गाजोलविधान सभा चुनाव का परिणाम, 2026
चिन्मय देब बर्मन (BJP) ने 2026 के विधान सभा चुनाव में 53.9% वोट पाकर गाजोल सीट जीती और प्रसेनजीत दास (AITC) को 38,192 वोटों से हराया।
2011 के चुनाव से पहले सीटों की सीमाएँ नए सिरे से तय की गईं। 2006 में सीट नंबर 44 आड़ाईडांगा थी। इस इलाक़े के पहले के परिणामों के लिए सीट का इतिहास देखें।
विजेता
सुरक्षित अंतर से जीत — चिन्मय देब बर्मन 15.7% से जीते।
सीट का इतिहास
सभी उम्मीदवार
13 उम्मीदवार + नोटानाम पर टैप करें
| # | उम्मीदवार | पार्टी | मिले वोट · %मतों का हिस्सा |
|---|---|---|---|
| 1 | चिन्मय देब बर्मन NDA | NDA | 1,31,54153.9% |
| 2 | प्रसेनजीत दास | 93,34938.3% | |
| 3 | क्षितीश चन्द्र सरकार | 5,9492.4% | |
| 4 | प्रेम चौधुरी | 5,0502.1% | |
| — | नोटा नोटा | नोटा | 1,4930.6% |
| 5 | मिराना सरकार निर्दलीय | निर्दलीय | 1,3720.6% |
| 6 | बिजय कुमार बिस्वास निर्दलीय | निर्दलीय | 1,3210.5% |
| 7 | सुशील चन्द्र बर्मन APoI | APoI | 1,2550.5% |
| 8 | सुदीप्ता राय | 5830.2% | |
| 9 | मिनोती सरकार MPOI | MPOI | 5080.2% |
| 10 | रतन राय AJUP | AJUP | 4020.2% |
| 11 | सुपेन कुमार राय | 3790.2% | |
| 12 | चन्दन मंडल निर्दलीय | निर्दलीय | 3770.1% |
| 13 | उज्जवल बर्मन निर्दलीय | निर्दलीय | 3060.1% |
ज़मानत ज़ब्त: उम्मीदवार को कुल वैध वोटों के छठे हिस्से से कम वोट मिले, इसलिए जन प्रतिनिधित्व अधिनियम 1951 की धारा 158 के तहत उसकी ज़मानत राशि ज़ब्त हो जाती है।
ऊँचा मतदान प्रतिशत (56वाँ), सुरक्षित अंतर, असल में दो दलों का मुक़ाबला।
यह सीट कितनी पक्की है?
जीत का अंतर, कुल वोटों के प्रतिशत में
इसी चुनाव में पश्चिम बंगाल की दूसरी सीटों के मुक़ाबले
कितने लोगों ने वोट डाला?
पंजीकृत मतदाताओं में से
पश्चिम बंगाल में सबसे ज़्यादा मतदान वाली सीटों में (294 सीटों में ऊपर से 56वाँ)
मुक़ाबले में असल में कितने दल थे?
BJP और AITC को 92% वोट मिले।
मुक़ाबले में दलों की प्रभावी संख्या 2.28 दलों की प्रभावी संख्या — यह हर दल को उसके मतों के हिस्से के हिसाब से गिनती है।
नोटा को कितने वोट मिले?
वोट नोटा (“इनमें से कोई नहीं”) को मिले
पश्चिम बंगाल की 294 सीटों में ऊपर से 195वाँ
सदन में किसके पास कितनी सीटें?
वोट किस तरह बँटे?
उम्मीदवारों ने क्या घोषित किया
उम्मीदवारों ने अपने चुनावी हलफ़नामों में आपराधिक मामले घोषित किए दर्ज मामलों का मतलब सज़ा नहीं है — किसी लंबित मामले से कोई दोषी साबित नहीं होता।
घोषित संपत्ति का मध्य मान ₹0.21 करोड़ आधे उम्मीदवारों की संपत्ति इससे कम है।
मालदह ज़िला · 39.9 लाख लोग · जनगणना 2011
मखाना, आम और उसके प्रसंस्कृत उत्पाद तथा रेशम और रेशमी उत्पाद के लिए प्रसिद्ध।
यह ज़िलाटूटी रेखा = भारत
यहाँ कौन रहता है?
यहाँ कौन-कौन से धर्म माने जाते हैं?
- मुस्लिम51.3%
- हिंदू48.0%
- ईसाई0.3%
- सिख<0.1%
- जैन<0.1%
- बौद्ध<0.1%
- अन्य धर्म (आदिवासी आस्थाओं समेत)0.2%
- नहीं बताया0.2%
नल में पानी, बिजली और शौचालय वाले घर
सेहत और परिवार
आसपास के प्रसिद्ध स्थान
7 प्रसिद्ध स्थान






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RBI 2024-25ये आँकड़े पूरे राज्य के हैं, इस सीट के नहीं।
गाजोल से कौन जीता, 2011–2026
BJP ने 2021 में जीती यह सीट फिर से अपने पास रखी। उसे मिले वोटों का प्रतिशत 45.5% से बढ़कर 53.9% हो गया। 2011 से अब तक यहाँ के किसी भी चुनाव में यह सबसे एकतरफ़ा नतीजा था। मतदान प्रतिशत 2021 के 82.3% से बढ़कर 95.8% हो गया।