कनालीछीनाविधान सभा चुनाव का परिणाम, 2002
काशी सिंह ऐरी (UKKD) ने 2002 के विधान सभा चुनाव में 35.0% वोट पाकर कनालीछीना सीट जीती और जगजीवन (BJP) को 2,865 वोटों से हराया।
2007 के बाद सीटों की सीमाएँ नए सिरे से तय की गईं। 2012 से सीट नंबर 69 नानकमत्ता है।
विजेता
10.7% के अंतर से साफ़ जीत।
सीट का इतिहास
सभी उम्मीदवार
12 उम्मीदवार| # | उम्मीदवार | पार्टी | मिले वोट · %मतों का हिस्सा |
|---|---|---|---|
| 1 | काशी सिंह ऐरी UKKD | UKKD | 9,37835.0% |
| 2 | जगजीवन NDA | NDA | 6,51324.3% |
| 3 | मनोज ओझा | 4,97718.6% | |
| 4 | बहादुर सिंह कार्की निर्दलीय | निर्दलीय | 1,2874.8% |
| 5 | तारा चन्द UJP | UJP | 1,0173.8% |
| 6 | मदन मोहन भट्ट निर्दलीय | निर्दलीय | 8803.3% |
| 7 | महेश सिंह निर्दलीय | निर्दलीय | 8323.1% |
| 8 | ले. कर्नल जगमोहन चन्द ठाकुर | 6982.6% | |
| 9 | कृष्ण बहादुर निर्दलीय | निर्दलीय | 4001.5% |
| 10 | मोहन राम | 3541.3% | |
| 11 | रघुबर | 2500.9% | |
| 12 | कृष्ण नन्द कापड़ी निर्दलीय | निर्दलीय | 2400.9% |
ज़मानत ज़ब्त: उम्मीदवार को कुल वैध वोटों के छठे हिस्से से कम वोट मिले, इसलिए जन प्रतिनिधित्व अधिनियम 1951 की धारा 158 के तहत उसकी ज़मानत राशि ज़ब्त हो जाती है।
परिणाम पूरे हैं; इस सीट के चुनावी हलफ़नामों की जानकारी अभी उपलब्ध नहीं है।
साफ़ जीत, कई दलों में बँटा मुक़ाबला।
यह सीट कितनी पक्की है?
जीत का अंतर, कुल वोटों के प्रतिशत में
कितने लोगों ने वोट डाला?
पंजीकृत मतदाताओं में से
मुक़ाबले में असल में कितने दल थे?
सबसे आगे के तीन दलों को 78% वोट मिले।
मुक़ाबले में दलों की प्रभावी संख्या 4.49 दलों की प्रभावी संख्या — यह हर दल को उसके मतों के हिस्से के हिसाब से गिनती है।
सदन में किसके पास कितनी सीटें?
वोट किस तरह बँटे?
यह सीट नंबर 2012 से दोबारा इस्तेमाल हुआ है। हमारे पास मौजूद ज़िले के आँकड़े इस सीट को 2012 से लड़ी गई सीट मानते हैं, इसलिए पहले के चुनावों के लिए ये नहीं दिखाए जाते।
राज्य के आँकड़े पूछें
RBI 2024-25ये आँकड़े पूरे राज्य के हैं, इस सीट के नहीं।
कनालीछीना से कौन जीता, 2002–2007
इसके बाद 2007 के चुनाव में यह सीट INC ने जीती।
- 2002काशी सिंह ऐरी (UKKD), जीत का अंतर 10.7%
- 2007मयूख सिंह (INC), जीत का अंतर 14.6%