हड़हाविधान सभा चुनाव का परिणाम, 1991
गंगा बख्श सिंह (INC) ने 1991 के विधान सभा चुनाव में 29.8% वोट पाकर हड़हा सीट जीती और सुन्दर लाल लोधी (BJP) को 3,376 वोटों से हराया।
1974 के चुनाव से पहले सीटों की सीमाएँ नए सिरे से तय की गईं। 1969 में सीट नंबर 95 भगवंतनगर थी। उत्तराखंड के अलग राज्य बनने के बाद, 2002 के चुनाव के लिए सीटों के नंबर बदले गए। 2002 से सीट नंबर 95 सरेनी है। इस इलाक़े के पहले के परिणामों के लिए सीट का इतिहास देखें।
विजेता
नज़दीकी मुक़ाबला। गंगा बख्श सिंह 3.9% के अंतर से जीते।
सीट का इतिहास
सभी उम्मीदवार
10 उम्मीदवार| # | उम्मीदवार | पार्टी | मिले वोट · %मतों का हिस्सा |
|---|---|---|---|
| 1 | गंगा बख्श सिंह | 25,99629.8% | |
| 2 | सुन्दर लाल लोधी | 22,62025.9% | |
| 3 | सच्चिदानंद जनता दल | जनता दल | 13,61115.6% |
| 4 | गंगा प्रसाद JP | JP | 12,97414.9% |
| 5 | सुबेदार | 7,5938.7% | |
| 6 | श्याम लाल | 2,0542.4% | |
| 7 | अर्जुन लाल निर्दलीय | निर्दलीय | 1,0221.2% |
| 8 | राम सुघर निर्दलीय | निर्दलीय | 7890.9% |
| 9 | कृष्ण कुमार | 3140.4% | |
| 10 | नरेश चन्द्र निर्दलीय | निर्दलीय | 2650.3% |
ज़मानत ज़ब्त: उम्मीदवार को कुल वैध वोटों के छठे हिस्से से कम वोट मिले, इसलिए जन प्रतिनिधित्व अधिनियम 1951 की धारा 158 के तहत उसकी ज़मानत राशि ज़ब्त हो जाती है।
परिणाम पूरे हैं; इस सीट के चुनावी हलफ़नामों की जानकारी अभी उपलब्ध नहीं है।
नज़दीकी मुक़ाबला, कई दलों में बँटा मुक़ाबला।
यह सीट कितनी पक्की है?
जीत का अंतर, कुल वोटों के प्रतिशत में
कितने लोगों ने वोट डाला?
पंजीकृत मतदाताओं में से
मुक़ाबले में असल में कितने दल थे?
सबसे आगे के तीन दलों को 71% वोट मिले।
मुक़ाबले में दलों की प्रभावी संख्या 4.74 दलों की प्रभावी संख्या — यह हर दल को उसके मतों के हिस्से के हिसाब से गिनती है।
सदन में किसके पास कितनी सीटें?
वोट किस तरह बँटे?
यह सीट नंबर 2012 से दोबारा इस्तेमाल हुआ है। हमारे पास मौजूद ज़िले के आँकड़े इस सीट को 2012 से लड़ी गई सीट मानते हैं, इसलिए पहले के चुनावों के लिए ये नहीं दिखाए जाते।
राज्य के आँकड़े पूछें
RBI 2024-25ये आँकड़े पूरे राज्य के हैं, इस सीट के नहीं।
हड़हा से कौन जीता, 1974–1996
INC ने यह सीट JD से छीन ली, जिसने इसे 1989 में जीता था; INC ने यहाँ पिछली बार 1985 में जीत दर्ज की थी। 1974 से अब तक यहाँ के किसी भी चुनाव में यह सबसे कड़ा मुक़ाबला था। मतदान प्रतिशत 1989 के 48.6% से बढ़कर 49.4% हो गया। इसके बाद 1993 के चुनाव में यह सीट BJP ने जीती।
- 1974सच्चिदा नन्द (INC), जीत का अंतर 7.6%
- 1977हेमराज (JNP), जीत का अंतर 23.0%
- 1980सच्चिदा नन्द (INC(I)), जीत का अंतर 19.7%
- 1985सच्चिदानन्द बाजपेयी (INC), जीत का अंतर 17.8%
- 1989सच्चिदानंद (JD), जीत का अंतर 3.9%
- 1991गंगा बख्श सिंह (INC), जीत का अंतर 3.9%
- 1993सुन्दर लाल लोधी (BJP), जीत का अंतर 9.7%
- 1996गंगा बख्श सिंह (INC), जीत का अंतर 16.0%