गिरिडीहलोक सभा चुनाव का परिणाम, 1980
विन्देश्वरी दुबे (INC(I)) ने 1980 के लोक सभा चुनाव में 35.4% वोट पाकर गिरिडीह सीट जीती और रामदास सिंह (JNP) को 26,029 वोटों से हराया।
विजेता
सीट का इतिहास
सभी उम्मीदवार
11 उम्मीदवार| # | उम्मीदवार | पार्टी | मिले वोट · %मतों का हिस्सा |
|---|---|---|---|
| 1 | विन्देश्वरी दुबे | 1,05,28235.4% | |
| 2 | रामदास सिंह | 79,25326.6% | |
| 3 | विनोद बिहारी महतो निर्दलीय | निर्दलीय | 56,28718.9% |
| 4 | लाल चन्द महतो JNP(S) | JNP(S) | 24,3168.2% |
| 5 | शफीक खान | 19,4646.5% | |
| 6 | मदन मोहन सिंह JKD | JKD | 3,1081.0% |
| 7 | चपलेंदु भट्टाचार्य | 2,6730.9% | |
| 8 | राजपूत सिंह निर्दलीय | निर्दलीय | 2,3710.8% |
| 9 | मतवार सफी निर्दलीय | निर्दलीय | 2,0900.7% |
| 10 | मो. हनीफ अंसारी निर्दलीय | निर्दलीय | 1,5210.5% |
| 11 | हर महेन्द्र सिंह निर्दलीय | निर्दलीय | 1,1550.4% |
परिणाम पूरे हैं; इस सीट के चुनावी हलफ़नामों की जानकारी अभी उपलब्ध नहीं है।
साफ़ जीत, कई दलों में बँटा मुक़ाबला।
यह सीट कितनी पक्की है?
जीत का अंतर, कुल वोटों के प्रतिशत में
कितने लोगों ने वोट डाला?
पंजीकृत मतदाताओं में से
मुक़ाबले में असल में कितने दल थे?
सबसे आगे के तीन दलों को 81% वोट मिले।
मुक़ाबले में दलों की प्रभावी संख्या 4.11 दलों की प्रभावी संख्या — यह हर दल को उसके मतों के हिस्से के हिसाब से गिनती है।
यह सीट कितनी बार सरकार बनाने वाली पार्टी को मिली?
वोट किस तरह बँटे?
पुरानी सीट, जिस पर आख़िरी चुनाव 1999 में हुआ: तब से इसकी सीमाएँ बदल गईं या सीट ख़त्म हो गई, इसलिए आज के ज़िले या राज्य के आँकड़े नहीं दिखाए गए।
यहाँ से कौन जीता, 1977–1984
INC(I) ने यह सीट JNP से छीन ली, जिसने इसे 1977 में जीता था। मतदान प्रतिशत 1977 के 50.0% से घटकर 44.8% रह गया। इसके बाद 1984 के चुनाव में यह सीट INC ने जीती।