सालूरविधान सभा चुनाव का परिणाम, 1985
बोइना राजय्या (TDP) ने 1985 के विधान सभा चुनाव में 56.5% वोट पाकर सालूर सीट जीती और एल.एन. सन्यासि राजू (INC) को 7,636 वोटों से हराया।
1978 के चुनाव से पहले सीटों की सीमाएँ नए सिरे से तय की गईं। 1972 में भी सीट नंबर 10 का नाम सालूर था, तब सीमाएँ पुरानी थीं। 2004 के बाद सीटों की सीमाएँ नए सिरे से तय की गईं। 2009 से सीट नंबर 10 मुधोल है। इस इलाक़े के पहले के परिणामों के लिए सीट का इतिहास देखें।
विजेता
12.9% के अंतर से साफ़ जीत।
सीट का इतिहास
सभी उम्मीदवार
2 उम्मीदवार| # | उम्मीदवार | पार्टी | मिले वोट · %मतों का हिस्सा |
|---|---|---|---|
| 1 | बोइना राजय्या Telugu Desam Party | Telugu Desam Party | 33,34856.5% |
| 2 | एल.एन. सन्यासि राजू | 25,71243.5% |
परिणाम पूरे हैं; इस सीट के चुनावी हलफ़नामों की जानकारी अभी उपलब्ध नहीं है।
साफ़ जीत, असल में दो दलों का मुक़ाबला।
यह सीट कितनी पक्की है?
जीत का अंतर, कुल वोटों के प्रतिशत में
कितने लोगों ने वोट डाला?
पंजीकृत मतदाताओं में से
मुक़ाबले में असल में कितने दल थे?
TDP और INC को 100% वोट मिले।
मुक़ाबले में दलों की प्रभावी संख्या 1.97 दलों की प्रभावी संख्या — यह हर दल को उसके मतों के हिस्से के हिसाब से गिनती है।
सदन में किसके पास कितनी सीटें?
वोट किस तरह बँटे?
यह सीट नंबर 2009 से दोबारा इस्तेमाल हुआ है। हमारे पास मौजूद ज़िले के आँकड़े इस सीट को 2009 से लड़ी गई सीट मानते हैं, इसलिए पहले के चुनावों के लिए ये नहीं दिखाए जाते।
राज्य के आँकड़े पूछें
RBI 2024-25ये आँकड़े पूरे राज्य के हैं, इस सीट के नहीं।
सालूर से कौन जीता, 1978–2004
TDP ने 1983 में जीती यह सीट फिर से अपने पास रखी। उसे मिले वोटों का प्रतिशत 61.1% से घटकर 56.5% रह गया। मतदान प्रतिशत 1983 के 62.1% से बढ़कर 66.5% हो गया। इसके बाद 1989 के चुनाव में यह सीट INC ने जीती।
- 1978एस. आर. टी. पी. एस. वीरप्पा राजू (CPI), जीत का अंतर 8.7%
- 1983बोनिया राजय्य (TDP), जीत का अंतर 30.2%
- 1985बोइना राजय्या (TDP), जीत का अंतर 12.9%
- 1989लक्ष्मी नरसिम्हा सन्यासि राजू (INC), जीत का अंतर 0.9%
- 1994राजेन्द्र प्रताप भंज देव (TDP), जीत का अंतर 35.5%
- 1999आर. पी. भंज देव (TDP), जीत का अंतर 17.9%
- 2004आर. पी. भंज देव (TDP), जीत का अंतर 2.6%