यमुनोत्रीविधान सभा चुनाव का परिणाम, 2002
प्रीतम सिंह पवार (UKKD) ने 2002 के विधान सभा चुनाव में 26.4% वोट पाकर यमुनोत्री सीट जीती और केदार सिंह (INC) को 2,485 वोटों से हराया।
2007 के बाद सीटों की सीमाएँ नए सिरे से तय की गईं। 2012 से सीट नंबर 3 गंगोत्री है।
विजेता
6.9% के अंतर से साफ़ जीत।
सीट का इतिहास
सभी उम्मीदवार
13 उम्मीदवार| # | उम्मीदवार | पार्टी | मिले वोट · %मतों का हिस्सा |
|---|---|---|---|
| 1 | प्रीतम सिंह पवार UKKD | UKKD | 9,49826.4% |
| 2 | केदार सिंह | 7,01319.5% | |
| 3 | सुलोचना NDA | NDA | 5,58415.5% |
| 4 | बुद्धि सिंह | 3,99911.1% | |
| 5 | बलबीर सिंह बिष्ट UJP | UJP | 1,9095.3% |
| 6 | मनवीर सिंह | 1,6674.6% | |
| 7 | रणवीर सिंह निर्दलीय | निर्दलीय | 1,3043.6% |
| 8 | बिशन सिंह | 1,2693.5% | |
| 9 | संगत सिंह चौहान निर्दलीय | निर्दलीय | 1,0412.9% |
| 10 | धौंकर सिंह निर्दलीय | निर्दलीय | 9222.6% |
| 11 | बिमल देव अवस्थी निर्दलीय | निर्दलीय | 7562.1% |
| 12 | धर्म सिंह राणा RPD | RPD | 6661.9% |
| 13 | राम प्रसाद | 3851.1% |
ज़मानत ज़ब्त: उम्मीदवार को कुल वैध वोटों के छठे हिस्से से कम वोट मिले, इसलिए जन प्रतिनिधित्व अधिनियम 1951 की धारा 158 के तहत उसकी ज़मानत राशि ज़ब्त हो जाती है।
परिणाम पूरे हैं; इस सीट के चुनावी हलफ़नामों की जानकारी अभी उपलब्ध नहीं है।
साफ़ जीत, कई दलों में बँटा मुक़ाबला।
यह सीट कितनी पक्की है?
जीत का अंतर, कुल वोटों के प्रतिशत में
कितने लोगों ने वोट डाला?
पंजीकृत मतदाताओं में से
मुक़ाबले में असल में कितने दल थे?
सबसे आगे के तीन दलों को 61% वोट मिले।
मुक़ाबले में दलों की प्रभावी संख्या 6.51 दलों की प्रभावी संख्या — यह हर दल को उसके मतों के हिस्से के हिसाब से गिनती है।
सदन में किसके पास कितनी सीटें?
वोट किस तरह बँटे?
यह सीट नंबर 2012 से दोबारा इस्तेमाल हुआ है। हमारे पास मौजूद ज़िले के आँकड़े इस सीट को 2012 से लड़ी गई सीट मानते हैं, इसलिए पहले के चुनावों के लिए ये नहीं दिखाए जाते।
राज्य के आँकड़े पूछें
RBI 2024-25ये आँकड़े पूरे राज्य के हैं, इस सीट के नहीं।
यमुनोत्री से कौन जीता, 2002–2007
इसके बाद 2007 के चुनाव में यह सीट INC ने जीती।
- 2002प्रीतम सिंह पवार (UKKD), जीत का अंतर 6.9%
- 2007केदार सिंह (INC), जीत का अंतर 7.2%