विश्लेषण · विकास के आँकड़े · राज्य का रिकॉर्ड

त्रिपुरा

आँकड़े क्या कहते हैं

ये पूरे राज्य के आँकड़े हैं, जो RBI हैंडबुक और दूसरे सरकारी स्रोतों से लिए गए हैं।

प्रति 1,000 जन्म पर शिशुओं की मौतें

क्या अब कम शिशुओं की मौत हो रही है? 2004 में 32 प्रति 1,000 जीवित जन्म पर, 2023 में 15 प्रति 1,000 जीवित जन्म पर — −53.1% का बदलाव। त्रिपुरा: 15 प्रति 1,000 जीवित जन्म पर (2023) · भारत: 25 प्रति 1,000 जीवित जन्म पर (2023)।

जन्म प्रति 1,000 लोग

हर साल कितने बच्चे पैदा होते हैं? 2004 में 15 जन्म प्रति 1,000 लोग, 2023 में 15.3 जन्म प्रति 1,000 लोग — +2.0% का बदलाव। त्रिपुरा: 15.3 जन्म प्रति 1,000 लोग (2023) · भारत: 18.4 जन्म प्रति 1,000 लोग (2023)। यह 2023 के आँकड़े देने वाले बाक़ी 34 राज्यों में से 20 राज्यों से ज़्यादा है। सबसे ज़्यादा / सबसे कम (2023): बिहार 25.8 जन्म प्रति 1,000 लोग · अंदमान और निकोबार द्वीप 10.1 जन्म प्रति 1,000 लोग।

प्रति 1,000 लोगों पर प्राकृतिक जनसंख्या वृद्धि

क्या जनसंख्या अब भी बढ़ रही है? 2011 में 9.4 प्रति 1,000 लोग, 2023 में 9.1 प्रति 1,000 लोग — −3.2% का बदलाव। त्रिपुरा: 9.1 प्रति 1,000 लोग (2023) · भारत: 12 प्रति 1,000 लोग (2023)। यह 2023 के आँकड़े देने वाले बाक़ी 34 राज्यों में से 18 राज्यों से ज़्यादा है। सबसे ज़्यादा / सबसे कम (2023): बिहार 19.7 प्रति 1,000 लोग · अंदमान और निकोबार द्वीप 3.8 प्रति 1,000 लोग।

गाँवों में बेरोज़गारी (प्रति 1,000)

गाँवों में कितने लोग बेरोज़गार हैं? 2018 में 63 श्रम बल के हर 1,000 लोगों में, 2024 में 14 श्रम बल के हर 1,000 लोगों में — −77.8% का बदलाव। त्रिपुरा: 14 श्रम बल के हर 1,000 लोगों में (2024) · भारत: 25 श्रम बल के हर 1,000 लोगों में (2024)।

शहरों और क़स्बों में बेरोज़गारी (प्रति 1,000)

शहरों और क़स्बों में कितने लोग बेरोज़गार हैं? 2018 में 87 श्रम बल के हर 1,000 लोगों में, 2024 में 32 श्रम बल के हर 1,000 लोगों में — −63.2% का बदलाव। त्रिपुरा: 32 श्रम बल के हर 1,000 लोगों में (2024) · भारत: 51 श्रम बल के हर 1,000 लोगों में (2024)।

खेत मज़दूर की दिहाड़ी

खेत में एक दिन के काम की कितनी मज़दूरी मिलती है? 2015 में ₹209, 2025 में ₹380 — +81.4% का बदलाव। त्रिपुरा: ₹380 (2025) · भारत: ₹398 (2025)।

प्रति व्यक्ति NSDP (शुद्ध राज्य घरेलू उत्पाद)

यहाँ औसतन एक व्यक्ति कितना कमाता है? 2012 में ₹47,155, 2025 में ₹1,92,842 — +309.0% का बदलाव।

SDG स्कोर (सतत विकास लक्ष्य)

सतत विकास लक्ष्यों (SDG) पर राज्य की स्थिति क्या है? 2018 में 55 100 में से, 2023 में 71 100 में से — +16 अंक का बदलाव। त्रिपुरा: 71 100 में से (2023) · भारत: 71 100 में से (2023)।

