रुद्रप्रयागविधान सभा चुनाव का परिणाम, 2002
मातबर सिंह (BJP) ने 2002 के विधान सभा चुनाव में 37.6% वोट पाकर रुद्रप्रयाग सीट जीती और गजेन्द्र सिंह (INC) को 5,756 वोटों से हराया।
2007 के बाद सीटों की सीमाएँ नए सिरे से तय की गईं। 2012 से सीट नंबर 36 यमकेश्वर है।
विजेता
14.4% के अंतर से साफ़ जीत।
सीट का इतिहास
सभी उम्मीदवार
13 उम्मीदवार| # | उम्मीदवार | पार्टी | मिले वोट · %मतों का हिस्सा |
|---|---|---|---|
| 1 | मातबर सिंह NDA | NDA | 15,03137.6% |
| 2 | गजेन्द्र सिंह | 9,27523.2% | |
| 3 | श्रीकृष्ण UKKD | UKKD | 3,4328.6% |
| 4 | धर्म लाल | 2,8067.0% | |
| 5 | भगवती निर्दलीय | निर्दलीय | 2,3135.8% |
| 6 | किशोरी नन्दन | 1,7794.5% | |
| 7 | गुलाब सिंह निर्दलीय | निर्दलीय | 1,2863.2% |
| 8 | बद्री प्रसाद जसोला UJP | UJP | 9882.5% |
| 9 | जसपाल सिंह | 8402.1% | |
| 10 | उमेद सिंह निर्दलीय | निर्दलीय | 8052.0% |
| 11 | प्रेम प्रकाश निर्दलीय | निर्दलीय | 5601.4% |
| 12 | धर्म पाल | 4301.1% | |
| 13 | गंभीर सिंह RTKP | RTKP | 3780.9% |
ज़मानत ज़ब्त: उम्मीदवार को कुल वैध वोटों के छठे हिस्से से कम वोट मिले, इसलिए जन प्रतिनिधित्व अधिनियम 1951 की धारा 158 के तहत उसकी ज़मानत राशि ज़ब्त हो जाती है।
परिणाम पूरे हैं; इस सीट के चुनावी हलफ़नामों की जानकारी अभी उपलब्ध नहीं है।
साफ़ जीत, कई दलों में बँटा मुक़ाबला।
यह सीट कितनी पक्की है?
जीत का अंतर, कुल वोटों के प्रतिशत में
कितने लोगों ने वोट डाला?
पंजीकृत मतदाताओं में से
मुक़ाबले में असल में कितने दल थे?
सबसे आगे के तीन दलों को 69% वोट मिले।
मुक़ाबले में दलों की प्रभावी संख्या 4.62 दलों की प्रभावी संख्या — यह हर दल को उसके मतों के हिस्से के हिसाब से गिनती है।
सदन में किसके पास कितनी सीटें?
वोट किस तरह बँटे?
यह सीट नंबर 2012 से दोबारा इस्तेमाल हुआ है। हमारे पास मौजूद ज़िले के आँकड़े इस सीट को 2012 से लड़ी गई सीट मानते हैं, इसलिए पहले के चुनावों के लिए ये नहीं दिखाए जाते।
राज्य के आँकड़े पूछें
RBI 2024-25ये आँकड़े पूरे राज्य के हैं, इस सीट के नहीं।
रुद्रप्रयाग से कौन जीता, 2002–2007
इसके बाद 2007 के चुनाव में भी BJP ने यह सीट अपने पास रखी।
- 2002मातबर सिंह (BJP), जीत का अंतर 14.4%
- 2007मातबर सिंह कण्डारी (BJP), जीत का अंतर 14.6%