पार्वतीपुरमविधान सभा चुनाव का परिणाम, 1972
चिकटी परशुराम नायुडु (निर्दलीय) ने 1972 के विधान सभा चुनाव में 59.9% वोट पाकर पार्वतीपुरम सीट जीती और मरिसेला वी. नायुडु (INC) को 10,560 वोटों से हराया।
1967 के चुनाव से पहले सीटों की सीमाएँ नए सिरे से तय की गईं। 1962 में भी सीट नंबर 9 का नाम पार्वतीपुरम था, तब सीमाएँ पुरानी थीं। 1972 के बाद सीटों की सीमाएँ नए सिरे से तय की गईं। 1978 से सीट नंबर 9 का नाम अब भी पार्वतीपुरम है, अब नई सीमाओं के साथ। इस इलाक़े के पहले के परिणामों के लिए सीट का इतिहास देखें।
विजेता
सुरक्षित अंतर से जीत — चिकटी परशुराम नायुडु 19.7% से जीते।
सीट का इतिहास
सभी उम्मीदवार
2 उम्मीदवार| # | उम्मीदवार | पार्टी | मिले वोट · %मतों का हिस्सा |
|---|---|---|---|
| 1 | चिकटी परशुराम नायुडु निर्दलीय | निर्दलीय | 32,02759.9% |
| 2 | मरिसेला वी. नायुडु कांग्रेस (आर) | कांग्रेस (आर) | 21,46740.1% |
परिणाम पूरे हैं; इस सीट के चुनावी हलफ़नामों की जानकारी अभी उपलब्ध नहीं है।
सुरक्षित अंतर, असल में दो दलों का मुक़ाबला।
यह सीट कितनी पक्की है?
जीत का अंतर, कुल वोटों के प्रतिशत में
कितने लोगों ने वोट डाला?
पंजीकृत मतदाताओं में से
मुक़ाबले में असल में कितने दल थे?
एक निर्दलीय और INC को 100% वोट मिले।
मुक़ाबले में दलों की प्रभावी संख्या 1.92 दलों की प्रभावी संख्या — यह हर दल को उसके मतों के हिस्से के हिसाब से गिनती है।
सदन में किसके पास कितनी सीटें?
वोट किस तरह बँटे?
यह सीट नंबर 2009 से दोबारा इस्तेमाल हुआ है। हमारे पास मौजूद ज़िले के आँकड़े इस सीट को 2009 से लड़ी गई सीट मानते हैं, इसलिए पहले के चुनावों के लिए ये नहीं दिखाए जाते।
राज्य के आँकड़े पूछें
RBI 2024-25ये आँकड़े पूरे राज्य के हैं, इस सीट के नहीं।
पार्वतीपुरम से कौन जीता, 1967–1972
एक निर्दलीय उम्मीदवार ने यह सीट SWA से छीन ली, जिसने इसे 1967 में जीता था। मतदान प्रतिशत 1967 के 66.9% से बढ़कर 69.4% हो गया।
- 1967वी. रामानायडू (SWA), जीत का अंतर 15.2%
- 1972चिकटी परशुराम नायुडु (IND), जीत का अंतर 19.7%