भूजल रिचार्ज का निकाला गया हिस्सा

क्या भूजल ख़त्म हो रहा है? 2017 में 7.9%, 2024 में 9.5% — +1.6 प्रतिशत अंक का बदलाव। त्रिपुरा: 9.5% (2024) · भारत: 60.5% (2024)।

वन क्षेत्र

यहाँ कितना जंगल है? 1987 में 5,953 वर्ग किमी, 2023 में 7,585 वर्ग किमी — +27.4% का बदलाव।

कंप्यूटर वाले सरकारी स्कूल

क्या सरकारी स्कूलों में चालू कंप्यूटर हैं? 2019 में 9.9%, 2025 में 61.7% — +51.8 प्रतिशत अंक का बदलाव। त्रिपुरा: 61.7% (2025) · भारत: 52.7% (2025)।

माध्यमिक स्कूल में नामांकन

क्या बच्चे बारहवीं कक्षा तक स्कूल में पढ़ाई जारी रखते हैं? 2023 में 67.8%, 2025 में 67.7% — −0.1 प्रतिशत अंक का बदलाव। त्रिपुरा: 67.7% (2025) · भारत: 68.5% (2025)।

माध्यमिक स्कूल में हर लड़के पर लड़कियाँ

क्या लड़कों जितनी ही लड़कियाँ माध्यमिक स्कूल तक पहुँचती हैं? 2023 में 1.12, 2025 में 1.10 — −0.02 का बदलाव। त्रिपुरा: 1.10 (2025) · भारत: 1.10 (2025)।

ऋण-जमा अनुपात

क्या बैंक जितना जमा लेते हैं, उतना कर्ज़ भी देते हैं? 2004 में 25.2%, 2025 में 43.2% — +18.0 प्रतिशत अंक का बदलाव। त्रिपुरा: 43.2% (2025) · भारत: 80.1% (2025)। यह 2025 के आँकड़े देने वाले बाक़ी 35 राज्यों में से 7 राज्यों से ज़्यादा है। सबसे ज़्यादा / सबसे कम (2025): आंध्र प्रदेश 151% · लक्षद्वीप 12.7%।

अनाज की पैदावार

क्या खेतों की पैदावार बढ़ रही है? 2005 में 2,179 किलो प्रति हेक्टेयर, 2025 में 2,926 किलो प्रति हेक्टेयर — +34.3% का बदलाव। त्रिपुरा: 2,926 किलो प्रति हेक्टेयर (2025) · भारत: 2,601 किलो प्रति हेक्टेयर (2025)।

फ़सल सघनता

खेती की ज़मीन पर साल में कितनी बार फ़सल ली जाती है? 2005 में 101%, 2024 में 189% — +88.9 प्रतिशत अंक का बदलाव। त्रिपुरा: 189% (2024) · भारत: 157% (2024)। यह 2024 के आँकड़े देने वाले बाक़ी 30 राज्यों में से 26 राज्यों से ज़्यादा है। सबसे ज़्यादा / सबसे कम (2024): पंजाब 201% · मिज़ोरम 102%।

दूध उत्पादन

राज्य में कितना दूध पैदा होता है? 2005 में 86 हज़ार टन, 2024 में 247 हज़ार टन — +187.2% का बदलाव।

⚠ नीचे दिए अपराध के आँकड़ों के बारे में

प्रति लाख लोगों पर दर्ज मामले

यहाँ कितने अपराध दर्ज होते हैं? त्रिपुरा: 96.2 प्रति लाख लोग (2024) · भारत: 419 प्रति लाख लोग (2024)।

प्रति लाख महिलाओं पर मामले

महिलाओं के ख़िलाफ़ कितने अपराध दर्ज होते हैं? त्रिपुरा: 34.7 प्रति लाख महिलाएँ (2024) · भारत: 64.6 प्रति लाख महिलाएँ (2024)।

बच्चों के ख़िलाफ़ मामले

बच्चों के ख़िलाफ़ कितने अपराध दर्ज होते हैं? 2022 में 220 मामले, 2024 में 270 मामले — +22.7% का बदलाव।

प्रति व्यक्ति बिजली की उपलब्धता

हर व्यक्ति को कितनी बिजली मिलती है? 2005 में 200 यूनिट (kWh) प्रति व्यक्ति, 2025 में 464 यूनिट (kWh) प्रति व्यक्ति — +131.4% का बदलाव। त्रिपुरा: 464 यूनिट (kWh) प्रति व्यक्ति (2025) · भारत: 1,208 यूनिट (kWh) प्रति व्यक्ति (2025)।

