सिलीगुड़ीविधान सभा उपचुनाव का परिणाम, 1963
ए.के. मैत्र (INC) ने 1963 के विधान सभा उपचुनाव में 51.5% वोट पाकर सिलीगुड़ी सीट जीती और प्रेम थापा (निर्दलीय) को 7,932 वोटों से हराया।
1962 के चुनाव से पहले सीटों की सीमाएँ नए सिरे से तय की गईं। 1957 में सीट नंबर 20 चोपड़ा थी। 1962 के बाद सीटों की सीमाएँ नए सिरे से तय की गईं। 1967 से सीट नंबर 20 कालिम्पोंग है। इस इलाक़े के पहले के परिणामों के लिए सीट का इतिहास देखें।
विजेता
सुरक्षित अंतर से जीत — ए.के. मैत्र 28.9% से जीते।
सीट का इतिहास
सभी उम्मीदवार
4 उम्मीदवार| # | उम्मीदवार | पार्टी | मिले वोट · %मतों का हिस्सा |
|---|---|---|---|
| 1 | ए.के. मैत्र | 14,14351.5% | |
| 2 | प्रेम थापा निर्दलीय | निर्दलीय | 6,21122.6% |
| 3 | एस.के. बनर्जी FB | FB | 3,92414.3% |
| 4 | सी. मजुमदार | 3,17111.6% |
परिणाम पूरे हैं; इस सीट के चुनावी हलफ़नामों की जानकारी अभी उपलब्ध नहीं है।
सुरक्षित अंतर, दो से तीन दलों का मुक़ाबला।
यह सीट कितनी पक्की है?
जीत का अंतर, कुल वोटों के प्रतिशत में
मुक़ाबले में असल में कितने दल थे?
INC, एक निर्दलीय और FB को 88% वोट मिले।
मुक़ाबले में दलों की प्रभावी संख्या 2.85 दलों की प्रभावी संख्या — यह हर दल को उसके मतों के हिस्से के हिसाब से गिनती है।
वोट किस तरह बँटे?
यह सीट नंबर 2011 से दोबारा इस्तेमाल हुआ है। हमारे पास मौजूद ज़िले के आँकड़े इस सीट को 2011 से लड़ी गई सीट मानते हैं, इसलिए पहले के चुनावों के लिए ये नहीं दिखाए जाते।
राज्य के आँकड़े पूछें
RBI 2024-25ये आँकड़े पूरे राज्य के हैं, इस सीट के नहीं।
सिलीगुड़ी से कौन जीता, 1962
- 1962जगदीश चन्द्र भट्टाचार्जी (INC), जीत का अंतर 5.5%