आड़शाविधान सभा चुनाव का परिणाम, 1957
सागर चन्द्र महतो (निर्दलीय) ने 1957 के विधान सभा चुनाव में 26.4% वोट पाकर आड़शा सीट जीती और मोतीलाल माझी (INC) को 1,029 वोटों से हराया।
1957 के चुनाव से पहले सीटों की सीमाएँ नए सिरे से तय की गईं। 1951 में सीट नंबर 67 केशपुर थी। 1957 के बाद सीटों की सीमाएँ नए सिरे से तय की गईं। 1962 से सीट नंबर 67 हरिणघाटा है। इस इलाक़े के पहले के परिणामों के लिए सीट का इतिहास देखें।
विजेता
6.8% के अंतर से साफ़ जीत।
सीट का इतिहास
सभी उम्मीदवार
11 उम्मीदवार| # | उम्मीदवार | पार्टी | मिले वोट · %मतों का हिस्सा |
|---|---|---|---|
| 1 | सागर चन्द्र महतो निर्दलीय | निर्दलीय | 4,01226.4% |
| 2 | मोतीलाल माझी | 2,98319.7% | |
| 3 | बिश्वंभर कुमार निर्दलीय | निर्दलीय | 1,88612.4% |
| 4 | बिस्वनाथ राजगोरिया निर्दलीय | निर्दलीय | 9566.3% |
| 5 | अनिल कृष्ण घोष निर्दलीय | निर्दलीय | 8895.9% |
| 6 | गोराचंद महतो निर्दलीय | निर्दलीय | 8855.8% |
| 7 | शिब चरण चन्द निर्दलीय | निर्दलीय | 8465.6% |
| 8 | मेरखू महतो निर्दलीय | निर्दलीय | 7615.0% |
| 9 | रामजीबन सिंह निर्दलीय | निर्दलीय | 7525.0% |
| 10 | क्षुदिराम पाल निर्दलीय | निर्दलीय | 6064.0% |
| 11 | साधू बनर्जी निर्दलीय | निर्दलीय | 5903.9% |
परिणाम पूरे हैं; इस सीट के चुनावी हलफ़नामों की जानकारी अभी उपलब्ध नहीं है।
साफ़ जीत, कई दलों में बँटा मुक़ाबला।
यह सीट कितनी पक्की है?
जीत का अंतर, कुल वोटों के प्रतिशत में
कितने लोगों ने वोट डाला?
पंजीकृत मतदाताओं में से
मुक़ाबले में असल में कितने दल थे?
सबसे आगे के तीन दलों को सिर्फ़ 59% वोट मिले।
मुक़ाबले में दलों की प्रभावी संख्या 6.84 दलों की प्रभावी संख्या — यह हर दल को उसके मतों के हिस्से के हिसाब से गिनती है।
सदन में किसके पास कितनी सीटें?
वोट किस तरह बँटे?
यह सीट नंबर 1977 से दोबारा इस्तेमाल हुआ है। हमारे पास मौजूद ज़िले के आँकड़े इस सीट को 1977 से लड़ी गई सीट मानते हैं, इसलिए पहले के चुनावों के लिए ये नहीं दिखाए जाते।
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RBI 2024-25ये आँकड़े पूरे राज्य के हैं, इस सीट के नहीं।