन जीता, 1978–2004
TDP ने 1983 में जीती यह सीट फिर से अपने पास रखी। उसे मिले वोटों का प्रतिशत 65.5% से घटकर 60.9% रह गया। मतदान प्रतिशत 1983 के 62.2% से घटकर 54.3% रह गया। इसके बाद 1989 के चुनाव में यह सीट INC ने जीती।