सरायमीरविधान सभा चुनाव का परिणाम, 1991
पति राज (BJP) ने 1991 के विधान सभा चुनाव में 24.5% वोट पाकर सरायमीर सीट जीती और जगनहु राम (JD) को 27 वोटों से हराया।
1974 के चुनाव से पहले सीटों की सीमाएँ नए सिरे से तय की गईं। 1969 में सीट नंबर 215 गोपालपुर थी। उत्तराखंड के अलग राज्य बनने के बाद, 2002 के चुनाव के लिए सीटों के नंबर बदले गए। 2002 से सीट नंबर 215 दिलदारनगर है। इस इलाक़े के पहले के परिणामों के लिए सीट का इतिहास देखें।
विजेता
सरायमीर का फ़ैसला सिर्फ़ 0.0% के बेहद मामूली अंतर से हुआ — विजेता और दूसरे नंबर पर रहे उम्मीदवार के बीच 27 से भी कम वोटों का फ़ासला था।
सीट का इतिहास
सभी उम्मीदवार
21 उम्मीदवार| # | उम्मीदवार | पार्टी | मिले वोट · %मतों का हिस्सा |
|---|---|---|---|
| 1 | पति राज | 21,82624.5% | |
| 2 | जगनहु राम जनता दल | जनता दल | 21,79924.4% |
| 3 | दया राम भास्कर | 15,48817.4% | |
| 4 | भीखा राम | 11,68913.1% | |
| 5 | हेम राज JP | JP | 8,2039.2% |
| 6 | भोला वाम दल | वाम दल | 5,0905.7% |
| 7 | जिया लाल निर्दलीय | निर्दलीय | 7350.8% |
| 8 | शकालू निर्दलीय | निर्दलीय | 6980.8% |
| 9 | तीर्थ राज निर्दलीय | निर्दलीय | 6230.7% |
| 10 | झिनकू निर्दलीय | निर्दलीय | 4590.5% |
| 11 | छोटे लाल निर्भय निर्दलीय | निर्दलीय | 3950.4% |
| 12 | राम किशुन निर्दलीय | निर्दलीय | 3840.4% |
| 13 | राम बचन निर्दलीय | निर्दलीय | 3370.4% |
| 14 | फेकू निर्दलीय | निर्दलीय | 2560.3% |
| 15 | भरत निर्दलीय | निर्दलीय | 2220.3% |
| 16 | पंचम निर्दलीय | निर्दलीय | 2190.3% |
| 17 | राम देव भारती निर्दलीय | निर्दलीय | 2030.2% |
| 18 | बाबू नन्दन निर्दलीय | निर्दलीय | 2010.2% |
| 19 | शम्भू नाथ निर्दलीय | निर्दलीय | 1320.1% |
| 20 | अवधू निर्दलीय | निर्दलीय | 1070.1% |
| 21 | कपुर चन्द निर्दलीय | निर्दलीय | 1020.1% |
ज़मानत ज़ब्त: उम्मीदवार को कुल वैध वोटों के छठे हिस्से से कम वोट मिले, इसलिए जन प्रतिनिधित्व अधिनियम 1951 की धारा 158 के तहत उसकी ज़मानत राशि ज़ब्त हो जाती है।
परिणाम पूरे हैं; इस सीट के चुनावी हलफ़नामों की जानकारी अभी उपलब्ध नहीं है।
नज़दीकी मुक़ाबला, कई दलों में बँटा मुक़ाबला।
यह सीट कितनी पक्की है?
जीत का अंतर, कुल वोटों के प्रतिशत में
कितने लोगों ने वोट डाला?
पंजीकृत मतदाताओं में से
मुक़ाबले में असल में कितने दल थे?
सबसे आगे के तीन दलों को 66% वोट मिले।
मुक़ाबले में दलों की प्रभावी संख्या 5.58 दलों की प्रभावी संख्या — यह हर दल को उसके मतों के हिस्से के हिसाब से गिनती है।
सदन में किसके पास कितनी सीटें?
वोट किस तरह बँटे?
यह सीट नंबर 2012 से दोबारा इस्तेमाल हुआ है। हमारे पास मौजूद ज़िले के आँकड़े इस सीट को 2012 से लड़ी गई सीट मानते हैं, इसलिए पहले के चुनावों के लिए ये नहीं दिखाए जाते।
राज्य के आँकड़े पूछें
RBI 2024-25ये आँकड़े पूरे राज्य के हैं, इस सीट के नहीं।
सरायमीर से कौन जीता, 1974–1996
BJP ने यह सीट BSP से छीन ली, जिसने इसे 1989 में जीता था; इस सीट के रिकॉर्ड में, जो 1974 से शुरू होता है, यह BJP की पहली जीत थी। 1974 से अब तक यहाँ के किसी भी चुनाव में यह सबसे कड़ा मुक़ाबला था। मतदान प्रतिशत 1989 के 38.7% से बढ़कर 43.2% हो गया। इसके बाद 1993 के चुनाव में यह सीट BSP ने जीती।
- 1974दया राम भास्कर (BKD), जीत का अंतर 10.6%
- 1977दया राम भास्कर (JNP), जीत का अंतर 9.1%
- 1980लालसा (INC(I)), जीत का अंतर 12.3%
- 1985भीखा राम (INC), जीत का अंतर 11.9%
- 1989दयाराम भास्कर (BSP), जीत का अंतर 4.9%
- 1991पति राज (BJP), जीत का अंतर 0.0%
- 1993समाई (BSP), जीत का अंतर 17.0%
- 1996हीरा लाल (BSP), जीत का अंतर 7.5%