श्रीनगरविधान सभा चुनाव का परिणाम, 1991
ताज नारायण त्रिवेदी (INC) ने 1991 के विधान सभा चुनाव में 31.0% वोट पाकर श्रीनगर सीट जीती और धीरेन्द्र बहादुर सिंह (JP) को 6,149 वोटों से हराया।
1974 के चुनाव से पहले सीटों की सीमाएँ नए सिरे से तय की गईं। 1969 में सीट नंबर 71 फूलबेहड़ थी। उत्तराखंड के अलग राज्य बनने के बाद, 2002 के चुनाव के लिए सीटों के नंबर बदले गए। 2002 से सीट नंबर 71 बावन है। इस इलाक़े के पहले के परिणामों के लिए सीट का इतिहास देखें।
विजेता
7.4% के अंतर से साफ़ जीत।
सीट का इतिहास
सभी उम्मीदवार
12 उम्मीदवार| # | उम्मीदवार | पार्टी | मिले वोट · %मतों का हिस्सा |
|---|---|---|---|
| 1 | ताज नारायण त्रिवेदी | 25,85831.0% | |
| 2 | धीरेन्द्र बहादुर सिंह JP | JP | 19,70923.7% |
| 3 | राज बृज राज सिंह | 18,50122.2% | |
| 4 | बांके लाल जनता दल | जनता दल | 11,41613.7% |
| 5 | अंसार अहमद खान निर्दलीय | निर्दलीय | 3,6744.4% |
| 6 | लालता प्रसाद निर्दलीय | निर्दलीय | 1,4681.8% |
| 7 | अशरफी लाल निर्दलीय | निर्दलीय | 7390.9% |
| 8 | रमेश | 5750.7% | |
| 9 | कुलदीप सिंह IPF | IPF | 5130.6% |
| 10 | राकेश निर्दलीय | निर्दलीय | 3950.5% |
| 11 | शिवा राज निर्दलीय | निर्दलीय | 3000.4% |
| 12 | अर्जुन निर्दलीय | निर्दलीय | 1680.2% |
ज़मानत ज़ब्त: उम्मीदवार को कुल वैध वोटों के छठे हिस्से से कम वोट मिले, इसलिए जन प्रतिनिधित्व अधिनियम 1951 की धारा 158 के तहत उसकी ज़मानत राशि ज़ब्त हो जाती है।
परिणाम पूरे हैं; इस सीट के चुनावी हलफ़नामों की जानकारी अभी उपलब्ध नहीं है।
साफ़ जीत, कई दलों में बँटा मुक़ाबला।
यह सीट कितनी पक्की है?
जीत का अंतर, कुल वोटों के प्रतिशत में
कितने लोगों ने वोट डाला?
पंजीकृत मतदाताओं में से
मुक़ाबले में असल में कितने दल थे?
सबसे आगे के तीन दलों को 77% वोट मिले।
मुक़ाबले में दलों की प्रभावी संख्या 4.49 दलों की प्रभावी संख्या — यह हर दल को उसके मतों के हिस्से के हिसाब से गिनती है।
सदन में किसके पास कितनी सीटें?
वोट किस तरह बँटे?
यह सीट नंबर 2012 से दोबारा इस्तेमाल हुआ है। हमारे पास मौजूद ज़िले के आँकड़े इस सीट को 2012 से लड़ी गई सीट मानते हैं, इसलिए पहले के चुनावों के लिए ये नहीं दिखाए जाते।
राज्य के आँकड़े पूछें
RBI 2024-25ये आँकड़े पूरे राज्य के हैं, इस सीट के नहीं।
श्रीनगर से कौन जीता, 1974–1996
INC ने यहाँ लगातार तीसरी बार जीत दर्ज की; जीत का यह सिलसिला 1985 में शुरू हुआ था। उसे मिले वोटों का प्रतिशत 30.4% से बढ़कर 31.0% हो गया। मतदान प्रतिशत 1989 के 46.6% से बढ़कर 48.8% हो गया। इसके बाद 1993 के चुनाव में यह सीट SP ने जीती।
- 1974राज बृज राज सिंह (BJS), जीत का अंतर 3.3%
- 1977राज बृज राज सिंह (JNP), जीत का अंतर 3.7%
- 1980उपेन्द्र बहादुर सिंह उर्फ़ सुट्टन भैया (INC(I)), जीत का अंतर 22.0%
- 1985कमल अहमद रिज़वी (INC), जीत का अंतर 57.9%
- 1989कमल अहमद रिज़वी (INC), जीत का अंतर 2.7%
- 1991ताज नारायण त्रिवेदी (INC), जीत का अंतर 7.4%
- 1993कु. धीरेन्द्र बहादुर सिंह (SP), जीत का अंतर 12.7%
- 1996मायावती (BSP), जीत का अंतर 4.4%