चन्दौलीविधान सभा चुनाव का परिणाम, 1991
शिव पूजन राम (BJP) ने 1991 के विधान सभा चुनाव में 28.9% वोट पाकर चन्दौली सीट जीती और दीना नाथ भास्कर (BSP) को 238 वोटों से हराया।
1974 के चुनाव से पहले सीटों की सीमाएँ नए सिरे से तय की गईं। 1969 में सीट नंबर 238 गाजीपुर थी। उत्तराखंड के अलग राज्य बनने के बाद, 2002 के चुनाव के लिए सीटों के नंबर बदले गए। 2002 से सीट नंबर 238 जौनपुर है। इस इलाक़े के पहले के परिणामों के लिए सीट का इतिहास देखें।
विजेता
चन्दौली का फ़ैसला सिर्फ़ 0.3% के बेहद मामूली अंतर से हुआ — विजेता और दूसरे नंबर पर रहे उम्मीदवार के बीच 238 से भी कम वोटों का फ़ासला था।
सीट का इतिहास
सभी उम्मीदवार
10 उम्मीदवार| # | उम्मीदवार | पार्टी | मिले वोट · %मतों का हिस्सा |
|---|---|---|---|
| 1 | शिव पूजन राम | 26,60428.9% | |
| 2 | दीना नाथ भास्कर | 26,36628.7% | |
| 3 | शोम नाथ जनता दल | जनता दल | 18,28019.9% |
| 4 | छन्नु लाल शास्त्री JP | JP | 8,6989.5% |
| 5 | राजेश कुमार चौधरी | 6,7507.3% | |
| 6 | जवाहर लाल वाम दल | वाम दल | 3,6243.9% |
| 7 | कुमार निर्दलीय | निर्दलीय | 8660.9% |
| 8 | नारद राम शास्त्री निर्दलीय | निर्दलीय | 4320.5% |
| 9 | लाल जी SSD | SSD | 1900.2% |
| 10 | भारती | 1430.2% |
ज़मानत ज़ब्त: उम्मीदवार को कुल वैध वोटों के छठे हिस्से से कम वोट मिले, इसलिए जन प्रतिनिधित्व अधिनियम 1951 की धारा 158 के तहत उसकी ज़मानत राशि ज़ब्त हो जाती है।
परिणाम पूरे हैं; इस सीट के चुनावी हलफ़नामों की जानकारी अभी उपलब्ध नहीं है।
नज़दीकी मुक़ाबला, कई दलों में बँटा मुक़ाबला।
यह सीट कितनी पक्की है?
जीत का अंतर, कुल वोटों के प्रतिशत में
कितने लोगों ने वोट डाला?
पंजीकृत मतदाताओं में से
मुक़ाबले में असल में कितने दल थे?
सबसे आगे के तीन दलों को 77% वोट मिले।
मुक़ाबले में दलों की प्रभावी संख्या 4.52 दलों की प्रभावी संख्या — यह हर दल को उसके मतों के हिस्से के हिसाब से गिनती है।
सदन में किसके पास कितनी सीटें?
वोट किस तरह बँटे?
यह सीट नंबर 2012 से दोबारा इस्तेमाल हुआ है। हमारे पास मौजूद ज़िले के आँकड़े इस सीट को 2012 से लड़ी गई सीट मानते हैं, इसलिए पहले के चुनावों के लिए ये नहीं दिखाए जाते।
राज्य के आँकड़े पूछें
RBI 2024-25ये आँकड़े पूरे राज्य के हैं, इस सीट के नहीं।
चन्दौली से कौन जीता, 1974–1996
BJP ने यह सीट JD से छीन ली, जिसने इसे 1989 में जीता था; इस सीट के रिकॉर्ड में, जो 1974 से शुरू होता है, यह BJP की पहली जीत थी। 1974 से अब तक यहाँ के किसी भी चुनाव में यह सबसे कड़ा मुक़ाबला था। मतदान प्रतिशत 1989 के 46.8% से घटकर 40.7% रह गया। इसके बाद 1993 के चुनाव में यह सीट BSP ने जीती।
- 1974राम प्यारे (BKD), जीत का अंतर 4.0%
- 1977राम प्यारे (JNP), जीत का अंतर 2.2%
- 1980शंकथा प्रसाद शास्त्री (INC(I)), जीत का अंतर 27.3%
- 1985संकठा प्रसाद (INC), जीत का अंतर 47.5%
- 1989छन्नु लाल (JD), जीत का अंतर 24.4%
- 1991शिव पूजन राम (BJP), जीत का अंतर 0.3%
- 1993दिना नाथ भास्कर (BSP), जीत का अंतर 1.4%
- 1996शिव पूजन राम (BJP), जीत का अंतर 4.7%