अजीतमलविधान सभा चुनाव का परिणाम, 1991
छक्की लाल (BJP) ने 1991 के विधान सभा चुनाव में 26.5% वोट पाकर अजीतमल सीट जीती और गौरी शंकर (INC) को 2,441 वोटों से हराया।
1974 के चुनाव से पहले सीटों की सीमाएँ नए सिरे से तय की गईं। 1969 में सीट नंबर 302 सरवनखेड़ा थी। उत्तराखंड के अलग राज्य बनने के बाद, 2002 के चुनाव के लिए सीटों के नंबर बदले गए। 2002 से सीट नंबर 302 तिन्दवारी है। इस इलाक़े के पहले के परिणामों के लिए सीट का इतिहास देखें।
विजेता
नज़दीकी मुक़ाबला। छक्की लाल 3.0% के अंतर से जीते।
सीट का इतिहास
सभी उम्मीदवार
23 उम्मीदवार| # | उम्मीदवार | पार्टी | मिले वोट · %मतों का हिस्सा |
|---|---|---|---|
| 1 | छक्की लाल | 21,29326.5% | |
| 2 | गौरी शंकर | 18,85223.5% | |
| 3 | मुहर सिंह अंबाड़ी | 17,63122.0% | |
| 4 | मुन्शी लाल JP | JP | 17,61221.9% |
| 5 | लालता प्रसाद निर्दलीय | निर्दलीय | 1,0851.4% |
| 6 | लखन सिंह जनता दल | जनता दल | 6240.8% |
| 7 | रमेश निर्दलीय | निर्दलीय | 5080.6% |
| 8 | राम औतार निर्दलीय | निर्दलीय | 4620.6% |
| 9 | सुरेश कुमार निर्दलीय | निर्दलीय | 3990.5% |
| 10 | मंशा राम निर्दलीय | निर्दलीय | 2660.3% |
| 11 | शिव कुमार | 2120.3% | |
| 12 | महेश बाबू शास्त्री निर्दलीय | निर्दलीय | 2050.3% |
| 13 | छोटे लाल निर्दलीय | निर्दलीय | 1860.2% |
| 14 | बालक राम निर्दलीय | निर्दलीय | 1590.2% |
| 15 | सोवरन निर्दलीय | निर्दलीय | 1360.2% |
| 16 | दर्शन लाल निर्दलीय | निर्दलीय | 1240.1% |
| 17 | नबाब सिंह निर्दलीय | निर्दलीय | 1210.1% |
| 18 | श्री राम निर्दलीय | निर्दलीय | 790.1% |
| 19 | काका जोगिंदर सिंह उर्फ़ धरती पकड़ निर्दलीय | निर्दलीय | 730.1% |
| 20 | प्रेम नारायण निर्दलीय | निर्दलीय | 700.1% |
| 21 | संतोष कुमार निर्दलीय | निर्दलीय | 630.1% |
| 22 | सुखबीर सिंह निर्दलीय | निर्दलीय | 620.1% |
| 23 | सिया राम कोरी निर्दलीय | निर्दलीय | 290.0% |
ज़मानत ज़ब्त: उम्मीदवार को कुल वैध वोटों के छठे हिस्से से कम वोट मिले, इसलिए जन प्रतिनिधित्व अधिनियम 1951 की धारा 158 के तहत उसकी ज़मानत राशि ज़ब्त हो जाती है।
परिणाम पूरे हैं; इस सीट के चुनावी हलफ़नामों की जानकारी अभी उपलब्ध नहीं है।
नज़दीकी मुक़ाबला, कई दलों में बँटा मुक़ाबला।
यह सीट कितनी पक्की है?
जीत का अंतर, कुल वोटों के प्रतिशत में
कितने लोगों ने वोट डाला?
पंजीकृत मतदाताओं में से
मुक़ाबले में असल में कितने दल थे?
सबसे आगे के तीन दलों को 72% वोट मिले।
मुक़ाबले में दलों की प्रभावी संख्या 4.50 दलों की प्रभावी संख्या — यह हर दल को उसके मतों के हिस्से के हिसाब से गिनती है।
सदन में किसके पास कितनी सीटें?
वोट किस तरह बँटे?
यह सीट नंबर 2012 से दोबारा इस्तेमाल हुआ है। हमारे पास मौजूद ज़िले के आँकड़े इस सीट को 2012 से लड़ी गई सीट मानते हैं, इसलिए पहले के चुनावों के लिए ये नहीं दिखाए जाते।
राज्य के आँकड़े पूछें
RBI 2024-25ये आँकड़े पूरे राज्य के हैं, इस सीट के नहीं।
अजीतमल से कौन जीता, 1974–1996
BJP ने यह सीट JD से छीन ली, जिसने इसे 1989 में जीता था; इस सीट के रिकॉर्ड में, जो 1974 से शुरू होता है, यह BJP की पहली जीत थी। मतदान प्रतिशत 1989 के 52.8% से घटकर 44.7% रह गया। इसके बाद 1993 के चुनाव में यह सीट BSP ने जीती।
- 1974गौरी शंकर (INC), जीत का अंतर 19.5%
- 1977गौरी शंकर (JNP), जीत का अंतर 26.3%
- 1980गौरी शंकर (INC(U)), जीत का अंतर 1.5%
- 1985गौरी शंकर (INC), जीत का अंतर 2.4%
- 1989मुन्शी लाल (JD), जीत का अंतर 11.1%
- 1991छक्की लाल (BJP), जीत का अंतर 3.0%
- 1993रेखा छागला (BSP), जीत का अंतर 6.5%
- 1996मोहर सिंह अंबाड़ी (BSP), जीत का अंतर 3.2%