श्रीनगरविधान सभा चुनाव का परिणाम, 2002
सुन्दरलाल मंद्रवाल (INC) ने 2002 के विधान सभा चुनाव में 40.5% वोट पाकर श्रीनगर सीट जीती और बृज मोहन (BJP) को 1,637 वोटों से हराया।
2007 के बाद सीटों की सीमाएँ नए सिरे से तय की गईं। 2012 से सीट नंबर 34 लक्सर है।
विजेता
6.6% के अंतर से साफ़ जीत।
सीट का इतिहास
सभी उम्मीदवार
11 उम्मीदवार| # | उम्मीदवार | पार्टी | मिले वोट · %मतों का हिस्सा |
|---|---|---|---|
| 1 | सुन्दरलाल मंद्रवाल | 10,04040.5% | |
| 2 | बृज मोहन NDA | NDA | 8,40333.9% |
| 3 | सोहनलाल मुयाल निर्दलीय | निर्दलीय | 2,74711.1% |
| 4 | चमन लाल प्रद्योत UKKD | UKKD | 1,1794.8% |
| 5 | राजकुमार निर्दलीय | निर्दलीय | 8443.4% |
| 6 | महेन्द्र कुमार | 4681.9% | |
| 7 | गणपत लाल निर्दलीय | निर्दलीय | 3731.5% |
| 8 | भक्ति लाल टम्टा | 3071.2% | |
| 9 | हरिशपति CPI(ML)(L) | CPI(ML)(L) | 1820.7% |
| 10 | राजेन्द्र सिंह गोठवाल NDA | NDA | 1300.5% |
| 11 | भगवती चरण निर्दलीय | निर्दलीय | 1140.5% |
ज़मानत ज़ब्त: उम्मीदवार को कुल वैध वोटों के छठे हिस्से से कम वोट मिले, इसलिए जन प्रतिनिधित्व अधिनियम 1951 की धारा 158 के तहत उसकी ज़मानत राशि ज़ब्त हो जाती है।
परिणाम पूरे हैं; इस सीट के चुनावी हलफ़नामों की जानकारी अभी उपलब्ध नहीं है।
साफ़ जीत, कई दलों में बँटा मुक़ाबला।
यह सीट कितनी पक्की है?
जीत का अंतर, कुल वोटों के प्रतिशत में
कितने लोगों ने वोट डाला?
पंजीकृत मतदाताओं में से
मुक़ाबले में असल में कितने दल थे?
सबसे आगे के तीन दलों को 85% वोट मिले।
मुक़ाबले में दलों की प्रभावी संख्या 3.38 दलों की प्रभावी संख्या — यह हर दल को उसके मतों के हिस्से के हिसाब से गिनती है।
सदन में किसके पास कितनी सीटें?
वोट किस तरह बँटे?
यह सीट नंबर 2012 से दोबारा इस्तेमाल हुआ है। हमारे पास मौजूद ज़िले के आँकड़े इस सीट को 2012 से लड़ी गई सीट मानते हैं, इसलिए पहले के चुनावों के लिए ये नहीं दिखाए जाते।
राज्य के आँकड़े पूछें
RBI 2024-25ये आँकड़े पूरे राज्य के हैं, इस सीट के नहीं।
श्रीनगर से कौन जीता, 2002–2007
इसके बाद 2007 के चुनाव में यह सीट BJP ने जीती।
- 2002सुन्दरलाल मंद्रवाल (INC), जीत का अंतर 6.6%
- 2007बृजमोहन कोटवाल (BJP), जीत का अंतर 9.9%