लैंसडाउनविधान सभा चुनाव का परिणाम, 1991
भारत सिंह रावत (INC) ने 1991 के विधान सभा चुनाव में 28.3% वोट पाकर लैंसडाउन सीट जीती और मोहन सिंह (BJP) को 478 वोटों से हराया।
1974 के चुनाव से पहले सीटों की सीमाएँ नए सिरे से तय की गईं। 1969 में भी सीट नंबर 4 का नाम लैंसडाउन था, तब सीमाएँ पुरानी थीं। उत्तराखंड के अलग राज्य बनने के बाद, 2002 के चुनाव के लिए सीटों के नंबर बदले गए। 2002 से सीट नंबर 4 नगीना है। इस इलाक़े के पहले के परिणामों के लिए सीट का इतिहास देखें।
विजेता
लैंसडाउन का फ़ैसला सिर्फ़ 0.7% के बेहद मामूली अंतर से हुआ — विजेता और दूसरे नंबर पर रहे उम्मीदवार के बीच 478 से भी कम वोटों का फ़ासला था।
सीट का इतिहास
सभी उम्मीदवार
17 उम्मीदवार| # | उम्मीदवार | पार्टी | मिले वोट · %मतों का हिस्सा |
|---|---|---|---|
| 1 | भारत सिंह रावत | 20,52828.3% | |
| 2 | मोहन सिंह | 20,05027.6% | |
| 3 | सुरेन्द्र सिंह निर्दलीय | निर्दलीय | 19,76927.2% |
| 4 | शक्ति लसैल UKD | UKD | 3,3454.6% |
| 5 | नारायण दत्त सुन्दरियाल वाम दल | वाम दल | 3,0544.2% |
| 6 | गब्बर सिंह बिष्ट निर्दलीय | निर्दलीय | 1,5012.1% |
| 7 | धीरेन्द्र प्रताप जनता दल | जनता दल | 1,4171.9% |
| 8 | जगत सिंह रावत निर्दलीय | निर्दलीय | 7581.0% |
| 9 | मोहन लाल कोठारी बाबा JP | JP | 5220.7% |
| 10 | दर्शन सिंह उनियाल निर्दलीय | निर्दलीय | 4120.6% |
| 11 | महाबीर प्रसाद | 4050.6% | |
| 12 | सतीश कुमार निर्दलीय | निर्दलीय | 2520.3% |
| 13 | शमशेर सिंह निर्दलीय | निर्दलीय | 1660.2% |
| 14 | बलबीर सिंह नेगी निर्दलीय | निर्दलीय | 1510.2% |
| 15 | मांगी राम निर्दलीय | निर्दलीय | 1220.2% |
| 16 | कमल किशोर | 1160.2% | |
| 17 | दिनेश चन्द्र निर्दलीय | निर्दलीय | 580.1% |
ज़मानत ज़ब्त: उम्मीदवार को कुल वैध वोटों के छठे हिस्से से कम वोट मिले, इसलिए जन प्रतिनिधित्व अधिनियम 1951 की धारा 158 के तहत उसकी ज़मानत राशि ज़ब्त हो जाती है।
परिणाम पूरे हैं; इस सीट के चुनावी हलफ़नामों की जानकारी अभी उपलब्ध नहीं है।
नज़दीकी मुक़ाबला, कई दलों में बँटा मुक़ाबला।
यह सीट कितनी पक्की है?
जीत का अंतर, कुल वोटों के प्रतिशत में
कितने लोगों ने वोट डाला?
पंजीकृत मतदाताओं में से
मुक़ाबले में असल में कितने दल थे?
सबसे आगे के तीन दलों को 83% वोट मिले।
मुक़ाबले में दलों की प्रभावी संख्या 4.25 दलों की प्रभावी संख्या — यह हर दल को उसके मतों के हिस्से के हिसाब से गिनती है।
सदन में किसके पास कितनी सीटें?
वोट किस तरह बँटे?
यह सीट नंबर 2012 से दोबारा इस्तेमाल हुआ है। हमारे पास मौजूद ज़िले के आँकड़े इस सीट को 2012 से लड़ी गई सीट मानते हैं, इसलिए पहले के चुनावों के लिए ये नहीं दिखाए जाते।
राज्य के आँकड़े पूछें
RBI 2024-25ये आँकड़े पूरे राज्य के हैं, इस सीट के नहीं।
लैंसडाउन से कौन जीता, 1974–1996
INC ने यहाँ लगातार तीसरी बार जीत दर्ज की; जीत का यह सिलसिला 1985 में शुरू हुआ था। उसे मिले वोटों का प्रतिशत 46.8% से घटकर 28.3% रह गया। 1974 से अब तक यहाँ के किसी भी चुनाव में यह सबसे कड़ा मुक़ाबला था। मतदान प्रतिशत 1989 के 46.9% से घटकर 41.9% रह गया। इसके बाद 1993 के चुनाव में यह सीट एक निर्दलीय उम्मीदवार ने जीती।
- 1974भारत सिंह (INC), जीत का अंतर 47.7%
- 1977भारत सिंह (JNP), जीत का अंतर 22.3%
- 1980चन्द्र मोहन सिंह नेगी (INC(I)), जीत का अंतर 2.6%
- 1985सुरेन्द्र सिंह (INC), जीत का अंतर 9.0%
- 1989भारत सिंह रावत (INC), जीत का अंतर 8.9%
- 1991भारत सिंह रावत (INC), जीत का अंतर 0.7%
- 1993सुरेन्द्र सिंह नेगी (IND), जीत का अंतर 7.5%
- 1996भारत सिंह रावत (BJP), जीत का अंतर 32.8%