देहरादूनविधान सभा चुनाव का परिणाम, 2002
हरबंस कपूर (BJP) ने 2002 के विधान सभा चुनाव में 41.1% वोट पाकर देहरादून सीट जीती और संजय शर्मा (INC) को 2,924 वोटों से हराया।
2007 के बाद सीटों की सीमाएँ नए सिरे से तय की गईं। 2012 से सीट नंबर 14 धनोल्टी है।
विजेता
8.6% के अंतर से साफ़ जीत।
सीट का इतिहास
सभी उम्मीदवार
10 उम्मीदवार| # | उम्मीदवार | पार्टी | मिले वोट · %मतों का हिस्सा |
|---|---|---|---|
| 1 | हरबंस कपूर NDA | NDA | 13,97741.1% |
| 2 | संजय शर्मा | 11,05332.5% | |
| 3 | अनुज नौटियाल निर्दलीय | निर्दलीय | 5,84817.2% |
| 4 | गौरव कुमार | 1,3524.0% | |
| 5 | सुश्री सरिता गौड UKKD | UKKD | 5361.6% |
| 6 | सुश्री आशा बहुगुणा UJP | UJP | 3961.2% |
| 7 | तौसीफ खान | 3871.1% | |
| 8 | नबी अहमद | 2090.6% | |
| 9 | ब्रह्म देव | 1260.4% | |
| 10 | देव प्रकाश | 1190.3% |
ज़मानत ज़ब्त: उम्मीदवार को कुल वैध वोटों के छठे हिस्से से कम वोट मिले, इसलिए जन प्रतिनिधित्व अधिनियम 1951 की धारा 158 के तहत उसकी ज़मानत राशि ज़ब्त हो जाती है।
परिणाम पूरे हैं; इस सीट के चुनावी हलफ़नामों की जानकारी अभी उपलब्ध नहीं है।
साफ़ जीत, कई दलों में बँटा मुक़ाबला।
यह सीट कितनी पक्की है?
जीत का अंतर, कुल वोटों के प्रतिशत में
कितने लोगों ने वोट डाला?
पंजीकृत मतदाताओं में से
मुक़ाबले में असल में कितने दल थे?
सबसे आगे के तीन दलों को 91% वोट मिले।
मुक़ाबले में दलों की प्रभावी संख्या 3.26 दलों की प्रभावी संख्या — यह हर दल को उसके मतों के हिस्से के हिसाब से गिनती है।
सदन में किसके पास कितनी सीटें?
वोट किस तरह बँटे?
यह सीट नंबर 2012 से दोबारा इस्तेमाल हुआ है। हमारे पास मौजूद ज़िले के आँकड़े इस सीट को 2012 से लड़ी गई सीट मानते हैं, इसलिए पहले के चुनावों के लिए ये नहीं दिखाए जाते।
राज्य के आँकड़े पूछें
RBI 2024-25ये आँकड़े पूरे राज्य के हैं, इस सीट के नहीं।
देहरादून से कौन जीता, 2002–2007
इसके बाद 2007 के चुनाव में भी BJP ने यह सीट अपने पास रखी।
- 2002हरबंस कपूर (BJP), जीत का अंतर 8.6%
- 2007हरबंस कपूर (BJP), जीत का अंतर 14.9%