अतरौलीविधान सभा उपचुनाव का परिणाम, 2004
प्रेम लता देवी (BJP) ने 2004 के विधान सभा उपचुनाव में 41.3% वोट पाकर अतरौली सीट जीती और अशोक कुमार (SP) को 10,564 वोटों से हराया।
उत्तराखंड के अलग राज्य बनने के बाद, 2002 के चुनाव के लिए सीटों के नंबर बदले गए। 1996 में सीट नंबर 356 दयालबाग थी। 2007 के बाद सीटों की सीमाएँ नए सिरे से तय की गईं। 2012 से सीट नंबर 356 मऊ है। इस इलाक़े के पहले के परिणामों के लिए सीट का इतिहास देखें।
विजेता
7.2% के अंतर से साफ़ जीत।
सीट का इतिहास
सभी उम्मीदवार
9 उम्मीदवार| # | उम्मीदवार | पार्टी | मिले वोट · %मतों का हिस्सा |
|---|---|---|---|
| 1 | प्रेम लता देवी | 61,03641.3% | |
| 2 | अशोक कुमार | 50,47234.2% | |
| 3 | विनोद कुमार उर्फ़ अभय शर्मा | 18,42212.5% | |
| 4 | अश्वनी शर्मा | 14,5479.8% | |
| 5 | शीलेन्द्र कुमार निर्दलीय | निर्दलीय | 1,1180.8% |
| 6 | इन्द्र पाल सिंह NLP | NLP | 8140.6% |
| 7 | कृष्ण देवी निर्दलीय | निर्दलीय | 4840.3% |
| 8 | रामेश्वर निर्दलीय | निर्दलीय | 4820.3% |
| 9 | अमरीक सिंह निर्दलीय | निर्दलीय | 3480.2% |
परिणाम पूरे हैं; इस सीट के चुनावी हलफ़नामों की जानकारी अभी उपलब्ध नहीं है।
साफ़ जीत, कई दलों में बँटा मुक़ाबला।
यह सीट कितनी पक्की है?
जीत का अंतर, कुल वोटों के प्रतिशत में
मुक़ाबले में असल में कितने दल थे?
सबसे आगे के तीन दलों को 88% वोट मिले।
मुक़ाबले में दलों की प्रभावी संख्या 3.20 दलों की प्रभावी संख्या — यह हर दल को उसके मतों के हिस्से के हिसाब से गिनती है।
वोट किस तरह बँटे?
यह सीट नंबर 2012 से दोबारा इस्तेमाल हुआ है। हमारे पास मौजूद ज़िले के आँकड़े इस सीट को 2012 से लड़ी गई सीट मानते हैं, इसलिए पहले के चुनावों के लिए ये नहीं दिखाए जाते।
राज्य के आँकड़े पूछें
RBI 2024-25ये आँकड़े पूरे राज्य के हैं, इस सीट के नहीं।