झूंसीविधान सभा चुनाव का परिणाम, 1991
महेन्द्र प्रताप सिंह (JD) ने 1991 के विधान सभा चुनाव में 27.0% वोट पाकर झूंसी सीट जीती और जवाहर यादव उर्फ़ पंडित (JP) को 1,741 वोटों से हराया।
1974 के चुनाव से पहले सीटों की सीमाएँ नए सिरे से तय की गईं। 1969 में सीट नंबर 270 मिर्जापुर थी। उत्तराखंड के अलग राज्य बनने के बाद, 2002 के चुनाव के लिए सीटों के नंबर बदले गए। 2002 से सीट नंबर 270 बिंदकी है। इस इलाक़े के पहले के परिणामों के लिए सीट का इतिहास देखें।
विजेता
झूंसी का फ़ैसला सिर्फ़ 1.9% के बेहद मामूली अंतर से हुआ — विजेता और दूसरे नंबर पर रहे उम्मीदवार के बीच 1,741 से भी कम वोटों का फ़ासला था।
सीट का इतिहास
सभी उम्मीदवार
18 उम्मीदवार| # | उम्मीदवार | पार्टी | मिले वोट · %मतों का हिस्सा |
|---|---|---|---|
| 1 | महेन्द्र प्रताप सिंह जनता दल | जनता दल | 24,93227.0% |
| 2 | जवाहर यादव उर्फ़ पंडित JP | JP | 23,19125.1% |
| 3 | अभिमन्यु सिंह | 20,98822.7% | |
| 4 | जनार्दन प्रसाद मिश्र | 16,37917.7% | |
| 5 | राधे श्याम मिश्र निर्दलीय | निर्दलीय | 2,0612.2% |
| 6 | यशवीर सिंह यादव | 2,0092.2% | |
| 7 | तुलसी राम निर्दलीय | निर्दलीय | 5020.5% |
| 8 | भोडे लाल यादव निर्दलीय | निर्दलीय | 3360.4% |
| 9 | निहाल अहमद निर्दलीय | निर्दलीय | 2900.3% |
| 10 | धूल चन्द्र मौर्य | 2820.3% | |
| 11 | मुन्नू सिंह यादव निर्दलीय | निर्दलीय | 2800.3% |
| 12 | अर्जुन प्रसाद मिश्र निर्दलीय | निर्दलीय | 2650.3% |
| 13 | आशा राम यादव निर्दलीय | निर्दलीय | 1690.2% |
| 14 | राम खेलावन यादव (खेलारी) निर्दलीय | निर्दलीय | 1560.2% |
| 15 | योगेन्द्र सिंह निर्दलीय | निर्दलीय | 1420.1% |
| 16 | भैया राम पटेल BKUS | BKUS | 1400.1% |
| 17 | बंश बहादुर यादव निर्दलीय | निर्दलीय | 990.1% |
| 18 | राज बहादुर श्रीवास्तव निर्दलीय | निर्दलीय | 900.1% |
ज़मानत ज़ब्त: उम्मीदवार को कुल वैध वोटों के छठे हिस्से से कम वोट मिले, इसलिए जन प्रतिनिधित्व अधिनियम 1951 की धारा 158 के तहत उसकी ज़मानत राशि ज़ब्त हो जाती है।
परिणाम पूरे हैं; इस सीट के चुनावी हलफ़नामों की जानकारी अभी उपलब्ध नहीं है।
नज़दीकी मुक़ाबला, कई दलों में बँटा मुक़ाबला।
यह सीट कितनी पक्की है?
जीत का अंतर, कुल वोटों के प्रतिशत में
कितने लोगों ने वोट डाला?
पंजीकृत मतदाताओं में से
मुक़ाबले में असल में कितने दल थे?
सबसे आगे के तीन दलों को 75% वोट मिले।
मुक़ाबले में दलों की प्रभावी संख्या 4.54 दलों की प्रभावी संख्या — यह हर दल को उसके मतों के हिस्से के हिसाब से गिनती है।
सदन में किसके पास कितनी सीटें?
वोट किस तरह बँटे?
यह सीट नंबर 2012 से दोबारा इस्तेमाल हुआ है। हमारे पास मौजूद ज़िले के आँकड़े इस सीट को 2012 से लड़ी गई सीट मानते हैं, इसलिए पहले के चुनावों के लिए ये नहीं दिखाए जाते।
राज्य के आँकड़े पूछें
RBI 2024-25ये आँकड़े पूरे राज्य के हैं, इस सीट के नहीं।
झूंसी से कौन जीता, 1974–1996
JD ने 1989 में जीती यह सीट फिर से अपने पास रखी। उसे मिले वोटों का प्रतिशत 33.3% से घटकर 27.0% रह गया। 1974 से अब तक यहाँ के किसी भी चुनाव में यह सबसे कड़ा मुक़ाबला था। मतदान प्रतिशत 1989 के 54.5% से घटकर 51.6% रह गया। इसके बाद 1993 के चुनाव में यह सीट SP ने जीती।
- 1974विद्या धर (INC), जीत का अंतर 7.4%
- 1977केशरी नाथ त्रिपाठी (JNP), जीत का अंतर 11.4%
- 1980बैज नाथ प्रसाद कुशवाहा (JNP(SC)), जीत का अंतर 2.7%
- 1985महेन्द्र प्रताप सिंह (INC), जीत का अंतर 5.1%
- 1989महेन्द्र प्रताप सिंह (JD), जीत का अंतर 2.2%
- 1991महेन्द्र प्रताप सिंह (JD), जीत का अंतर 1.9%
- 1993जवाहर यादव उर्फ़ पंडित (SP), जीत का अंतर 21.0%
- 1996विजमा यादव (SP), जीत का अंतर 9.2%