सड़कों की लंबाई

यहाँ कितनी सड़कें हैं? 2005 में 31,716 किमी, 2020 में 35,340 किमी — +11.4% का बदलाव।

फ़ैक्टरी मज़दूर

कितने लोग फ़ैक्टरियों में काम करते हैं? 2005 में 13,818 मज़दूर, 2024 में 20,601 मज़दूर — +49.1% का बदलाव।

देश के भीतर के पर्यटकों की यात्राएँ

यहाँ कितने पर्यटक आते हैं? 2011 में 0.36 मिलियन (10 लाख) यात्राएँ, 2024 में 0.60 मिलियन (10 लाख) यात्राएँ।

ग्रामीण प्राथमिक स्वास्थ्य केंद्रों (PHC) में डॉक्टरों के ख़ाली पद

गाँवों के स्वास्थ्य केंद्रों में डॉक्टरों के कितने पद ख़ाली हैं? 2005 में 9 ख़ाली पद, 2015 में 0 ख़ाली पद — −100.0% का बदलाव।

बहुआयामी गरीबी में रह रहे लोगों का हिस्सा

कितने लोग गरीबी में रहते हैं? 2016 में 16.6%, 2021 में 13.1% — −3.5 प्रतिशत अंक का बदलाव। त्रिपुरा: 13.1% (2021) · भारत: 15% (2021)।

उपभोक्ता महँगाई दर (CPI), सामान्य

क़ीमतें कितनी तेज़ी से बढ़ रही हैं? 2015 में 13%, 2025 में 4.6% — −8.4 प्रतिशत अंक का बदलाव। त्रिपुरा: 4.6% (2025) · भारत: 4.6% (2025)। यह 2025 के आँकड़े देने वाले बाक़ी 33 राज्यों में से 20 राज्यों से ज़्यादा है। सबसे ज़्यादा / सबसे कम (2025): मणिपुर 6.5% · दिल्ली 2.4%।

उपभोक्ता महँगाई दर (CPI), शहरी मकान

शहरों में मकान कितनी तेज़ी से महँगे हो रहे हैं? 2015 में 10.5%, 2025 में 5.3% — −5.2 प्रतिशत अंक का बदलाव। त्रिपुरा: 5.3% (2025) · भारत: 2.8% (2025)। यह 2025 के आँकड़े देने वाले बाक़ी 33 राज्यों में से 28 राज्यों से ज़्यादा है। सबसे ज़्यादा / सबसे कम (2025): उत्तराखंड 8.1% · दिल्ली 0.20%।

ख़ून की कमी (एनीमिया) वाले 6-59 महीने के बच्चे

कितने छोटे बच्चों में ख़ून की कमी (एनीमिया) है? 2006 में 62.9%, 2021 में 64.2% — +1.3 प्रतिशत अंक का बदलाव। त्रिपुरा: 64.2% (2021) · भारत: 67.1% (2021)।

ख़ून की कमी (एनीमिया) वाली गर्भवती महिलाएँ

कितनी गर्भवती महिलाओं में ख़ून की कमी (एनीमिया) है? 2006 में 57.6%, 2021 में 61.5% — +3.9 प्रतिशत अंक का बदलाव। त्रिपुरा: 61.5% (2021) · भारत: 52.2% (2021)।

ट्रांसमिशन और वितरण में बिजली का नुक़सान

बिल बनने से पहले कितनी बिजली बर्बाद हो जाती है? 2005 में 59.5%, 2023 में 28.8% — −30.7 प्रतिशत अंक का बदलाव। त्रिपुरा: 28.8% (2023) · भारत: 17.7% (2023)।

वे सभी सूचक जिनके आँकड़े हम रखते हैं

किसी विषय पर टैप करें

भौगोलिक संकेत (GI टैग) 4

⚠ ये GI रजिस्ट्री (IP India) से हैं, RBI हैंडबुक से नहीं — ये सिर्फ़ राज्य स्तर के हैं; स्रोत के आँकड़ों में ज़िले या सीट का कोई ज़िक्र नहीं है।