दमन और दीवलोक सभा चुनाव का परिणाम, 1998
देवजीभाई जे. टंडेल (BJP) ने 1998 के लोक सभा चुनाव में 42.0% वोट पाकर दमन और दीव सीट जीती और डाहयाभाई वल्लभभाई पटेल (निर्दलीय) को 1,236 वोटों से हराया।
विजेता
सीट का इतिहास
सभी उम्मीदवार
5 उम्मीदवार| # | उम्मीदवार | पार्टी | मिले वोट · %मतों का हिस्सा |
|---|---|---|---|
| 1 | देवजीभाई जे. टंडेल NDA | NDA | 21,64942.0% |
| 2 | डाहयाभाई वल्लभभाई पटेल निर्दलीय | निर्दलीय | 20,41339.6% |
| 3 | डॉ. मेघजी भगवान चरणिया निर्दलीय | निर्दलीय | 8,41716.3% |
| 4 | डॉ. प्रभाकर जीवणभाई सोमाभाई | 1,0202.0% | |
| 5 | बारीआ हेमलता गोकल निर्दलीय | निर्दलीय | 970.2% |
परिणाम पूरे हैं; इस सीट के चुनावी हलफ़नामों की जानकारी अभी उपलब्ध नहीं है।
नज़दीकी मुक़ाबला, दो से तीन दलों का मुक़ाबला।
यह सीट कितनी पक्की है?
जीत का अंतर, कुल वोटों के प्रतिशत में
कितने लोगों ने वोट डाला?
पंजीकृत मतदाताओं में से
मुक़ाबले में असल में कितने दल थे?
BJP, एक निर्दलीय और एक निर्दलीय को 98% वोट मिले।
मुक़ाबले में दलों की प्रभावी संख्या 2.78 दलों की प्रभावी संख्या — यह हर दल को उसके मतों के हिस्से के हिसाब से गिनती है।
यह सीट कितनी बार सरकार बनाने वाली पार्टी को मिली?
वोट किस तरह बँटे?
पुरानी सीट, जिस पर आख़िरी चुनाव 2019 में हुआ: तब से इसकी सीमाएँ बदल गईं या सीट ख़त्म हो गई, इसलिए आज के ज़िले या राज्य के आँकड़े नहीं दिखाए गए।
यहाँ से कौन जीता, 1989–1999
BJP ने यह सीट INC से छीन ली, जिसने इसे 1996 में जीता था; BJP ने यहाँ पिछली बार 1991 में जीत दर्ज की थी। 1989 से अब तक यहाँ के किसी भी चुनाव में यह सबसे कड़ा मुक़ाबला था। मतदान प्रतिशत 1996 के 69.1% से बढ़कर 71.7% हो गया। इसके बाद 1999 के चुनाव में यह सीट INC ने जीती।