इटावाविधान सभा उपचुनाव का परिणाम, 2009
एम. एस. राजपूत (BSP) ने 2009 के विधान सभा उपचुनाव में 56.9% वोट पाकर इटावा सीट जीती और वी. सिंह भदौर (SP) को 32,827 वोटों से हराया।
उत्तराखंड के अलग राज्य बनने के बाद, 2002 के चुनाव के लिए सीटों के नंबर बदले गए। 1996 में सीट नंबर 288 सीसामऊ थी। 2007 के बाद सीटों की सीमाएँ नए सिरे से तय की गईं। 2012 से सीट नंबर 288 कैसरगंज है। इस इलाक़े के पहले के परिणामों के लिए सीट का इतिहास देखें।
विजेता
सुरक्षित अंतर से जीत — एम. एस. राजपूत 24.5% से जीते।
सीट का इतिहास
सभी उम्मीदवार
12 उम्मीदवार| # | उम्मीदवार | पार्टी | मिले वोट · %मतों का हिस्सा |
|---|---|---|---|
| 1 | एम. एस. राजपूत | 76,09356.9% | |
| 2 | वी. सिंह भदौर | 43,26632.3% | |
| 3 | सरिता भदौरिया | 6,3764.8% | |
| 4 | संतोष च. | 4,0363.0% | |
| 5 | सुरेश सिंह निर्दलीय | निर्दलीय | 1,6071.2% |
| 6 | अनिल कु. पाठक | 7960.6% | |
| 7 | सत्य प्रिया एम. निर्दलीय | निर्दलीय | 5340.4% |
| 8 | अनंत कु. आर. | 3910.3% | |
| 9 | कृष्ण मुरारी निर्दलीय | निर्दलीय | 2710.2% |
| 10 | साइलेंद्र सिंह निर्दलीय | निर्दलीय | 1700.1% |
| 11 | राज कु. सिंह निर्दलीय | निर्दलीय | 1510.1% |
| 12 | रजनीश निर्दलीय | निर्दलीय | 970.1% |
परिणाम पूरे हैं; इस सीट के चुनावी हलफ़नामों की जानकारी अभी उपलब्ध नहीं है।
सुरक्षित अंतर, दो से तीन दलों का मुक़ाबला।
यह सीट कितनी पक्की है?
जीत का अंतर, कुल वोटों के प्रतिशत में
मुक़ाबले में असल में कितने दल थे?
BSP, SP और BJP को 95% वोट मिले।
मुक़ाबले में दलों की प्रभावी संख्या 2.32 दलों की प्रभावी संख्या — यह हर दल को उसके मतों के हिस्से के हिसाब से गिनती है।
वोट किस तरह बँटे?
यह सीट नंबर 2012 से दोबारा इस्तेमाल हुआ है। हमारे पास मौजूद ज़िले के आँकड़े इस सीट को 2012 से लड़ी गई सीट मानते हैं, इसलिए पहले के चुनावों के लिए ये नहीं दिखाए जाते।
राज्य के आँकड़े पूछें
RBI 2024-25ये आँकड़े पूरे राज्य के हैं, इस सीट के नहीं।