करहलविधान सभा चुनाव का परिणाम, 1991
बाबू राम यादव (JP) ने 1991 के विधान सभा चुनाव में 45.1% वोट पाकर करहल सीट जीती और सुन्दर सिंह बघेल (INC) को 13,371 वोटों से हराया।
1974 के चुनाव से पहले सीटों की सीमाएँ नए सिरे से तय की गईं। 1969 में सीट नंबर 338 कालपी थी। उत्तराखंड के अलग राज्य बनने के बाद, 2002 के चुनाव के लिए सीटों के नंबर बदले गए। 2002 से सीट नंबर 338 टूण्डला है। इस इलाक़े के पहले के परिणामों के लिए सीट का इतिहास देखें।
विजेता
14.4% के अंतर से साफ़ जीत।
सीट का इतिहास
सभी उम्मीदवार
22 उम्मीदवार| # | उम्मीदवार | पार्टी | मिले वोट · %मतों का हिस्सा |
|---|---|---|---|
| 1 | बाबू राम यादव JP | JP | 41,89545.1% |
| 2 | सुन्दर सिंह बघेल | 28,52430.7% | |
| 3 | राम बाबू कुशवाहा | 12,17713.1% | |
| 4 | राज बहादुर सिंह जनता दल | जनता दल | 3,0913.3% |
| 5 | शिव राज सिंह | 2,7973.0% | |
| 6 | शांति देवी निर्दलीय | निर्दलीय | 6820.7% |
| 7 | सुधेश सिंह निर्दलीय | निर्दलीय | 6400.7% |
| 8 | सीता राम | 4350.5% | |
| 9 | महेश सिंह यादव उर्फ़ बाबा निर्दलीय | निर्दलीय | 3710.4% |
| 10 | राम प्रकाश निर्दलीय | निर्दलीय | 3320.4% |
| 11 | राम नाथ निर्दलीय | निर्दलीय | 2460.3% |
| 12 | राम सिंह कुशवाहा निर्दलीय | निर्दलीय | 2380.3% |
| 13 | दया राम निर्दलीय | निर्दलीय | 2010.2% |
| 14 | उदय वीर सिंह निर्दलीय | निर्दलीय | 1890.2% |
| 15 | राम वीर निर्दलीय | निर्दलीय | 1620.2% |
| 16 | राजेन्द्र कुमार निर्दलीय | निर्दलीय | 1570.2% |
| 17 | तोता राम निर्दलीय | निर्दलीय | 1410.1% |
| 18 | पान सिंह निर्दलीय | निर्दलीय | 1140.1% |
| 19 | गंगा प्रसाद निर्दलीय | निर्दलीय | 1110.1% |
| 20 | सुभाष कुमार निर्दलीय | निर्दलीय | 1030.1% |
| 21 | लोटन सिंह निर्दलीय | निर्दलीय | 960.1% |
| 22 | लोकमन सिंह निर्दलीय | निर्दलीय | 900.1% |
ज़मानत ज़ब्त: उम्मीदवार को कुल वैध वोटों के छठे हिस्से से कम वोट मिले, इसलिए जन प्रतिनिधित्व अधिनियम 1951 की धारा 158 के तहत उसकी ज़मानत राशि ज़ब्त हो जाती है।
परिणाम पूरे हैं; इस सीट के चुनावी हलफ़नामों की जानकारी अभी उपलब्ध नहीं है।
साफ़ जीत, कई दलों में बँटा मुक़ाबला।
यह सीट कितनी पक्की है?
जीत का अंतर, कुल वोटों के प्रतिशत में
कितने लोगों ने वोट डाला?
पंजीकृत मतदाताओं में से
मुक़ाबले में असल में कितने दल थे?
सबसे आगे के तीन दलों को 89% वोट मिले।
मुक़ाबले में दलों की प्रभावी संख्या 3.15 दलों की प्रभावी संख्या — यह हर दल को उसके मतों के हिस्से के हिसाब से गिनती है।
सदन में किसके पास कितनी सीटें?
वोट किस तरह बँटे?
यह सीट नंबर 2012 से दोबारा इस्तेमाल हुआ है। हमारे पास मौजूद ज़िले के आँकड़े इस सीट को 2012 से लड़ी गई सीट मानते हैं, इसलिए पहले के चुनावों के लिए ये नहीं दिखाए जाते।
राज्य के आँकड़े पूछें
RBI 2024-25ये आँकड़े पूरे राज्य के हैं, इस सीट के नहीं।
करहल से कौन जीता, 1974–1996
JP ने यह सीट JD से छीन ली, जिसने इसे 1989 में जीता था; इस सीट के रिकॉर्ड में, जो 1974 से शुरू होता है, यह JP की पहली जीत थी। यह 1974 के बाद यहाँ का सबसे कड़ा मुक़ाबला था। मतदान प्रतिशत 1989 के 53.9% से घटकर 48.5% रह गया। इसके बाद 1993 के चुनाव में यह सीट SP ने जीती।
- 1974नाथू सिंह (BKD), जीत का अंतर 8.5%
- 1977नाथू सिंह (JNP), जीत का अंतर 29.1%
- 1980शिव मंगल सिंह (INC(I)), जीत का अंतर 15.1%
- 1985बाबू राम यादव (LKD), जीत का अंतर 22.9%
- 1989बाबू राम यादव (JD), जीत का अंतर 24.2%
- 1991बाबू राम यादव (JP), जीत का अंतर 14.4%
- 1993बाबू राम यादव पुत्र श्री जोरावर सिंह (SP), जीत का अंतर 8.7%
- 1996बाबू राम यादव (SP), जीत का अंतर 11.4%