लखनाविधान सभा चुनाव का परिणाम, 1991
कृष्ण कुमार उर्फ़ के. के. राज (BJP) ने 1991 के विधान सभा चुनाव में 35.0% वोट पाकर लखना सीट जीती और गया प्रसाद वर्मा (JP) को 2,865 वोटों से हराया।
1974 के चुनाव से पहले सीटों की सीमाएँ नए सिरे से तय की गईं। 1969 में सीट नंबर 303 चौबेपुर थी। उत्तराखंड के अलग राज्य बनने के बाद, 2002 के चुनाव के लिए सीटों के नंबर बदले गए। 2002 से सीट नंबर 303 बांदा है। इस इलाक़े के पहले के परिणामों के लिए सीट का इतिहास देखें।
विजेता
नज़दीकी मुक़ाबला। कृष्ण कुमार उर्फ़ के. के. राज 3.2% के अंतर से जीते।
सीट का इतिहास
सभी उम्मीदवार
18 उम्मीदवार| # | उम्मीदवार | पार्टी | मिले वोट · %मतों का हिस्सा |
|---|---|---|---|
| 1 | कृष्ण कुमार उर्फ़ के. के. राज | 31,77035.0% | |
| 2 | गया प्रसाद वर्मा JP | JP | 28,90531.9% |
| 3 | तुलसी राम | 17,06918.8% | |
| 4 | प्रेम नारायण पुत्र निरंजन लाल | 8,0798.9% | |
| 5 | रतन चन्द्र निर्दलीय | निर्दलीय | 1,5371.7% |
| 6 | राजा राम जनता दल | जनता दल | 7860.9% |
| 7 | ज्योति प्रसाद निर्दलीय | निर्दलीय | 4160.5% |
| 8 | जगदीश नारायण निर्दलीय | निर्दलीय | 3980.4% |
| 9 | सेवा राम निर्दलीय | निर्दलीय | 3800.4% |
| 10 | विनोद कुमार सिंह निर्दलीय | निर्दलीय | 3640.4% |
| 11 | करण सिंह निर्दलीय | निर्दलीय | 2340.3% |
| 12 | प्रेम नारायण पुत्र विद्या राम निर्दलीय | निर्दलीय | 1510.2% |
| 13 | राम सेवक निर्दलीय | निर्दलीय | 1310.1% |
| 14 | रामाधार | 1150.1% | |
| 15 | सोने लाल निर्दलीय | निर्दलीय | 930.1% |
| 16 | मंशा राम निर्दलीय | निर्दलीय | 850.1% |
| 17 | राम स्वरूप निम निर्दलीय | निर्दलीय | 830.1% |
| 18 | काका जोगिंदर सिंह उर्फ़ धरती पकड़ निर्दलीय | निर्दलीय | 560.1% |
ज़मानत ज़ब्त: उम्मीदवार को कुल वैध वोटों के छठे हिस्से से कम वोट मिले, इसलिए जन प्रतिनिधित्व अधिनियम 1951 की धारा 158 के तहत उसकी ज़मानत राशि ज़ब्त हो जाती है।
परिणाम पूरे हैं; इस सीट के चुनावी हलफ़नामों की जानकारी अभी उपलब्ध नहीं है।
नज़दीकी मुक़ाबला, कई दलों में बँटा मुक़ाबला।
यह सीट कितनी पक्की है?
जीत का अंतर, कुल वोटों के प्रतिशत में
कितने लोगों ने वोट डाला?
पंजीकृत मतदाताओं में से
मुक़ाबले में असल में कितने दल थे?
सबसे आगे के तीन दलों को 86% वोट मिले।
मुक़ाबले में दलों की प्रभावी संख्या 3.73 दलों की प्रभावी संख्या — यह हर दल को उसके मतों के हिस्से के हिसाब से गिनती है।
सदन में किसके पास कितनी सीटें?
वोट किस तरह बँटे?
यह सीट नंबर 2012 से दोबारा इस्तेमाल हुआ है। हमारे पास मौजूद ज़िले के आँकड़े इस सीट को 2012 से लड़ी गई सीट मानते हैं, इसलिए पहले के चुनावों के लिए ये नहीं दिखाए जाते।
राज्य के आँकड़े पूछें
RBI 2024-25ये आँकड़े पूरे राज्य के हैं, इस सीट के नहीं।
लखना से कौन जीता, 1974–1996
BJP ने यह सीट JD से छीन ली, जिसने इसे 1989 में जीता था; इस सीट के रिकॉर्ड में, जो 1974 से शुरू होता है, यह BJP की पहली जीत थी। 1974 से अब तक यहाँ के किसी भी चुनाव में यह सबसे कड़ा मुक़ाबला था। मतदान प्रतिशत लगभग 1989 जितना ही रहा: 49.2%। इसके बाद 1993 के चुनाव में यह सीट SP ने जीती।
- 1974राम लखन (BJS), जीत का अंतर 4.9%
- 1977राम लखन (JNP), जीत का अंतर 22.0%
- 1980महारानी दोहरे (INC(I)), जीत का अंतर 19.6%
- 1985गया प्रसाद वर्मा (LKD), जीत का अंतर 14.0%
- 1989गया प्रसाद वर्मा (JD), जीत का अंतर 11.8%
- 1991कृष्ण कुमार उर्फ़ के. के. राज (BJP), जीत का अंतर 3.2%
- 1993सुख देवी (SP), जीत का अंतर 17.1%
- 1996सुख देवी वर्मा (SP), जीत का अंतर 3.8%