फरक्काविधान सभा उपचुनाव का परिणाम, 1964
ए.एच. सैयद (INC) ने 1964 के विधान सभा उपचुनाव में 47.4% वोट पाकर फरक्का सीट जीती और टी.ए. नूरन्नबी (निर्दलीय) को 2,680 वोटों से हराया।
1962 के चुनाव से पहले सीटों की सीमाएँ नए सिरे से तय की गईं। 1957 में सीट नंबर 41 बेलडांगा थी। 1962 के बाद सीटों की सीमाएँ नए सिरे से तय की गईं। 1967 से सीट नंबर 41 मालदा है। इस इलाक़े के पहले के परिणामों के लिए सीट का इतिहास देखें।
विजेता
12.5% के अंतर से साफ़ जीत।
सीट का इतिहास
सभी उम्मीदवार
4 उम्मीदवार| # | उम्मीदवार | पार्टी | मिले वोट · %मतों का हिस्सा |
|---|---|---|---|
| 1 | ए.एच. सैयद | 10,18547.4% | |
| 2 | टी.ए. नूरन्नबी निर्दलीय | निर्दलीय | 7,50534.9% |
| 3 | एस. गुप्ता निर्दलीय | निर्दलीय | 3,22215.0% |
| 4 | ए.आर. बिस्वास निर्दलीय | निर्दलीय | 5712.7% |
परिणाम पूरे हैं; इस सीट के चुनावी हलफ़नामों की जानकारी अभी उपलब्ध नहीं है।
साफ़ जीत, दो से तीन दलों का मुक़ाबला।
यह सीट कितनी पक्की है?
जीत का अंतर, कुल वोटों के प्रतिशत में
मुक़ाबले में असल में कितने दल थे?
INC, एक निर्दलीय और एक निर्दलीय को 97% वोट मिले।
मुक़ाबले में दलों की प्रभावी संख्या 2.70 दलों की प्रभावी संख्या — यह हर दल को उसके मतों के हिस्से के हिसाब से गिनती है।
वोट किस तरह बँटे?
यह सीट नंबर 2011 से दोबारा इस्तेमाल हुआ है। हमारे पास मौजूद ज़िले के आँकड़े इस सीट को 2011 से लड़ी गई सीट मानते हैं, इसलिए पहले के चुनावों के लिए ये नहीं दिखाए जाते।
राज्य के आँकड़े पूछें
RBI 2024-25ये आँकड़े पूरे राज्य के हैं, इस सीट के नहीं।
फरक्का से कौन जीता, 1962
- 1962मोहम्मद गियासुद्दीन (INC), जीत का अंतर 18.4%