दमन और दीवलोक सभा चुनाव का परिणाम, 1991
टंडेल देव जी जोगी भाई (BJP) ने 1991 के लोक सभा चुनाव में 31.9% वोट पाकर दमन और दीव सीट जीती और टंडेल गोपाल भाई कल्याण भाई (निर्दलीय) को 2,287 वोटों से हराया।
विजेता
सीट का इतिहास
सभी उम्मीदवार
12 उम्मीदवार| # | उम्मीदवार | पार्टी | मिले वोट · %मतों का हिस्सा |
|---|---|---|---|
| 1 | टंडेल देव जी जोगी भाई | 12,09531.9% | |
| 2 | टंडेल गोपाल भाई कल्याण भाई निर्दलीय | निर्दलीय | 9,80825.9% |
| 3 | प्रभाकर प्रेमाभाई सोमाभाई | 8,62322.7% | |
| 4 | असलम खान निर्दलीय | निर्दलीय | 5,98515.8% |
| 5 | रानी जेठ मलानी (डब्ल्यू.) जनता दल | जनता दल | 1,0362.7% |
| 6 | ईश्वरभाई नाईक निर्दलीय | निर्दलीय | 1580.4% |
| 7 | एम.एस. खान निर्दलीय | निर्दलीय | 880.2% |
| 8 | मिनाक्षीबेन नयनकुमार (डब्ल्यू.) | 450.1% | |
| 9 | बामनिया रतिलाल भीखाभाई निर्दलीय | निर्दलीय | 360.1% |
| 10 | पटेल बालुभाई दाजीभाई निर्दलीय | निर्दलीय | 250.1% |
| 11 | सोलंकी चंद्रकांत सरवत निर्दलीय | निर्दलीय | 220.1% |
| 12 | अलक मोहन हरि मोहन निर्दलीय | निर्दलीय | 160.0% |
परिणाम पूरे हैं; इस सीट के चुनावी हलफ़नामों की जानकारी अभी उपलब्ध नहीं है।
साफ़ जीत, कई दलों में बँटा मुक़ाबला।
यह सीट कितनी पक्की है?
जीत का अंतर, कुल वोटों के प्रतिशत में
कितने लोगों ने वोट डाला?
पंजीकृत मतदाताओं में से
मुक़ाबले में असल में कितने दल थे?
सबसे आगे के तीन दलों को 80% वोट मिले।
मुक़ाबले में दलों की प्रभावी संख्या 4.07 दलों की प्रभावी संख्या — यह हर दल को उसके मतों के हिस्से के हिसाब से गिनती है।
यह सीट कितनी बार सरकार बनाने वाली पार्टी को मिली?
वोट किस तरह बँटे?
पुरानी सीट, जिस पर आख़िरी चुनाव 2019 में हुआ: तब से इसकी सीमाएँ बदल गईं या सीट ख़त्म हो गई, इसलिए आज के ज़िले या राज्य के आँकड़े नहीं दिखाए गए।
यहाँ से कौन जीता, 1989–1999
BJP ने यह सीट एक निर्दलीय उम्मीदवार से छीन ली, जिसने इसे 1989 में जीता था। मतदान प्रतिशत 1989 के 64.4% से बढ़कर 65.5% हो गया। इसके बाद 1996 के चुनाव में यह सीट INC ने जीती।