गोपीबल्लभपुरविधान सभा चुनाव का परिणाम, 1957
1957 के विधान सभा चुनाव में गोपीबल्लभपुर से 2 सदस्य चुने गए: सुरेन्द्र नाथ महतो (INC) और जगत्पति हाँसदा (INC)।
1957 के चुनाव से पहले सीटों की सीमाएँ नए सिरे से तय की गईं। 1951 में सीट नंबर 110 खंडघोष थी। 1957 के बाद सीटों की सीमाएँ नए सिरे से तय की गईं। 1962 से सीट नंबर 110 फोर्ट है। इस इलाक़े के पहले के परिणामों के लिए सीट का इतिहास देखें।
विजेता
11.5% के अंतर से साफ़ जीत।
सीट का इतिहास
सभी उम्मीदवार
8 उम्मीदवार| # | उम्मीदवार | पार्टी | मिले वोट · %मतों का हिस्सा |
|---|---|---|---|
| 1 | सुरेन्द्र नाथ महतो | 25,52827.2% | |
| 2 | जगत्पति हाँसदा | 20,00721.3% | |
| 3 | धनंजय कर | 14,70215.7% | |
| 4 | रतन सरेन | 12,39113.2% | |
| 5 | अभय चरण सिंह निर्दलीय | निर्दलीय | 6,6247.1% |
| 6 | धरणीधर दास निर्दलीय | निर्दलीय | 5,8606.3% |
| 7 | झापरा सरेन निर्दलीय | निर्दलीय | 5,8596.2% |
| 8 | दुर्गा प्रसाद हेम्ब्रम निर्दलीय | निर्दलीय | 2,8563.0% |
परिणाम पूरे हैं; इस सीट के चुनावी हलफ़नामों की जानकारी अभी उपलब्ध नहीं है।
साफ़ जीत, कई दलों में बँटा मुक़ाबला।
यह सीट कितनी पक्की है?
जीत का अंतर, कुल वोटों के प्रतिशत में
कितने लोगों ने वोट डाला?
पंजीकृत मतदाताओं में से
मुक़ाबले में असल में कितने दल थे?
सबसे आगे के तीन दलों को 84% वोट मिले।
मुक़ाबले में दलों की प्रभावी संख्या 5.71 दलों की प्रभावी संख्या — यह हर दल को उसके मतों के हिस्से के हिसाब से गिनती है।
सदन में किसके पास कितनी सीटें?
वोट किस तरह बँटे?
यह सीट नंबर 2011 से दोबारा इस्तेमाल हुआ है। हमारे पास मौजूद ज़िले के आँकड़े इस सीट को 2011 से लड़ी गई सीट मानते हैं, इसलिए पहले के चुनावों के लिए ये नहीं दिखाए जाते।
राज्य के आँकड़े पूछें
RBI 2024-25ये आँकड़े पूरे राज्य के हैं, इस सीट के नहीं।