पूर्णियालोक सभा चुनाव का परिणाम, 1989
तस्लीमुद्दीन (JD) ने 1989 के लोक सभा चुनाव में 31.6% वोट पाकर पूर्णिया सीट जीती और अजीत सरकार (CPM) को 54,557 वोटों से हराया।
विजेता
सीट का इतिहास
सभी उम्मीदवार
19 उम्मीदवार| # | उम्मीदवार | पार्टी | मिले वोट · %मतों का हिस्सा |
|---|---|---|---|
| 1 | तस्लीमुद्दीन | 1,77,15931.6% | |
| 2 | अजीत सरकार | 1,22,60221.8% | |
| 3 | ब्रजकिशोर यादव | 1,17,54620.9% | |
| 4 | माधुरी सिंह | 1,14,23120.3% | |
| 5 | प्रद्युम्न नारायण सिंह निर्दलीय | निर्दलीय | 5,7671.0% |
| 6 | गुलाम मुस्तफा निर्दलीय | निर्दलीय | 4,8100.9% |
| 7 | दीनानाथ प्रबोध JNP(JP) | JNP(JP) | 4,6180.8% |
| 8 | शिन्या शेखर पंडित | 2,8920.5% | |
| 9 | निर्मला देवी निर्दलीय | निर्दलीय | 2,2530.4% |
| 10 | नागेश्वर प्रसाद कामत निर्दलीय | निर्दलीय | 1,6860.3% |
| 11 | रियाजुद्दीन निर्दलीय | निर्दलीय | 1,5190.3% |
| 12 | संपतलाल उरांव निर्दलीय | निर्दलीय | 1,3150.2% |
| 13 | के.पी. वर्मा निर्दलीय | निर्दलीय | 1,0100.2% |
| 14 | मसूदा ऋषि निर्दलीय | निर्दलीय | 8970.2% |
| 15 | अमरेन्द्र पी.आर. यादव निर्दलीय | निर्दलीय | 7780.1% |
| 16 | राम कृष्ण ऋषि देव निर्दलीय | निर्दलीय | 7010.1% |
| 17 | मिथिलेश कुमार शर्मा निर्दलीय | निर्दलीय | 6720.1% |
| 18 | विंदेश्वरी तिवारी निर्दलीय | निर्दलीय | 6630.1% |
| 19 | सुनील कु सिंह निर्दलीय | निर्दलीय | 4660.1% |
परिणाम पूरे हैं; इस सीट के चुनावी हलफ़नामों की जानकारी अभी उपलब्ध नहीं है।
साफ़ जीत, कई दलों में बँटा मुक़ाबला।
यह सीट कितनी पक्की है?
जीत का अंतर, कुल वोटों के प्रतिशत में
कितने लोगों ने वोट डाला?
पंजीकृत मतदाताओं में से
मुक़ाबले में असल में कितने दल थे?
सबसे आगे के तीन दलों को 74% वोट मिले।
मुक़ाबले में दलों की प्रभावी संख्या 4.30 दलों की प्रभावी संख्या — यह हर दल को उसके मतों के हिस्से के हिसाब से गिनती है।
यह सीट कितनी बार सरकार बनाने वाली पार्टी को मिली?
वोट किस तरह बँटे?
यह सीट नंबर 2009 से दोबारा इस्तेमाल हुआ है। हमारे पास मौजूद ज़िले के आँकड़े इस सीट को 2009 से लड़ी गई सीट मानते हैं, इसलिए पहले के चुनावों के लिए ये नहीं दिखाए जाते।
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RBI 2024-25ये आँकड़े पूरे राज्य के हैं, इस सीट के नहीं।
यहाँ से कौन जीता, 1977–1999
JD ने यह सीट INC से छीन ली, जिसने इसे 1984 में जीता था; इस सीट के रिकॉर्ड में, जो 1977 से शुरू होता है, यह JD की पहली जीत थी। 1977 से अब तक यहाँ के किसी भी चुनाव में यह सबसे कड़ा मुक़ाबला था। मतदान प्रतिशत 1984 के 57.2% से बढ़कर 62.3% हो गया। इसके बाद 1996 के चुनाव में यह सीट SP ने जीती।