चुनारविधान सभा चुनाव का परिणाम, 1991
यदुनाथ सिंह (JD) ने 1991 के विधान सभा चुनाव में 32.2% वोट पाकर चुनार सीट जीती और राम बुलावन (BJP) को 8,486 वोटों से हराया।
1974 के चुनाव से पहले सीटों की सीमाएँ नए सिरे से तय की गईं। 1969 में सीट नंबर 263 गड़वारा थी। उत्तराखंड के अलग राज्य बनने के बाद, 2002 के चुनाव के लिए सीटों के नंबर बदले गए। 2002 से सीट नंबर 263 मंझनपुर है। इस इलाक़े के पहले के परिणामों के लिए सीट का इतिहास देखें।
विजेता
8.6% के अंतर से साफ़ जीत।
सीट का इतिहास
सभी उम्मीदवार
23 उम्मीदवार| # | उम्मीदवार | पार्टी | मिले वोट · %मतों का हिस्सा |
|---|---|---|---|
| 1 | यदुनाथ सिंह जनता दल | जनता दल | 31,92932.2% |
| 2 | राम बुलावन | 23,44323.6% | |
| 3 | राम राज | 23,19923.4% | |
| 4 | शिव केदार | 9,2189.3% | |
| 5 | लाल बरत JP | JP | 4,8534.9% |
| 6 | सूरज प्रसाद निर्दलीय | निर्दलीय | 1,0281.0% |
| 7 | मंशा राम | 7610.8% | |
| 8 | विजय सिंह निर्दलीय | निर्दलीय | 6370.6% |
| 9 | देवी प्रसाद निर्दलीय | निर्दलीय | 5480.6% |
| 10 | शंकर निर्दलीय | निर्दलीय | 4710.5% |
| 11 | रमेश निर्दलीय | निर्दलीय | 3760.4% |
| 12 | प्यारे लाल निर्दलीय | निर्दलीय | 3740.4% |
| 13 | लल्लन | 3460.3% | |
| 14 | दौलत निर्दलीय | निर्दलीय | 2880.3% |
| 15 | कन्हैया निर्दलीय | निर्दलीय | 2790.3% |
| 16 | रामयाग निर्दलीय | निर्दलीय | 2650.3% |
| 17 | विरजू | 2230.2% | |
| 18 | दशरथ निर्दलीय | निर्दलीय | 2060.2% |
| 19 | सूर्य देव निर्दलीय | निर्दलीय | 1790.2% |
| 20 | राकेश निर्दलीय | निर्दलीय | 1680.2% |
| 21 | यशवंत निर्दलीय | निर्दलीय | 1550.2% |
| 22 | कुनुरू निर्दलीय | निर्दलीय | 1510.1% |
| 23 | चेत नारायण निर्दलीय | निर्दलीय | 1470.1% |
ज़मानत ज़ब्त: उम्मीदवार को कुल वैध वोटों के छठे हिस्से से कम वोट मिले, इसलिए जन प्रतिनिधित्व अधिनियम 1951 की धारा 158 के तहत उसकी ज़मानत राशि ज़ब्त हो जाती है।
परिणाम पूरे हैं; इस सीट के चुनावी हलफ़नामों की जानकारी अभी उपलब्ध नहीं है।
साफ़ जीत, कई दलों में बँटा मुक़ाबला।
यह सीट कितनी पक्की है?
जीत का अंतर, कुल वोटों के प्रतिशत में
कितने लोगों ने वोट डाला?
पंजीकृत मतदाताओं में से
मुक़ाबले में असल में कितने दल थे?
सबसे आगे के तीन दलों को 79% वोट मिले।
मुक़ाबले में दलों की प्रभावी संख्या 4.44 दलों की प्रभावी संख्या — यह हर दल को उसके मतों के हिस्से के हिसाब से गिनती है।
सदन में किसके पास कितनी सीटें?
वोट किस तरह बँटे?
यह सीट नंबर 2012 से दोबारा इस्तेमाल हुआ है। हमारे पास मौजूद ज़िले के आँकड़े इस सीट को 2012 से लड़ी गई सीट मानते हैं, इसलिए पहले के चुनावों के लिए ये नहीं दिखाए जाते।
राज्य के आँकड़े पूछें
RBI 2024-25ये आँकड़े पूरे राज्य के हैं, इस सीट के नहीं।
चुनार से कौन जीता, 1974–1996
JD ने 1989 में जीती यह सीट फिर से अपने पास रखी। उसे मिले वोटों का प्रतिशत 39.3% से घटकर 32.2% रह गया। यह 1974 के बाद यहाँ का सबसे कड़ा मुक़ाबला था। मतदान प्रतिशत 1989 के 49.5% से घटकर 45.8% रह गया। इसके बाद 1993 के चुनाव में यह सीट BJP ने जीती।
- 1974ओम प्रकाश (BJS), जीत का अंतर 6.4%
- 1977ओम प्रकाश (JNP), जीत का अंतर 32.8%
- 1980यदु नाथ (JNP(SC)), जीत का अंतर 19.3%
- 1985यदुनाथ सिंह (LKD), जीत का अंतर 11.0%
- 1989यदुनाथ सिंह (JD), जीत का अंतर 14.0%
- 1991यदुनाथ सिंह (JD), जीत का अंतर 8.6%
- 1993ओम प्रकाश सिंह (BJP), जीत का अंतर 8.5%
- 1996ओम प्रकाश सिंह (BJP), जीत का अंतर 5.6%