राजगढ़विधान सभा चुनाव का परिणाम, 1991
राजेन्द्र (JD) ने 1991 के विधान सभा चुनाव में 27.2% वोट पाकर राजगढ़ सीट जीती और गुलाब सिंह (BJP) को 940 वोटों से हराया।
1974 के चुनाव से पहले सीटों की सीमाएँ नए सिरे से तय की गईं। 1969 में सीट नंबर 262 खुटहन थी। उत्तराखंड के अलग राज्य बनने के बाद, 2002 के चुनाव के लिए सीटों के नंबर बदले गए। 2002 से सीट नंबर 262 चायल है। इस इलाक़े के पहले के परिणामों के लिए सीट का इतिहास देखें।
विजेता
राजगढ़ का फ़ैसला सिर्फ़ 1.1% के बेहद मामूली अंतर से हुआ — विजेता और दूसरे नंबर पर रहे उम्मीदवार के बीच 940 से भी कम वोटों का फ़ासला था।
सीट का इतिहास
सभी उम्मीदवार
26 उम्मीदवार| # | उम्मीदवार | पार्टी | मिले वोट · %मतों का हिस्सा |
|---|---|---|---|
| 1 | राजेन्द्र जनता दल | जनता दल | 24,22027.2% |
| 2 | गुलाब सिंह | 23,28026.2% | |
| 3 | राम लौटन | 15,50417.4% | |
| 4 | अमर देव सिंह | 8,7299.8% | |
| 5 | रविन्द्र बहादुर JP | JP | 4,9055.5% |
| 6 | राम अधार निर्दलीय | निर्दलीय | 1,8672.1% |
| 7 | पकौड़ी लाल | 1,7592.0% | |
| 8 | राज कुमार निर्दलीय | निर्दलीय | 1,3981.6% |
| 9 | धनाई प्रसाद निर्दलीय | निर्दलीय | 9251.0% |
| 10 | श्याम निर्दलीय | निर्दलीय | 8030.9% |
| 11 | राम दयाल निर्दलीय | निर्दलीय | 7360.8% |
| 12 | ओमकार नाथ निर्दलीय | निर्दलीय | 6640.8% |
| 13 | चेत नारायण निर्दलीय | निर्दलीय | 5350.6% |
| 14 | राम सूरत निर्दलीय | निर्दलीय | 4820.5% |
| 15 | इम्तियाज अहमद निर्दलीय | निर्दलीय | 4760.5% |
| 16 | नरेन्द्र निर्दलीय | निर्दलीय | 4190.5% |
| 17 | दिना नाथ निर्दलीय | निर्दलीय | 4130.5% |
| 18 | छबिनाथ निर्दलीय | निर्दलीय | 3460.4% |
| 19 | नानेकू | 3140.3% | |
| 20 | शिव मणि निर्दलीय | निर्दलीय | 2590.3% |
| 21 | मुन्नी लाल निर्दलीय | निर्दलीय | 2120.2% |
| 22 | विरजू UPRP | UPRP | 2080.2% |
| 23 | शिव नाथ निर्दलीय | निर्दलीय | 1610.2% |
| 24 | कृपा शंकर निर्दलीय | निर्दलीय | 1390.2% |
| 25 | मंगला प्रसाद निर्दलीय | निर्दलीय | 1250.1% |
| 26 | सुरेन्द्र सिंह निर्दलीय | निर्दलीय | 810.1% |
ज़मानत ज़ब्त: उम्मीदवार को कुल वैध वोटों के छठे हिस्से से कम वोट मिले, इसलिए जन प्रतिनिधित्व अधिनियम 1951 की धारा 158 के तहत उसकी ज़मानत राशि ज़ब्त हो जाती है।
परिणाम पूरे हैं; इस सीट के चुनावी हलफ़नामों की जानकारी अभी उपलब्ध नहीं है।
नज़दीकी मुक़ाबला, कई दलों में बँटा मुक़ाबला।
यह सीट कितनी पक्की है?
जीत का अंतर, कुल वोटों के प्रतिशत में
कितने लोगों ने वोट डाला?
पंजीकृत मतदाताओं में से
मुक़ाबले में असल में कितने दल थे?
सबसे आगे के तीन दलों को 71% वोट मिले।
मुक़ाबले में दलों की प्रभावी संख्या 5.34 दलों की प्रभावी संख्या — यह हर दल को उसके मतों के हिस्से के हिसाब से गिनती है।
सदन में किसके पास कितनी सीटें?
वोट किस तरह बँटे?
यह सीट नंबर 2012 से दोबारा इस्तेमाल हुआ है। हमारे पास मौजूद ज़िले के आँकड़े इस सीट को 2012 से लड़ी गई सीट मानते हैं, इसलिए पहले के चुनावों के लिए ये नहीं दिखाए जाते।
राज्य के आँकड़े पूछें
RBI 2024-25ये आँकड़े पूरे राज्य के हैं, इस सीट के नहीं।
राजगढ़ से कौन जीता, 1974–1996
JD ने यह सीट BJP से छीन ली, जिसने इसे 1989 में जीता था; इस सीट के रिकॉर्ड में, जो 1974 से शुरू होता है, यह JD की पहली जीत थी। 1974 से अब तक यहाँ के किसी भी चुनाव में यह सबसे कड़ा मुक़ाबला था। मतदान प्रतिशत 1989 के 46.0% से घटकर 39.1% रह गया। इसके बाद 1993 के चुनाव में यह सीट BSP ने जीती।
- 1974लोकपति (INC), जीत का अंतर 4.4%
- 1977राजनरायन (JNP), जीत का अंतर 20.5%
- 1980राम चरण (INC(I)), जीत का अंतर 17.7%
- 1985नरेन्द्र रेओ (INC), जीत का अंतर 1.3%
- 1989गुलाब सिंह (BJP), जीत का अंतर 6.2%
- 1991राजेन्द्र (JD), जीत का अंतर 1.1%
- 1993राम लोटन (BSP), जीत का अंतर 5.3%
- 1996लोक पति त्रिपाठी (INC), जीत का अंतर 17.6%