गंगोलीहाटविधान सभा चुनाव का परिणाम, 2002
नारायण राम आर्य (INC) ने 2002 के विधान सभा चुनाव में 33.7% वोट पाकर गंगोलीहाट सीट जीती और जोगाराम टम्टा (BJP) को 470 वोटों से हराया।
2007 के बाद सीटों की सीमाएँ नए सिरे से तय की गईं। 2012 से सीट नंबर 67 किच्छा है।
विजेता
गंगोलीहाट का फ़ैसला सिर्फ़ 1.8% के बेहद मामूली अंतर से हुआ — विजेता और दूसरे नंबर पर रहे उम्मीदवार के बीच 470 से भी कम वोटों का फ़ासला था।
सीट का इतिहास
सभी उम्मीदवार
7 उम्मीदवार| # | उम्मीदवार | पार्टी | मिले वोट · %मतों का हिस्सा |
|---|---|---|---|
| 1 | नारायण राम आर्य | 8,89833.7% | |
| 2 | जोगाराम टम्टा NDA | NDA | 8,42832.0% |
| 3 | गीता ठाकुर (गोवाल) निर्दलीय | निर्दलीय | 3,28612.5% |
| 4 | हरीश प्रसाद निर्दलीय | निर्दलीय | 2,5019.5% |
| 5 | हरि राम अगारी UKKD | UKKD | 1,5135.7% |
| 6 | सुन्दर राम | 1,1584.4% | |
| 7 | नारायण राम | 5902.2% |
ज़मानत ज़ब्त: उम्मीदवार को कुल वैध वोटों के छठे हिस्से से कम वोट मिले, इसलिए जन प्रतिनिधित्व अधिनियम 1951 की धारा 158 के तहत उसकी ज़मानत राशि ज़ब्त हो जाती है।
परिणाम पूरे हैं; इस सीट के चुनावी हलफ़नामों की जानकारी अभी उपलब्ध नहीं है।
नज़दीकी मुक़ाबला, कई दलों में बँटा मुक़ाबला।
यह सीट कितनी पक्की है?
जीत का अंतर, कुल वोटों के प्रतिशत में
कितने लोगों ने वोट डाला?
पंजीकृत मतदाताओं में से
मुक़ाबले में असल में कितने दल थे?
सबसे आगे के तीन दलों को 78% वोट मिले।
मुक़ाबले में दलों की प्रभावी संख्या 4.06 दलों की प्रभावी संख्या — यह हर दल को उसके मतों के हिस्से के हिसाब से गिनती है।
सदन में किसके पास कितनी सीटें?
वोट किस तरह बँटे?
यह सीट नंबर 2012 से दोबारा इस्तेमाल हुआ है। हमारे पास मौजूद ज़िले के आँकड़े इस सीट को 2012 से लड़ी गई सीट मानते हैं, इसलिए पहले के चुनावों के लिए ये नहीं दिखाए जाते।
राज्य के आँकड़े पूछें
RBI 2024-25ये आँकड़े पूरे राज्य के हैं, इस सीट के नहीं।
गंगोलीहाट से कौन जीता, 2002–2007
इसके बाद 2007 के चुनाव में यह सीट BJP ने जीती।
- 2002नारायण राम आर्य (INC), जीत का अंतर 1.8%
- 2007जोगा राम टम्टा (BJP), जीत का अंतर 8.0%