ललितपुरविधान सभा चुनाव का परिणाम, 1991
अरविन्द कुमार (BJP) ने 1991 के विधान सभा चुनाव में 33.1% वोट पाकर ललितपुर सीट जीती और तिलक सिंह (BSP) को 10,366 वोटों से हराया।
1974 के चुनाव से पहले सीटों की सीमाएँ नए सिरे से तय की गईं। 1969 में सीट नंबर 327 राठ थी। उत्तराखंड के अलग राज्य बनने के बाद, 2002 के चुनाव के लिए सीटों के नंबर बदले गए। 2002 से सीट नंबर 327 अलीगंज है। इस इलाक़े के पहले के परिणामों के लिए सीट का इतिहास देखें।
विजेता
12.2% के अंतर से साफ़ जीत।
सीट का इतिहास
सभी उम्मीदवार
26 उम्मीदवार| # | उम्मीदवार | पार्टी | मिले वोट · %मतों का हिस्सा |
|---|---|---|---|
| 1 | अरविन्द कुमार | 28,23433.1% | |
| 2 | तिलक सिंह | 17,86821.0% | |
| 3 | हुकुम चन्द खजूरिया | 15,05017.7% | |
| 4 | मुरारी लाल जनता दल | जनता दल | 11,67313.7% |
| 5 | जय राम सिंह JP | JP | 3,2143.8% |
| 6 | उमा शंकर निर्दलीय | निर्दलीय | 1,8352.1% |
| 7 | जगदीश प्रसाद निर्दलीय | निर्दलीय | 9351.1% |
| 8 | कैलाश चन्द्र कबाडी निर्दलीय | निर्दलीय | 8701.0% |
| 9 | उत्तम चन्द निर्दलीय | निर्दलीय | 6370.8% |
| 10 | गणेश प्रसाद निर्दलीय | निर्दलीय | 5410.6% |
| 11 | राधे लाल निर्दलीय | निर्दलीय | 4730.6% |
| 12 | राम दास निर्दलीय | निर्दलीय | 4730.6% |
| 13 | किशन निर्दलीय | निर्दलीय | 4450.5% |
| 14 | दुर्गा प्रसाद | 4130.5% | |
| 15 | राम नाथ राणा निर्दलीय | निर्दलीय | 4090.5% |
| 16 | खल्ली उला निर्दलीय | निर्दलीय | 3090.4% |
| 17 | महेन्द्र कुमार निर्दलीय | निर्दलीय | 2740.3% |
| 18 | कृपाल सिंह निर्दलीय | निर्दलीय | 2310.3% |
| 19 | दिनेश कुमार निर्दलीय | निर्दलीय | 2300.3% |
| 20 | जितेन्द्र सिंह निर्दलीय | निर्दलीय | 1710.2% |
| 21 | हमंत कुमार चौधरी उर्फ़ बबली चौधरी निर्दलीय | निर्दलीय | 1700.2% |
| 22 | नन्दलाल कुशवाहा निर्दलीय | निर्दलीय | 1570.2% |
| 23 | पवन कुमार निर्दलीय | निर्दलीय | 1500.2% |
| 24 | श्योराज सिंह निर्दलीय | निर्दलीय | 1410.2% |
| 25 | हज़रत खान निर्दलीय | निर्दलीय | 1400.2% |
| 26 | भागीरथ निर्दलीय | निर्दलीय | 1180.1% |
ज़मानत ज़ब्त: उम्मीदवार को कुल वैध वोटों के छठे हिस्से से कम वोट मिले, इसलिए जन प्रतिनिधित्व अधिनियम 1951 की धारा 158 के तहत उसकी ज़मानत राशि ज़ब्त हो जाती है।
परिणाम पूरे हैं; इस सीट के चुनावी हलफ़नामों की जानकारी अभी उपलब्ध नहीं है।
साफ़ जीत, कई दलों में बँटा मुक़ाबला।
यह सीट कितनी पक्की है?
जीत का अंतर, कुल वोटों के प्रतिशत में
कितने लोगों ने वोट डाला?
पंजीकृत मतदाताओं में से
मुक़ाबले में असल में कितने दल थे?
सबसे आगे के तीन दलों को 72% वोट मिले।
मुक़ाबले में दलों की प्रभावी संख्या 4.85 दलों की प्रभावी संख्या — यह हर दल को उसके मतों के हिस्से के हिसाब से गिनती है।
सदन में किसके पास कितनी सीटें?
वोट किस तरह बँटे?
यह सीट नंबर 2012 से दोबारा इस्तेमाल हुआ है। हमारे पास मौजूद ज़िले के आँकड़े इस सीट को 2012 से लड़ी गई सीट मानते हैं, इसलिए पहले के चुनावों के लिए ये नहीं दिखाए जाते।
राज्य के आँकड़े पूछें
RBI 2024-25ये आँकड़े पूरे राज्य के हैं, इस सीट के नहीं।
ललितपुर से कौन जीता, 1974–1996
BJP ने 1989 में जीती यह सीट फिर से अपने पास रखी। उसे मिले वोटों का प्रतिशत 42.2% से घटकर 33.1% रह गया। यह 1977 के बाद यहाँ का सबसे एकतरफ़ा नतीजा था। मतदान प्रतिशत 1989 के 52.4% से घटकर 38.8% रह गया। इसके बाद 1993 के चुनाव में भी BJP ने यह सीट अपने पास रखी।
- 1974चन्दन सिंह (CPI), जीत का अंतर 20.1%
- 1977सुदामा प्रसाद गोस्वामी (JNP), जीत का अंतर 13.2%
- 1980ओम प्रकाश रिछारिया (INC(I)), जीत का अंतर 11.6%
- 1985राजेश कुमार खेड़ा (INC), जीत का अंतर 2.6%
- 1989अरविन्द कुमार (BJP), जीत का अंतर 10.0%
- 1991अरविन्द कुमार (BJP), जीत का अंतर 12.2%
- 1993अरविन्द कुमार पुत्र हजारी लाल (BJP), जीत का अंतर 15.1%
- 1996अरविन्द कुमार जैन (BJP), जीत का अंतर 9.3%