पूर्णियालोक सभा चुनाव का परिणाम, 1999
राजेश रंजन (निर्दलीय) ने 1999 के लोक सभा चुनाव में 63.2% वोट पाकर पूर्णिया सीट जीती और जय कृष्ण मंडल (BJP) को 2,52,566 वोटों से हराया।
विजेता
सीट का इतिहास
सभी उम्मीदवार
14 उम्मीदवार| # | उम्मीदवार | पार्टी | मिले वोट · %मतों का हिस्सा |
|---|---|---|---|
| 1 | राजेश रंजन निर्दलीय | निर्दलीय | 4,38,19363.2% |
| 2 | जय कृष्ण मंडल | 1,85,62726.8% | |
| 3 | अब्दुल खलील अहमद | 29,7994.3% | |
| 4 | मणि लाल दास निर्दलीय | निर्दलीय | 12,8131.9% |
| 5 | महमद आलम निर्दलीय | निर्दलीय | 5,1660.7% |
| 6 | अशोक कु साह | 4,2980.6% | |
| 7 | अलीमुद्दीन अंसारी | 3,2110.5% | |
| 8 | नागेश्वर सिंह निर्दलीय | निर्दलीय | 3,2070.5% |
| 9 | जुबेर आलम | 3,0320.4% | |
| 10 | विपिन कुमार AJBP | AJBP | 2,7270.4% |
| 11 | कुलदीप मंडल निर्दलीय | निर्दलीय | 1,9460.3% |
| 12 | सहदेव प्रसाद मंडल निर्दलीय | निर्दलीय | 1,4010.2% |
| 13 | आशा देवी निर्दलीय | निर्दलीय | 1,3740.2% |
| 14 | सैयद गुलाम हुसैन | 9240.1% |
परिणाम पूरे हैं; इस सीट के चुनावी हलफ़नामों की जानकारी अभी उपलब्ध नहीं है।
सुरक्षित अंतर, असल में दो दलों का मुक़ाबला।
यह सीट कितनी पक्की है?
जीत का अंतर, कुल वोटों के प्रतिशत में
कितने लोगों ने वोट डाला?
पंजीकृत मतदाताओं में से
मुक़ाबले में असल में कितने दल थे?
एक निर्दलीय और BJP को 90% वोट मिले।
मुक़ाबले में दलों की प्रभावी संख्या 2.11 दलों की प्रभावी संख्या — यह हर दल को उसके मतों के हिस्से के हिसाब से गिनती है।
यह सीट कितनी बार सरकार बनाने वाली पार्टी को मिली?
वोट किस तरह बँटे?
यह सीट नंबर 2009 से दोबारा इस्तेमाल हुआ है। हमारे पास मौजूद ज़िले के आँकड़े इस सीट को 2009 से लड़ी गई सीट मानते हैं, इसलिए पहले के चुनावों के लिए ये नहीं दिखाए जाते।
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RBI 2024-25ये आँकड़े पूरे राज्य के हैं, इस सीट के नहीं।
यहाँ से कौन जीता, 1977–1999
एक निर्दलीय उम्मीदवार ने यह सीट BJP से छीन ली, जिसने इसे 1998 में जीता था। मतदान प्रतिशत 1998 के 65.5% से घटकर 64.7% रह गया।