कुलपीविधान सभा चुनाव का परिणाम, 1962
हृषिकेश हालदार (निर्दलीय) ने 1962 के विधान सभा चुनाव में 46.8% वोट पाकर कुलपी सीट जीती और हंसध्वज धारा (INC) को 617 वोटों से हराया।
1962 के चुनाव से पहले सीटों की सीमाएँ नए सिरे से तय की गईं। 1957 में सीट नंबर 97 हावड़ा दक्षिण थी। 1962 के बाद सीटों की सीमाएँ नए सिरे से तय की गईं। 1967 से सीट नंबर 97 जयनगर है। इस इलाक़े के पहले के परिणामों के लिए सीट का इतिहास देखें।
विजेता
कुलपी का फ़ैसला सिर्फ़ 1.2% के बेहद मामूली अंतर से हुआ — विजेता और दूसरे नंबर पर रहे उम्मीदवार के बीच 617 से भी कम वोटों का फ़ासला था।
सीट का इतिहास
सभी उम्मीदवार
6 उम्मीदवार| # | उम्मीदवार | पार्टी | मिले वोट · %मतों का हिस्सा |
|---|---|---|---|
| 1 | हृषिकेश हालदार निर्दलीय | निर्दलीय | 23,33946.8% |
| 2 | हंसध्वज धारा | 22,72245.6% | |
| 3 | नलिनी कान्ता प्रामानिक SUC | SUC | 2,9005.8% |
| 4 | सुधा सिंधु पुरकैत निर्दलीय | निर्दलीय | 3430.7% |
| 5 | अमलेंदु बंद्योपाध्याय निर्दलीय | निर्दलीय | 3110.6% |
| 6 | गुलाम रब्बानी वैद्य़ निर्दलीय | निर्दलीय | 2160.4% |
ज़मानत ज़ब्त: उम्मीदवार को कुल वैध वोटों के छठे हिस्से से कम वोट मिले, इसलिए जन प्रतिनिधित्व अधिनियम 1951 की धारा 158 के तहत उसकी ज़मानत राशि ज़ब्त हो जाती है।
परिणाम पूरे हैं; इस सीट के चुनावी हलफ़नामों की जानकारी अभी उपलब्ध नहीं है।
नज़दीकी मुक़ाबला, दो से तीन दलों का मुक़ाबला।
यह सीट कितनी पक्की है?
जीत का अंतर, कुल वोटों के प्रतिशत में
कितने लोगों ने वोट डाला?
पंजीकृत मतदाताओं में से
मुक़ाबले में असल में कितने दल थे?
एक निर्दलीय, INC और SUC को 98% वोट मिले।
मुक़ाबले में दलों की प्रभावी संख्या 2.32 दलों की प्रभावी संख्या — यह हर दल को उसके मतों के हिस्से के हिसाब से गिनती है।
सदन में किसके पास कितनी सीटें?
वोट किस तरह बँटे?
यह सीट नंबर 2011 से दोबारा इस्तेमाल हुआ है। हमारे पास मौजूद ज़िले के आँकड़े इस सीट को 2011 से लड़ी गई सीट मानते हैं, इसलिए पहले के चुनावों के लिए ये नहीं दिखाए जाते।
राज्य के आँकड़े पूछें
RBI 2024-25ये आँकड़े पूरे राज्य के हैं, इस सीट के नहीं।