ददरौलविधान सभा चुनाव का परिणाम, 1991
देवेन्द्र पाल सिंह (JD) ने 1991 के विधान सभा चुनाव में 34.7% वोट पाकर ददरौल सीट जीती और राम अवतार पुत्र हलधर प्रसाद (INC) को 7,520 वोटों से हराया।
1974 के चुनाव से पहले सीटों की सीमाएँ नए सिरे से तय की गईं। 1969 में भी सीट नंबर 65 का नाम ददरौल था, तब सीमाएँ पुरानी थीं। उत्तराखंड के अलग राज्य बनने के बाद, 2002 के चुनाव के लिए सीटों के नंबर बदले गए। 2002 से सीट नंबर 65 मिश्रिख है। इस इलाक़े के पहले के परिणामों के लिए सीट का इतिहास देखें।
विजेता
8.0% के अंतर से साफ़ जीत।
सीट का इतिहास
सभी उम्मीदवार
18 उम्मीदवार| # | उम्मीदवार | पार्टी | मिले वोट · %मतों का हिस्सा |
|---|---|---|---|
| 1 | देवेन्द्र पाल सिंह जनता दल | जनता दल | 32,70934.7% |
| 2 | राम अवतार पुत्र हलधर प्रसाद | 25,18926.7% | |
| 3 | विजेन्द्र पाल सिंह JP | JP | 16,03717.0% |
| 4 | जनार्दन पाण्डेय | 8,4188.9% | |
| 5 | महेन्द्र सिंह | 4,0164.3% | |
| 6 | रमेश चन्द्र निर्दलीय | निर्दलीय | 2,4982.6% |
| 7 | सिया राम निर्दलीय | निर्दलीय | 1,4751.6% |
| 8 | हरीश चन्द्र निर्दलीय | निर्दलीय | 8950.9% |
| 9 | प्रदीप कुमार निर्दलीय | निर्दलीय | 5470.6% |
| 10 | गिरधारी लाल निर्दलीय | निर्दलीय | 4660.5% |
| 11 | पारस राम निर्दलीय | निर्दलीय | 4360.5% |
| 12 | सीता राम | 3830.4% | |
| 13 | छतर पाल निर्दलीय | निर्दलीय | 3510.4% |
| 14 | ईश्वर सरन पाण्डेय निर्दलीय | निर्दलीय | 3260.3% |
| 15 | सुरेश चन्द्र निर्दलीय | निर्दलीय | 2260.2% |
| 16 | रामऔतार पुत्र राम भरोसे निर्दलीय | निर्दलीय | 1330.1% |
| 17 | अमनून हसन निर्दलीय | निर्दलीय | 1210.1% |
| 18 | राजेश कुमार निर्दलीय | निर्दलीय | 980.1% |
ज़मानत ज़ब्त: उम्मीदवार को कुल वैध वोटों के छठे हिस्से से कम वोट मिले, इसलिए जन प्रतिनिधित्व अधिनियम 1951 की धारा 158 के तहत उसकी ज़मानत राशि ज़ब्त हो जाती है।
परिणाम पूरे हैं; इस सीट के चुनावी हलफ़नामों की जानकारी अभी उपलब्ध नहीं है।
साफ़ जीत, कई दलों में बँटा मुक़ाबला।
यह सीट कितनी पक्की है?
जीत का अंतर, कुल वोटों के प्रतिशत में
कितने लोगों ने वोट डाला?
पंजीकृत मतदाताओं में से
मुक़ाबले में असल में कितने दल थे?
सबसे आगे के तीन दलों को 78% वोट मिले।
मुक़ाबले में दलों की प्रभावी संख्या 4.32 दलों की प्रभावी संख्या — यह हर दल को उसके मतों के हिस्से के हिसाब से गिनती है।
सदन में किसके पास कितनी सीटें?
वोट किस तरह बँटे?
यह सीट नंबर 2012 से दोबारा इस्तेमाल हुआ है। हमारे पास मौजूद ज़िले के आँकड़े इस सीट को 2012 से लड़ी गई सीट मानते हैं, इसलिए पहले के चुनावों के लिए ये नहीं दिखाए जाते।
राज्य के आँकड़े पूछें
RBI 2024-25ये आँकड़े पूरे राज्य के हैं, इस सीट के नहीं।
ददरौल से कौन जीता, 1974–1996
JD ने यह सीट INC से छीन ली, जिसने इसे 1989 में जीता था; इस सीट के रिकॉर्ड में, जो 1974 से शुरू होता है, यह JD की पहली जीत थी। 1974 से अब तक यहाँ के किसी भी चुनाव में यह सबसे एकतरफ़ा नतीजा था। मतदान प्रतिशत लगभग 1989 जितना ही रहा: 52.9%। इसके बाद 1993 के चुनाव में यह सीट INC ने जीती।
- 1974गिरजा किशोर मिश्र (IND), जीत का अंतर 0.7%
- 1977मंसूर अली (IND), जीत का अंतर 4.1%
- 1980नजीर अली (JNP(SC)), जीत का अंतर 3.4%
- 1985राम औतार मिश्रा उर्फ़ ननकू (INC), जीत का अंतर 5.5%
- 1989राम औतार मिश्रा (INC), जीत का अंतर 5.7%
- 1991देवेन्द्र पाल सिंह (JD), जीत का अंतर 8.0%
- 1993राम औतार (INC), जीत का अंतर 17.5%
- 1996राम औतार मिश्र (INC), जीत का अंतर 9.7%