सिउड़ीविधान सभा चुनाव का परिणाम, 1957
1957 के विधान सभा चुनाव में सिउड़ी से 2 सदस्य चुने गए: मिहिरलाल चटर्जी (PSP) और तुर्कु हाँसदा (CPI)।
1957 के चुनाव से पहले सीटों की सीमाएँ नए सिरे से तय की गईं। 1951 में सीट नंबर 46 कांदी थी। 1957 के बाद सीटों की सीमाएँ नए सिरे से तय की गईं। 1962 से सीट नंबर 46 भगवानगोला है। इस इलाक़े के पहले के परिणामों के लिए सीट का इतिहास देखें।
विजेता
सुरक्षित अंतर से जीत — मिहिरलाल चटर्जी 16.6% से जीते।
सीट का इतिहास
सभी उम्मीदवार
8 उम्मीदवार| # | उम्मीदवार | पार्टी | मिले वोट · %मतों का हिस्सा |
|---|---|---|---|
| 1 | मिहिरलाल चटर्जी | 28,58330.1% | |
| 2 | तुर्कु हाँसदा | 24,22725.5% | |
| 3 | गोपिकाबिलास सेनगुप्ता | 12,80313.5% | |
| 4 | अब्दुल मोतालेब निर्दलीय | निर्दलीय | 10,17910.7% |
| 5 | भूषण हाँसदा | 9,56010.1% | |
| 6 | बेजोयगोपाल चन्द्र निर्दलीय | निर्दलीय | 4,5394.8% |
| 7 | किशन हाँसदा निर्दलीय | निर्दलीय | 3,3983.6% |
| 8 | मोहिदास सोरेन निर्दलीय | निर्दलीय | 1,6061.7% |
परिणाम पूरे हैं; इस सीट के चुनावी हलफ़नामों की जानकारी अभी उपलब्ध नहीं है।
सुरक्षित अंतर, कई दलों में बँटा मुक़ाबला।
यह सीट कितनी पक्की है?
जीत का अंतर, कुल वोटों के प्रतिशत में
कितने लोगों ने वोट डाला?
पंजीकृत मतदाताओं में से
मुक़ाबले में असल में कितने दल थे?
सबसे आगे के तीन दलों को 79% वोट मिले।
मुक़ाबले में दलों की प्रभावी संख्या 5.01 दलों की प्रभावी संख्या — यह हर दल को उसके मतों के हिस्से के हिसाब से गिनती है।
सदन में किसके पास कितनी सीटें?
वोट किस तरह बँटे?
यह सीट नंबर 2011 से दोबारा इस्तेमाल हुआ है। हमारे पास मौजूद ज़िले के आँकड़े इस सीट को 2011 से लड़ी गई सीट मानते हैं, इसलिए पहले के चुनावों के लिए ये नहीं दिखाए जाते।
राज्य के आँकड़े पूछें
RBI 2024-25ये आँकड़े पूरे राज्य के हैं, इस सीट के नहीं।