बिलासपुरविधान सभा चुनाव का परिणाम, 1991
ज्वाला प्रसाद (BJP) ने 1991 के विधान सभा चुनाव में 23.4% वोट पाकर बिलासपुर सीट जीती और गनी हरिन्दर सिंह (JP) को 5,058 वोटों से हराया।
1974 के चुनाव से पहले सीटों की सीमाएँ नए सिरे से तय की गईं। 1969 में भी सीट नंबर 38 का नाम बिलासपुर था, तब सीमाएँ पुरानी थीं। उत्तराखंड के अलग राज्य बनने के बाद, 2002 के चुनाव के लिए सीटों के नंबर बदले गए। 2002 से सीट नंबर 38 भोजीपुरा है। इस इलाक़े के पहले के परिणामों के लिए सीट का इतिहास देखें।
विजेता
नज़दीकी मुक़ाबला। ज्वाला प्रसाद 4.1% के अंतर से जीते।
सीट का इतिहास
सभी उम्मीदवार
25 उम्मीदवार| # | उम्मीदवार | पार्टी | मिले वोट · %मतों का हिस्सा |
|---|---|---|---|
| 1 | ज्वाला प्रसाद | 29,07423.4% | |
| 2 | गनी हरिन्दर सिंह JP | JP | 24,01619.3% |
| 3 | अनिल भारद्वाज निर्दलीय | निर्दलीय | 22,71318.3% |
| 4 | जफर यार खान निर्दलीय | निर्दलीय | 19,22315.5% |
| 5 | सुरेन्द्र कुमार | 10,9438.8% | |
| 6 | विनोद राज सरन | 8,0856.5% | |
| 7 | जय प्रकाश जनता दल | जनता दल | 3,7983.1% |
| 8 | दिनेश कुमार निर्दलीय | निर्दलीय | 2,0121.6% |
| 9 | सोमपाल सिंह निर्दलीय | निर्दलीय | 6500.5% |
| 10 | अनिल कुमार निर्दलीय | निर्दलीय | 6410.5% |
| 11 | प्रमोद कुमार निर्दलीय | निर्दलीय | 3490.3% |
| 12 | अमीर अहमद निर्दलीय | निर्दलीय | 2550.2% |
| 13 | राम कुमार निर्दलीय | निर्दलीय | 2460.2% |
| 14 | अतीक-उल-रेहमान निर्दलीय | निर्दलीय | 2350.2% |
| 15 | कृष्ण पाल निर्दलीय | निर्दलीय | 2140.2% |
| 16 | नासिर खान निर्दलीय | निर्दलीय | 2080.2% |
| 17 | वीणा निर्दलीय | निर्दलीय | 2070.2% |
| 18 | बंधु राम | 2020.2% | |
| 19 | जगीर सिंह निर्दलीय | निर्दलीय | 1950.2% |
| 20 | मुखवीर निर्दलीय | निर्दलीय | 1830.1% |
| 21 | अमर सिंह निर्दलीय | निर्दलीय | 1530.1% |
| 22 | देवेन्द्र कुमार निर्दलीय | निर्दलीय | 1530.1% |
| 23 | कीर्ति सरन निर्दलीय | निर्दलीय | 1510.1% |
| 24 | इसरार अहमद निर्दलीय | निर्दलीय | 1420.1% |
| 25 | अमीर अहमद खान निर्दलीय | निर्दलीय | 1200.1% |
ज़मानत ज़ब्त: उम्मीदवार को कुल वैध वोटों के छठे हिस्से से कम वोट मिले, इसलिए जन प्रतिनिधित्व अधिनियम 1951 की धारा 158 के तहत उसकी ज़मानत राशि ज़ब्त हो जाती है।
परिणाम पूरे हैं; इस सीट के चुनावी हलफ़नामों की जानकारी अभी उपलब्ध नहीं है।
नज़दीकी मुक़ाबला, कई दलों में बँटा मुक़ाबला।
यह सीट कितनी पक्की है?
जीत का अंतर, कुल वोटों के प्रतिशत में
कितने लोगों ने वोट डाला?
पंजीकृत मतदाताओं में से
मुक़ाबले में असल में कितने दल थे?
सबसे आगे के तीन दलों को 61% वोट मिले।
मुक़ाबले में दलों की प्रभावी संख्या 6.14 दलों की प्रभावी संख्या — यह हर दल को उसके मतों के हिस्से के हिसाब से गिनती है।
सदन में किसके पास कितनी सीटें?
वोट किस तरह बँटे?
यह सीट नंबर 2012 से दोबारा इस्तेमाल हुआ है। हमारे पास मौजूद ज़िले के आँकड़े इस सीट को 2012 से लड़ी गई सीट मानते हैं, इसलिए पहले के चुनावों के लिए ये नहीं दिखाए जाते।
राज्य के आँकड़े पूछें
RBI 2024-25ये आँकड़े पूरे राज्य के हैं, इस सीट के नहीं।
बिलासपुर से कौन जीता, 1974–1996
BJP ने यह सीट एक निर्दलीय उम्मीदवार से छीन ली, जिसने इसे 1989 में जीता था; इस सीट के रिकॉर्ड में, जो 1974 से शुरू होता है, यह BJP की पहली जीत थी। 1974 से अब तक यहाँ के किसी भी चुनाव में यह सबसे कड़ा मुक़ाबला था। मतदान प्रतिशत 1989 के 51.2% से बढ़कर 57.2% हो गया। इसके बाद 1993 के चुनाव में यह सीट SP ने जीती।
- 1974सोहन लाल आर./ओ. मिलक (BKD), जीत का अंतर 28.0%
- 1977सोहन लाल (JNP), जीत का अंतर 6.4%
- 1980चंचल सिंह (INC(I)), जीत का अंतर 13.1%
- 1985दलजीत सिंह (INC), जीत का अंतर 4.7%
- 1989अनिल कुमार (IND), जीत का अंतर 9.2%
- 1991ज्वाला प्रसाद (BJP), जीत का अंतर 4.1%
- 1993हरेन्द्र सिंह (SP), जीत का अंतर 7.2%
- 1996काज़िम अली खान उर्फ़ नावेद मियाँ (INC), जीत का अंतर 9.0%