डुमरियागंजविधान सभा उपचुनाव का परिणाम, 2010
खातून तौफीक (BSP) ने 2010 के विधान सभा उपचुनाव में 30.1% वोट पाकर डुमरियागंज सीट जीती और प्रेम प्रकाश उर्फ़ जिप्पी तिवारी (BJP) को 15,842 वोटों से हराया।
उत्तराखंड के अलग राज्य बनने के बाद, 2002 के चुनाव के लिए सीटों के नंबर बदले गए। 1996 में सीट नंबर 154 गैंसड़ी थी। 2007 के बाद सीटों की सीमाएँ नए सिरे से तय की गईं। 2012 से सीट नंबर 154 सवायजपुर है। इस इलाक़े के पहले के परिणामों के लिए सीट का इतिहास देखें।
विजेता
10.6% के अंतर से साफ़ जीत।
सीट का इतिहास
सभी उम्मीदवार
11 उम्मीदवार| # | उम्मीदवार | पार्टी | मिले वोट · %मतों का हिस्सा |
|---|---|---|---|
| 1 | खातून तौफीक | 44,76530.1% | |
| 2 | प्रेम प्रकाश उर्फ़ जिप्पी तिवारी | 28,92319.4% | |
| 3 | सच्चिदा नन्द PP | PP | 26,33617.7% |
| 4 | कमल युसुफ मलिक | 21,92414.7% | |
| 5 | अशोक कुमार सिंह | 19,20612.9% | |
| 6 | मदन निर्दलीय | निर्दलीय | 2,2681.5% |
| 7 | आशा देवी निर्दलीय | निर्दलीय | 2,2581.5% |
| 8 | शीला RVNP | RVNP | 1,1220.8% |
| 9 | गीता निर्दलीय | निर्दलीय | 7750.5% |
| 10 | जोखई निर्दलीय | निर्दलीय | 7080.5% |
| 11 | ओंकार नाथ निर्दलीय | निर्दलीय | 6000.4% |
परिणाम पूरे हैं; इस सीट के चुनावी हलफ़नामों की जानकारी अभी उपलब्ध नहीं है।
साफ़ जीत, कई दलों में बँटा मुक़ाबला।
यह सीट कितनी पक्की है?
जीत का अंतर, कुल वोटों के प्रतिशत में
मुक़ाबले में असल में कितने दल थे?
सबसे आगे के तीन दलों को 67% वोट मिले।
मुक़ाबले में दलों की प्रभावी संख्या 5.04 दलों की प्रभावी संख्या — यह हर दल को उसके मतों के हिस्से के हिसाब से गिनती है।
वोट किस तरह बँटे?
यह सीट नंबर 2012 से दोबारा इस्तेमाल हुआ है। हमारे पास मौजूद ज़िले के आँकड़े इस सीट को 2012 से लड़ी गई सीट मानते हैं, इसलिए पहले के चुनावों के लिए ये नहीं दिखाए जाते।
राज्य के आँकड़े पूछें
RBI 2024-25ये आँकड़े पूरे राज्य के हैं, इस सीट के नहीं।