झांसीविधान सभा चुनाव का परिणाम, 1991
रविन्द्र शुक्ला (BJP) ने 1991 के विधान सभा चुनाव में 46.2% वोट पाकर झांसी सीट जीती और मुख्तार अहमद (INC) को 25,916 वोटों से हराया।
1974 के चुनाव से पहले सीटों की सीमाएँ नए सिरे से तय की गईं। 1969 में सीट नंबर 328 चरखारी थी। उत्तराखंड के अलग राज्य बनने के बाद, 2002 के चुनाव के लिए सीटों के नंबर बदले गए। 2002 से सीट नंबर 328 पटियाली है। इस इलाक़े के पहले के परिणामों के लिए सीट का इतिहास देखें।
विजेता
सुरक्षित अंतर से जीत — रविन्द्र शुक्ला 27.3% से जीते।
सीट का इतिहास
सभी उम्मीदवार
37 उम्मीदवार| # | उम्मीदवार | पार्टी | मिले वोट · %मतों का हिस्सा |
|---|---|---|---|
| 1 | रविन्द्र शुक्ला | 43,93746.2% | |
| 2 | मुख्तार अहमद | 18,02118.9% | |
| 3 | चौधरी मोहम्मद मुकीम | 15,85416.7% | |
| 4 | उमेश JP | JP | 6,1586.5% |
| 5 | के.सी. साहू जनता दल | जनता दल | 3,4083.6% |
| 6 | गन्नू पाल गडरिया निर्दलीय | निर्दलीय | 3,0153.2% |
| 7 | दीपक शर्मा निर्दलीय | निर्दलीय | 1,6921.8% |
| 8 | गणेश निर्दलीय | निर्दलीय | 2970.3% |
| 9 | मोहम्मद रफीक निर्दलीय | निर्दलीय | 2850.3% |
| 10 | जमील निर्दलीय | निर्दलीय | 2620.3% |
| 11 | अरुण सिंह चन्देल उर्फ़ लिटिल निर्दलीय | निर्दलीय | 1970.2% |
| 12 | ओम प्रकाश निर्दलीय | निर्दलीय | 1860.2% |
| 13 | सूरज प्रसाद | 1540.2% | |
| 14 | प्रेम लता निर्दलीय | निर्दलीय | 1540.2% |
| 15 | राम बाबू यादव (प्रधान) निर्दलीय | निर्दलीय | 1380.1% |
| 16 | हरीश कुमार निर्दलीय | निर्दलीय | 1320.1% |
| 17 | बाबू लाल तिवारी निर्दलीय | निर्दलीय | 1080.1% |
| 18 | मोहन लाल निर्दलीय | निर्दलीय | 1030.1% |
| 19 | पंडित राम चन्द्र द्विवेदी निर्दलीय | निर्दलीय | 950.1% |
| 20 | लाला राम विश्वकर्मा | 860.1% | |
| 21 | प्रमोद निर्दलीय | निर्दलीय | 810.1% |
| 22 | सुमन निगम निर्दलीय | निर्दलीय | 810.1% |
| 23 | मोहम्मद असलम निर्दलीय | निर्दलीय | 800.1% |
| 24 | लखन लाल भिटोरिया निर्दलीय | निर्दलीय | 780.1% |
| 25 | जगत सिंह यादव निर्दलीय | निर्दलीय | 660.1% |
| 26 | जुगल किशोर निर्दलीय | निर्दलीय | 640.1% |
| 27 | शिव नारायण श्रीवास्तव निर्दलीय | निर्दलीय | 530.1% |
| 28 | विमलेश कुमार द्विवेदी निर्दलीय | निर्दलीय | 500.1% |
| 29 | धर्मवीर निर्दलीय | निर्दलीय | 490.1% |
| 30 | देवेन्द्र कुमार वर्मा निर्दलीय | निर्दलीय | 450.1% |
| 31 | परश राम वर्मा पत्रकार निर्दलीय | निर्दलीय | 380.0% |
| 32 | सैय्यद जुल्फिकार आब्दी निर्दलीय | निर्दलीय | 340.0% |
| 33 | नारायण दास गौरम निर्दलीय | निर्दलीय | 300.0% |
| 34 | पंडित संजय कुमार शर्मा निर्दलीय | निर्दलीय | 300.0% |
| 35 | शफीक खान निर्दलीय | निर्दलीय | 280.0% |
| 36 | अरुण कुमार सक्सेना निर्दलीय | निर्दलीय | 250.0% |
| 37 | राम सागर निर्दलीय | निर्दलीय | 80.0% |
ज़मानत ज़ब्त: उम्मीदवार को कुल वैध वोटों के छठे हिस्से से कम वोट मिले, इसलिए जन प्रतिनिधित्व अधिनियम 1951 की धारा 158 के तहत उसकी ज़मानत राशि ज़ब्त हो जाती है।
परिणाम पूरे हैं; इस सीट के चुनावी हलफ़नामों की जानकारी अभी उपलब्ध नहीं है।
सुरक्षित अंतर, कई दलों में बँटा मुक़ाबला।
यह सीट कितनी पक्की है?
जीत का अंतर, कुल वोटों के प्रतिशत में
कितने लोगों ने वोट डाला?
पंजीकृत मतदाताओं में से
मुक़ाबले में असल में कितने दल थे?
सबसे आगे के तीन दलों को 82% वोट मिले।
मुक़ाबले में दलों की प्रभावी संख्या 3.52 दलों की प्रभावी संख्या — यह हर दल को उसके मतों के हिस्से के हिसाब से गिनती है।
सदन में किसके पास कितनी सीटें?
वोट किस तरह बँटे?
यह सीट नंबर 2012 से दोबारा इस्तेमाल हुआ है। हमारे पास मौजूद ज़िले के आँकड़े इस सीट को 2012 से लड़ी गई सीट मानते हैं, इसलिए पहले के चुनावों के लिए ये नहीं दिखाए जाते।
राज्य के आँकड़े पूछें
RBI 2024-25ये आँकड़े पूरे राज्य के हैं, इस सीट के नहीं।
झांसी से कौन जीता, 1974–1996
BJP ने 1989 में जीती यह सीट फिर से अपने पास रखी। उसे मिले वोटों का प्रतिशत लगभग पहले जितना ही रहा: 46.2%। 1974 से अब तक यहाँ के किसी भी चुनाव में यह सबसे एकतरफ़ा नतीजा था। मतदान प्रतिशत 1989 के 51.6% से घटकर 41.3% रह गया। इसके बाद 1993 के चुनाव में भी BJP ने यह सीट अपने पास रखी।
- 1974बाबू लाल तिवारी (INC), जीत का अंतर 23.6%
- 1977सूर्य मुखी शर्मा (JNP), जीत का अंतर 10.2%
- 1980राजेन्द्र अग्निहोत्री (BJP), जीत का अंतर 14.2%
- 1985ओम प्रकाश रिछारिया (INC), जीत का अंतर 22.6%
- 1989रविन्द्र शुक्ला (BJP), जीत का अंतर 17.0%
- 1991रविन्द्र शुक्ला (BJP), जीत का अंतर 27.3%
- 1993रविन्द्र शुक्ला (BJP), जीत का अंतर 4.9%
- 1996रविन्द्र शुक्ला (BJP), जीत का अंतर 8.8%