चकराताविधान सभा चुनाव का परिणाम, 1991
मुन्ना चौहान (JD) ने 1991 के विधान सभा चुनाव में 40.3% वोट पाकर चकराता सीट जीती और प्रीतम सिंह (INC) को 6,305 वोटों से हराया।
1974 के चुनाव से पहले सीटों की सीमाएँ नए सिरे से तय की गईं। 1969 में सीट नंबर 425 मसूरी थी। उत्तराखंड के अलग राज्य बनने के बाद, 2002 के चुनाव के लिए सीटों के नंबर बदले गए। 2002 से कोई सीट नंबर 425 नहीं है। इस इलाक़े के पहले के परिणामों के लिए सीट का इतिहास देखें।
विजेता
7.1% के अंतर से साफ़ जीत।
सीट का इतिहास
सभी उम्मीदवार
4 उम्मीदवार| # | उम्मीदवार | पार्टी | मिले वोट · %मतों का हिस्सा |
|---|---|---|---|
| 1 | मुन्ना चौहान जनता दल | जनता दल | 35,57540.3% |
| 2 | प्रीतम सिंह | 29,27033.1% | |
| 3 | सुल्तान सिंह | 22,91325.9% | |
| 4 | अजीत सिंह JP | JP | 5710.7% |
ज़मानत ज़ब्त: उम्मीदवार को कुल वैध वोटों के छठे हिस्से से कम वोट मिले, इसलिए जन प्रतिनिधित्व अधिनियम 1951 की धारा 158 के तहत उसकी ज़मानत राशि ज़ब्त हो जाती है।
परिणाम पूरे हैं; इस सीट के चुनावी हलफ़नामों की जानकारी अभी उपलब्ध नहीं है।
साफ़ जीत, दो से तीन दलों का मुक़ाबला।
यह सीट कितनी पक्की है?
जीत का अंतर, कुल वोटों के प्रतिशत में
कितने लोगों ने वोट डाला?
पंजीकृत मतदाताओं में से
मुक़ाबले में असल में कितने दल थे?
JD, INC और BSP को 99% वोट मिले।
मुक़ाबले में दलों की प्रभावी संख्या 2.95 दलों की प्रभावी संख्या — यह हर दल को उसके मतों के हिस्से के हिसाब से गिनती है।
सदन में किसके पास कितनी सीटें?
वोट किस तरह बँटे?
राज्य के आँकड़े पूछें
RBI 2024-25ये आँकड़े पूरे राज्य के हैं, इस सीट के नहीं।
चकराता से कौन जीता, 1974–1996
JD ने यह सीट INC से छीन ली, जिसने इसे 1989 में जीता था; इस सीट के रिकॉर्ड में, जो 1974 से शुरू होता है, यह JD की पहली जीत थी। मतदान प्रतिशत 1989 के 53.5% से बढ़कर 55.2% हो गया। इसके बाद 1993 के चुनाव में यह सीट INC ने जीती।
- 1974गुलाब सिंह (INC), जीत का अंतर 5.0%
- 1977सुरवीर सिंह (JNP), जीत का अंतर 6.1%
- 1980गुलाब सिंह (INC(I)), जीत का अंतर 12.3%
- 1985गुलाब सिंह (INC), निर्विरोध निर्वाचित
- 1989गुलाब सिंह (INC), जीत का अंतर 5.2%
- 1991मुन्ना चौहान (JD), जीत का अंतर 7.1%
- 1993प्रीतम सिंह (INC), जीत का अंतर 0.4%
- 1996मुन्ना चौहान (SP), जीत का अंतर 12.8%