कर्णप्रयागविधान सभा चुनाव का परिणाम, 2002
अनिल नौटियाल (BJP) ने 2002 के विधान सभा चुनाव में 26.9% वोट पाकर कर्णप्रयाग सीट जीती और सुरेन्द्र सिंह (NCP) को 1,640 वोटों से हराया।
2007 के बाद सीटों की सीमाएँ नए सिरे से तय की गईं। 2012 से सीट नंबर 40 लैंसडाउन है।
विजेता
नज़दीकी मुक़ाबला। अनिल नौटियाल 4.8% के अंतर से जीते।
सीट का इतिहास
सभी उम्मीदवार
12 उम्मीदवार| # | उम्मीदवार | पार्टी | मिले वोट · %मतों का हिस्सा |
|---|---|---|---|
| 1 | अनिल नौटियाल NDA | NDA | 9,22426.9% |
| 2 | सुरेन्द्र सिंह | 7,58422.1% | |
| 3 | भारत सिंह उर्फ़ भारत सिंह चौधरी | 6,83820.0% | |
| 4 | सुरेन्द्र सिंह बिष्ट निर्दलीय | निर्दलीय | 3,63010.6% |
| 5 | मदन उर्फ़ डॉ. मदन मोहन नवानी UKKD | UKKD | 2,0676.0% |
| 6 | अर्जुन सिंह निर्दलीय | निर्दलीय | 9332.7% |
| 7 | शंकर काला | 9282.7% | |
| 8 | राजेन्द्र सिंह निर्दलीय | निर्दलीय | 7292.1% |
| 9 | किशन सिंह CPI(ML)(L) | CPI(ML)(L) | 6591.9% |
| 10 | सुरेन्द्र सिंह | 6471.9% | |
| 11 | भूपाल सिंह | 5491.6% | |
| 12 | द्वारिका प्रसाद NDA | NDA | 4451.3% |
ज़मानत ज़ब्त: उम्मीदवार को कुल वैध वोटों के छठे हिस्से से कम वोट मिले, इसलिए जन प्रतिनिधित्व अधिनियम 1951 की धारा 158 के तहत उसकी ज़मानत राशि ज़ब्त हो जाती है।
परिणाम पूरे हैं; इस सीट के चुनावी हलफ़नामों की जानकारी अभी उपलब्ध नहीं है।
नज़दीकी मुक़ाबला, कई दलों में बँटा मुक़ाबला।
यह सीट कितनी पक्की है?
जीत का अंतर, कुल वोटों के प्रतिशत में
कितने लोगों ने वोट डाला?
पंजीकृत मतदाताओं में से
मुक़ाबले में असल में कितने दल थे?
सबसे आगे के तीन दलों को 69% वोट मिले।
मुक़ाबले में दलों की प्रभावी संख्या 5.57 दलों की प्रभावी संख्या — यह हर दल को उसके मतों के हिस्से के हिसाब से गिनती है।
सदन में किसके पास कितनी सीटें?
वोट किस तरह बँटे?
यह सीट नंबर 2012 से दोबारा इस्तेमाल हुआ है। हमारे पास मौजूद ज़िले के आँकड़े इस सीट को 2012 से लड़ी गई सीट मानते हैं, इसलिए पहले के चुनावों के लिए ये नहीं दिखाए जाते।
राज्य के आँकड़े पूछें
RBI 2024-25ये आँकड़े पूरे राज्य के हैं, इस सीट के नहीं।
कर्णप्रयाग से कौन जीता, 2002–2007
इसके बाद 2007 के चुनाव में भी BJP ने यह सीट अपने पास रखी।
- 2002अनिल नौटियाल (BJP), जीत का अंतर 4.8%
- 2007अनिल नौटियाल (BJP), जीत का अंतर 16.4%