गिरिडीहलोक सभा चुनाव का परिणाम, 1989
राम दास सिंह (BJP) ने 1989 के लोक सभा चुनाव में 33.9% वोट पाकर गिरिडीह सीट जीती और बिनोद बिहारी महतो (निर्दलीय) को 8,182 वोटों से हराया।
विजेता
सीट का इतिहास
सभी उम्मीदवार
6 उम्मीदवार| # | उम्मीदवार | पार्टी | मिले वोट · %मतों का हिस्सा |
|---|---|---|---|
| 1 | राम दास सिंह | 1,64,57333.9% | |
| 2 | बिनोद बिहारी महतो निर्दलीय | निर्दलीय | 1,56,39132.2% |
| 3 | सरफराज अहमद | 1,33,70327.6% | |
| 4 | लालचंद महतो | 26,6025.5% | |
| 5 | बी.के. दुबे निर्दलीय | निर्दलीय | 2,3660.5% |
| 6 | कृष्ण एम. | 1,5310.3% |
परिणाम पूरे हैं; इस सीट के चुनावी हलफ़नामों की जानकारी अभी उपलब्ध नहीं है।
नज़दीकी मुक़ाबला, कई दलों में बँटा मुक़ाबला।
यह सीट कितनी पक्की है?
जीत का अंतर, कुल वोटों के प्रतिशत में
कितने लोगों ने वोट डाला?
पंजीकृत मतदाताओं में से
मुक़ाबले में असल में कितने दल थे?
सबसे आगे के तीन दलों को 94% वोट मिले।
मुक़ाबले में दलों की प्रभावी संख्या 3.36 दलों की प्रभावी संख्या — यह हर दल को उसके मतों के हिस्से के हिसाब से गिनती है।
यह सीट कितनी बार सरकार बनाने वाली पार्टी को मिली?
वोट किस तरह बँटे?
पुरानी सीट, जिस पर आख़िरी चुनाव 1999 में हुआ: तब से इसकी सीमाएँ बदल गईं या सीट ख़त्म हो गई, इसलिए आज के ज़िले या राज्य के आँकड़े नहीं दिखाए गए।
यहाँ से कौन जीता, 1977–1999
BJP ने यह सीट INC से छीन ली, जिसने इसे 1984 में जीता था; इस सीट के रिकॉर्ड में, जो 1977 से शुरू होता है, यह BJP की पहली जीत थी। 1977 से अब तक यहाँ के किसी भी चुनाव में यह सबसे कड़ा मुक़ाबला था। मतदान प्रतिशत 1984 के 51.3% से बढ़कर 52.9% हो गया। इसके बाद 1991 के चुनाव में यह सीट JMM ने जीती।
- 1977राम दास सिंह (JNP), जीत का अंतर 27.8%
- 1980विन्देश्वरी दुबे (INC(I)), जीत का अंतर 8.7%
- 1984सरफराज अहमद (INC), जीत का अंतर 34.2%
- 1989राम दास सिंह (BJP), जीत का अंतर 1.7%
- 1991बिनोद बिहारी महतो (JMM), जीत का अंतर 16.4%
- 1996रविन्द्र कुमार पाण्डेय (BJP), जीत का अंतर 15.3%
- 1998रबीन्द्र कुमार पाण्डेय (BJP), जीत का अंतर 11.0%
- 1999रविन्द्र कुमार पाण्डेय (BJP), जीत का अंतर 3.7%