सियरविधान सभा चुनाव का परिणाम, 1991
हरि नारायण (BJP) ने 1991 के विधान सभा चुनाव में 26.9% वोट पाकर सियर सीट जीती और शारदा नन्द अंचल (JP) को 1,437 वोटों से हराया।
1974 के चुनाव से पहले सीटों की सीमाएँ नए सिरे से तय की गईं। 1969 में सीट नंबर 222 लालगंज थी। उत्तराखंड के अलग राज्य बनने के बाद, 2002 के चुनाव के लिए सीटों के नंबर बदले गए। 2002 से सीट नंबर 222 चन्दौली है। इस इलाक़े के पहले के परिणामों के लिए सीट का इतिहास देखें।
विजेता
सियर का फ़ैसला सिर्फ़ 1.6% के बेहद मामूली अंतर से हुआ — विजेता और दूसरे नंबर पर रहे उम्मीदवार के बीच 1,437 से भी कम वोटों का फ़ासला था।
सीट का इतिहास
सभी उम्मीदवार
18 उम्मीदवार| # | उम्मीदवार | पार्टी | मिले वोट · %मतों का हिस्सा |
|---|---|---|---|
| 1 | हरि नारायण | 24,50626.9% | |
| 2 | शारदा नन्द अंचल JP | JP | 23,06925.3% |
| 3 | घूरा | 17,56919.3% | |
| 4 | मतलूब अख्तर जनता दल | जनता दल | 13,12614.4% |
| 5 | फ़फ़ीउल्लाह | 6,5137.1% | |
| 6 | छेदी चौहान निर्दलीय | निर्दलीय | 2,0972.3% |
| 7 | बब्बन सिंह निर्दलीय | निर्दलीय | 1,1161.2% |
| 8 | देवा नन्द निर्दलीय | निर्दलीय | 6320.7% |
| 9 | सुबचन निर्दलीय | निर्दलीय | 5990.7% |
| 10 | ललन मौर्य निर्दलीय | निर्दलीय | 3410.4% |
| 11 | बली राम राव निर्दलीय | निर्दलीय | 3230.3% |
| 12 | पारस नाथ पाण्डेय निर्दलीय | निर्दलीय | 2770.3% |
| 13 | हरीश निर्दलीय | निर्दलीय | 2710.3% |
| 14 | लालजी प्रसाद मौर्य निर्दलीय | निर्दलीय | 2440.3% |
| 15 | सदाफल भारद्वाज | 1620.2% | |
| 16 | लालू दास निर्दलीय | निर्दलीय | 1410.1% |
| 17 | परमानन्द प्रसाद ABJS | ABJS | 1370.1% |
| 18 | इन्द्र देव निर्दलीय | निर्दलीय | 1220.1% |
ज़मानत ज़ब्त: उम्मीदवार को कुल वैध वोटों के छठे हिस्से से कम वोट मिले, इसलिए जन प्रतिनिधित्व अधिनियम 1951 की धारा 158 के तहत उसकी ज़मानत राशि ज़ब्त हो जाती है।
परिणाम पूरे हैं; इस सीट के चुनावी हलफ़नामों की जानकारी अभी उपलब्ध नहीं है।
नज़दीकी मुक़ाबला, कई दलों में बँटा मुक़ाबला।
यह सीट कितनी पक्की है?
जीत का अंतर, कुल वोटों के प्रतिशत में
कितने लोगों ने वोट डाला?
पंजीकृत मतदाताओं में से
मुक़ाबले में असल में कितने दल थे?
सबसे आगे के तीन दलों को 71% वोट मिले।
मुक़ाबले में दलों की प्रभावी संख्या 5.01 दलों की प्रभावी संख्या — यह हर दल को उसके मतों के हिस्से के हिसाब से गिनती है।
सदन में किसके पास कितनी सीटें?
वोट किस तरह बँटे?
यह सीट नंबर 2012 से दोबारा इस्तेमाल हुआ है। हमारे पास मौजूद ज़िले के आँकड़े इस सीट को 2012 से लड़ी गई सीट मानते हैं, इसलिए पहले के चुनावों के लिए ये नहीं दिखाए जाते।
राज्य के आँकड़े पूछें
RBI 2024-25ये आँकड़े पूरे राज्य के हैं, इस सीट के नहीं।
सियर से कौन जीता, 1974–1996
BJP ने यह सीट JD से छीन ली, जिसने इसे 1989 में जीता था; इस सीट के रिकॉर्ड में, जो 1974 से शुरू होता है, यह BJP की पहली जीत थी। 1974 से अब तक यहाँ के किसी भी चुनाव में यह सबसे कड़ा मुक़ाबला था। मतदान प्रतिशत लगभग 1989 जितना ही रहा: 51.1%। इसके बाद 1993 के चुनाव में यह सीट SP ने जीती।
- 1974रफ़ीउल्ला (INC), जीत का अंतर 10.9%
- 1977रफ़ीउल्ला (JNP), जीत का अंतर 3.9%
- 1980बब्बन सिंह (INC(I)), जीत का अंतर 15.3%
- 1985शारदानंद अंचल (LKD), जीत का अंतर 3.8%
- 1989शारदा नन्द अंचल (JD), जीत का अंतर 9.6%
- 1991हरि नारायण (BJP), जीत का अंतर 1.6%
- 1993शारदानंद अंचल (SP), जीत का अंतर 15.7%
- 1996हरिनारायण (BJP), जीत का अंतर 10.0%