सफ़ीपुरविधान सभा चुनाव का परिणाम, 1991
सुन्दर लाल (JD) ने 1991 के विधान सभा चुनाव में 26.8% वोट पाकर सफ़ीपुर सीट जीती और बाबू लाल (BJP) को 716 वोटों से हराया।
1974 के चुनाव से पहले सीटों की सीमाएँ नए सिरे से तय की गईं। 1969 में सीट नंबर 93 उन्नाव थी। उत्तराखंड के अलग राज्य बनने के बाद, 2002 के चुनाव के लिए सीटों के नंबर बदले गए। 2002 से सीट नंबर 93 राय बरेली है। इस इलाक़े के पहले के परिणामों के लिए सीट का इतिहास देखें।
विजेता
सफ़ीपुर का फ़ैसला सिर्फ़ 0.9% के बेहद मामूली अंतर से हुआ — विजेता और दूसरे नंबर पर रहे उम्मीदवार के बीच 716 से भी कम वोटों का फ़ासला था।
सीट का इतिहास
सभी उम्मीदवार
10 उम्मीदवार| # | उम्मीदवार | पार्टी | मिले वोट · %मतों का हिस्सा |
|---|---|---|---|
| 1 | सुन्दर लाल जनता दल | जनता दल | 21,57726.8% |
| 2 | बाबू लाल | 20,86125.9% | |
| 3 | सिया राम | 14,06317.5% | |
| 4 | गुरुदयाल कुरील | 13,34816.6% | |
| 5 | अमर नाथ | 5,3726.7% | |
| 6 | शिव प्रसाद निर्दलीय | निर्दलीय | 3,7964.7% |
| 7 | बद्री निर्दलीय | निर्दलीय | 3760.5% |
| 8 | चौधरी प्रसाद निर्दलीय | निर्दलीय | 3720.5% |
| 9 | राम खेलावन निर्दलीय | निर्दलीय | 3370.4% |
| 10 | पोखई | 2860.4% |
ज़मानत ज़ब्त: उम्मीदवार को कुल वैध वोटों के छठे हिस्से से कम वोट मिले, इसलिए जन प्रतिनिधित्व अधिनियम 1951 की धारा 158 के तहत उसकी ज़मानत राशि ज़ब्त हो जाती है।
परिणाम पूरे हैं; इस सीट के चुनावी हलफ़नामों की जानकारी अभी उपलब्ध नहीं है।
नज़दीकी मुक़ाबला, कई दलों में बँटा मुक़ाबला।
यह सीट कितनी पक्की है?
जीत का अंतर, कुल वोटों के प्रतिशत में
कितने लोगों ने वोट डाला?
पंजीकृत मतदाताओं में से
मुक़ाबले में असल में कितने दल थे?
सबसे आगे के तीन दलों को 70% वोट मिले।
मुक़ाबले में दलों की प्रभावी संख्या 4.90 दलों की प्रभावी संख्या — यह हर दल को उसके मतों के हिस्से के हिसाब से गिनती है।
सदन में किसके पास कितनी सीटें?
वोट किस तरह बँटे?
यह सीट नंबर 2012 से दोबारा इस्तेमाल हुआ है। हमारे पास मौजूद ज़िले के आँकड़े इस सीट को 2012 से लड़ी गई सीट मानते हैं, इसलिए पहले के चुनावों के लिए ये नहीं दिखाए जाते।
राज्य के आँकड़े पूछें
RBI 2024-25ये आँकड़े पूरे राज्य के हैं, इस सीट के नहीं।
सफ़ीपुर से कौन जीता, 1974–1996
JD ने 1989 में जीती यह सीट फिर से अपने पास रखी। उसे मिले वोटों का प्रतिशत 51.7% से घटकर 26.8% रह गया। 1974 से अब तक यहाँ के किसी भी चुनाव में यह सबसे कड़ा मुक़ाबला था। मतदान प्रतिशत 1989 के 48.6% से घटकर 44.8% रह गया। इसके बाद 1993 के चुनाव में यह सीट BJP ने जीती।
- 1974सुन्दर लाल (BKD), जीत का अंतर 5.2%
- 1977सुन्दर लाल (JNP), जीत का अंतर 11.4%
- 1980हर प्रसाद (INC(I)), जीत का अंतर 3.8%
- 1985सुन्दर लाल (LKD), जीत का अंतर 1.7%
- 1989सुन्दर लाल (JD), जीत का अंतर 22.9%
- 1991सुन्दर लाल (JD), जीत का अंतर 0.9%
- 1993बाबू लाल (BJP), जीत का अंतर 3.5%
- 1996बाबू लाल (BJP), जीत का अंतर 0.1%